33 मिनट पहलेलेखक: अभय पांडेय
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अक्टूबर 2011 में ‘पगड़ी रस्म’ के जरिए सैफ अली खान को हरियाणा की पटौदी रियासत का 10वां नवाब घोषित किया गया था।
90 का दशक था। मुंबई की सड़क पर दो गाड़ियां अचानक आमने-सामने आ गईं। एक कार में एक युवा एक्टर अपनी पार्टनर और दोस्त के साथ बैठा था। तभी दूसरी कार के ड्राइवर ने अचानक गलत मोड़ ले लिया। एक्टर ने उसे गुस्से में इशारा किया।
बात इतनी बढ़ी कि दोनों गाड़ियों के लोग सड़क पर उतर आए। कुछ ही देर में सड़क पर हाथापाई शुरू हो गई। लड़ाई के दौरान दोनों ने गुस्से में एक-दूसरे को दांतों से काट लिया, लेकिन इसके बाद जो हुआ, वह किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था। कुछ देर पहले तक एक-दूसरे से भिड़ रहे दोनों लोग अचानक हंसने लगे और फिर एक-दूसरे को गले लगा लिया।
यह युवा एक्टर कोई और नहीं, बल्कि सैफ अली खान थे। आज उनके 56वें जन्मदिन पर जानते हैं उनकी जिंदगी से जुड़े कुछ ऐसे अनसुने किस्से…
मां शूटिंग में व्यस्त थीं, पड़ोसन बनीं ‘दूसरी मां’
सैफ अली खान का बचपन किसी आम स्टारकिड जैसा नहीं था। पिता मंसूर अली खान पटौदी भारतीय क्रिकेट के बड़े नाम थे और मां शर्मिला टैगोर हिंदी सिनेमा की मशहूर अभिनेत्री, लेकिन सैफ के बचपन का एक ऐसा दौर भी रहा, जब उनकी मां चाहकर भी उनके साथ उतना वक्त नहीं बिता पाती थीं, जितना एक मां अपने बच्चे के साथ बिताना चाहती है।
सैफ के जन्म के बाद के कुछ सालों में शर्मिला अपने करियर के बेहद व्यस्त दौर में थीं। वह दिन में दो-दो शिफ्ट में काम करती थीं। एक शिफ्ट सुबह 7 बजे से दोपहर 2 बजे तक और दूसरी दोपहर 2 बजे से रात 10 बजे तक चलती थी।
लेकिन शर्मिला यह भी मानती हैं कि सैफ की परवरिश में वह अकेली नहीं थीं। उनके पति मंसूर अली खान पटौदी और आसपास के लोगों ने इस दौरान उनका साथ दिया।
इसी दौरान सैफ की जिंदगी में एक ऐसी महिला आईं, जिन्होंने मां की गैरमौजूदगी को काफी हद तक पूरा किया। उनका नाम था सुनीता गोस्वामी।
सुनीता सिर्फ सैफ की पड़ोसी ही नहीं थीं, बल्कि वह उनके स्कूल में पढ़ाती भी थीं। शर्मिला ने DNA को दिए इंटरव्यू में बताया था कि सुनीता उस समय सैफ के स्कूल ‘सैफी महल’ में टीचर थीं।
सुनीता अपने पति जतिन गोस्वामी के साथ सैफ का खूब ख्याल रखती थीं। शर्मिला ने बताया था कि वह सैफ की जिंदगी के जरूरी पड़ावों पर मौजूद रहती थीं, लेकिन बच्चे की रोजमर्रा की जरूरतों और छोटी-छोटी चीजों के लिए वह सुनीता और उनके परिवार की मदद पर काफी निर्भर थीं।
इसी वजह से शर्मिला ने सुनीता को सिर्फ पड़ोसी या स्कूल टीचर नहीं माना, बल्कि सैफ की ‘दूसरी मां’ तक कहा।

शर्मिला टैगोर ने बताया था कि सैफ के बचपन के शुरुआती सालों में वह उनके लिए उतनी मौजूद नहीं रह पाईं, जितनी बाद में अपनी बेटियों सोहा और सबा के लिए थीं।

नवाब खानदान के सैफ DTC बस पकड़कर ऑफिस जाते थे
सैफ अली खान का जन्म भले ही पटौदी के नवाब खानदान में हुआ था, लेकिन फिल्मों में आने से पहले उनकी जिंदगी किसी शाही राजकुमार जैसी नहीं थी। स्कूल खत्म करने के बाद सैफ ने दिल्ली की एक विज्ञापन एजेंसी में करीब दो महीने काम किया।
दिलचस्प बात यह थी कि उस वक्त सैफ के पिता मंसूर अली खान पटौदी उन्हें शाही ठाठ-बाट में ऑफिस भेजने के बजाय DTC बस से काम पर जाने देते थे।
इंडिया टुडे की पुरानी रिपोर्ट के अनुसार, सैफ के पिता उन्हें बस से ऑफिस भेजते थे और खर्च के लिए सिर्फ 200 रुपए हफ्ते की पॉकेट मनी देते थे।

सैफ अली खान के पिता मंसूर अली खान पटौदी (‘टाइगर’ पटौदी) ने अपने अंतरराष्ट्रीय टेस्ट करियर में कुल 46 टेस्ट मैच खेले थे।
सैफ अली खान जब दिल्ली में विज्ञापन एजेंसी में काम कर रहे थे। इसी दौरान एक फैमिली फ्रेंड ने उन्हें ‘ग्वालियर सूटिंग्स’ के एक टीवी विज्ञापन में काम करने का सुझाव दिया। सैफ ने विज्ञापन किया। विज्ञापन में सैफ के लुक और व्यक्तित्व ने निर्देशक आनंद महेंद्रू का ध्यान खींचा। उन्होंने सैफ को अपनी फिल्म में मुख्य भूमिका देने का फैसला किया।
फिल्म में काम करने का मौका मिलने के बाद उन्होंने दिल्ली छोड़कर मुंबई जाने का फैसला कर लिया। उन्हें लगा कि अब शायद फिल्मों में अपना करियर शुरू करने का रास्ता मिल गया है।
लेकिन मुंबई पहुंचने के बाद कहानी ने अचानक करवट ले ली। जिस फिल्म के लिए सैफ को साइन किया गया था, वह बन ही नहीं पाई और प्रोजेक्ट बंद हो गया।

फिल्म ‘बेखुदी’ से सैफ को निकाला गया था
आनंद महेंद्रू की फिल्म बंद होने के बाद सैफ अली खान को राहुल रवैल की फिल्म ‘बेखुदी’ से लॉन्च किया जाना था। फिल्म में उनके साथ काजोल थीं, लेकिन फिल्म पूरी होने से पहले ही सैफ को प्रोजेक्ट से हटा दिया गया था।
सैफ ने कई इंटरव्यू में बताया था कि उन्हें अपनी पर्सनल लाइफ और फिल्म के बीच चुनना था। इस घटना के बाद लंबे समय तक यह चर्चा रही कि सैफ को उनकी गर्लफ्रेंड अमृता सिंह की वजह से फिल्म से निकाला गया था।
हालांकि, 2026 में डायरेक्टर राहुल रवैल ने इस बात को गलत बताया। उनके मुताबिक, सैफ को फिल्म से अमृता सिंह की वजह से नहीं, बल्कि शूटिंग के प्रति उनके डिसिप्लिन और सीरियसनेस की कमी की वजह से हटाया गया था। रवैल ने कहा कि सैफ शूटिंग के लिए टाइम पर नहीं आते थे और उनके कमिटमेंट में दिक्कतें थीं।

फिल्म ‘बेखुदी’ में सैफ अली खान को एक्टर कमल सदाना को रिप्लेस किया था।
‘ओमकारा’ में न्यूड होकर सीन करने को कहा गया था
सैफ अली खान के करियर में ‘ओमकारा’ बहुत खास फिल्म थी। एक एक्टर के तौर पर उनकी एक्टिंग की तारीफ भी हुई। सैफ ने इस किरदार के लिए मेहनत भी की थी, क्योंकि इस रोल के लिए उन्हें पश्चिमी उत्तर प्रदेश की बोली सीखनी थी। शूटिंग से पहले उन्होंने भाषा पर मेहनत की।
यहां तक कि उस समय जब वह छुट्टी मनाने मालदीव गए थे, तब छुट्टी के दौरान भी उनके हाथ में ‘ओमकारा’ की स्क्रिप्ट थी। लोग समुद्र किनारे छुट्टी मना रहे थे और सैफ छाते के नीचे बैठकर डायलॉग याद कर रहे थे। सैफ ने खुद बताया था कि वह मालदीव में छाते के नीचे बैठकर स्क्रिप्ट पढ़ते और लगातार प्रैक्टिस करते थे।
हॉलीवुड रिपोर्टर को दिए इंटरव्यू में सैफ ने यह भी बताया था कि फिल्म ओमकारा में बिल्कुल अलग इंसान का किरदार निभाने का मौका मिला। इस बदलाव के लिए सैफ ने अपना मशहूर लुक तक छोड़ दिया और किरदार के मुताबिक बाल कटवाए और मेकअप कराया।
सैफ के लिए यह आसान फैसला नहीं था। उनकी मां शर्मिला टैगोर ने भी उन्हें सावधान किया था। उन्होंने सैफ से पूछा था कि उम्मीद है निर्देशक समझदार और अच्छा फिल्ममेकर होगा, क्योंकि कुछ निर्देशक सिर्फ अलग दिखाने के लिए कलाकार का लुक बदल देते हैं।
फिल्म की शूटिंग के दौरान एक और दिलचस्प वाकया हुआ। एक सीन में उन्हें आईने के सामने लंबा डायलॉग बोलना था। तभी डायरेक्टर विशाल भारद्वाज ने उनसे पूछा- क्या तुम यह सीन न्यूड होकर करोगे? विशाल का आइडिया था कि सैफ को पीछे से सिल्हूट (परछाईं दिखाई दे) में दिखाया जाए, जिससे सीन ज्यादा रहस्यमय और डरावना लगे।

सैफ अली खान का ‘लंगड़ा त्यागी’ किरदार विलियम शेक्सपियर के प्रसिद्ध नाटक ‘ओथेलो’ के खलनायक ‘इयागो’ पर आधारित है।
सैफ ने बताया था कि सेट पर काफी लोग मौजूद थे, इसलिए वह थोड़ा झिझक गए। उन्होंने मजाक में विशाल से कहा- “देखिए, अगर आप मुझे न्यूड होकर डायरेक्ट करेंगे, तो मैं यह कर लूंगा।” विशाल ने तुरंत मना कर दिया और दोनों के बीच यह बात मजाक में खत्म हो गई।
सैफ ने बाद में कहा कि अब पीछे मुड़कर देखते हैं तो उन्हें लगता है कि शायद वह सीन कर लेना चाहिए था, क्योंकि सिल्हूट में वह और भी डरावना दिख सकता था।
अमृता सिंह से शादी से पहले मां ने कहा था- मत करना
सैफ अली खान की पहली शादी अमृता सिंह से हुई थी। शादी के समय सैफ की उम्र करीब 21 साल थी और अमृता की उम्र 33 साल थी। दोनों की आयु में 12 साल का अंतर था।
सैफ और अमृता की लव स्टोरी की बात करें तो दोनों की पहली मुलाकात उस वक्त हुई, जब एक फोटोशूट के लिए कई कलाकारों को बुलाया गया था।
अमृता उस समय इंडस्ट्री की बड़ी स्टार थीं, जबकि सैफ अपने करियर की शुरुआत कर रहे थे। फोटोशूट के दौरान सैफ ने सहज अंदाज में अमृता के कंधे पर हाथ रख दिया। अमृता को उनका यह अंदाज कुछ ऐसा लगा कि उन्होंने उन्हें गौर से देखा। हालांकि उस वक्त दोनों के मन में प्यार जैसा कुछ नहीं था।

सैफ अली खान और अमृता सिंह की शादी अक्टूबर 1991 में हुई थी।
इसके बाद दोनों के बीच बातचीत और नजदीकी बढ़ी। एक दिन सैफ अमृता के घर पर थे और उनको शूटिंग पर जाना था, लेकिन उनके पास पैसे नहीं थे। उन्होंने अमृता से 100 रुपए मांगे। अमृता ने अपनी कार उन्हें दे दी। बाद में उन्होंने स्वीकार किया कि कार देने की एक वजह यह भी थी कि सैफ कार लौटाने के बहाने दोबारा उनके पास आएं।
इसके बाद दोनों का रिश्ता सीरियस होता गया। करीब तीन महीने की डेटिंग के बाद दोनों ने शादी का फैसला कर लिया। दिलचस्प बात यह थी कि उन्होंने शादी से सिर्फ दो दिन पहले यह निर्णय लिया।
वहीं सैफ ने बताया था कि शादी से एक दिन पहले उनकी मां शर्मिला टैगोर ने उनसे कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि वह अपने रिश्ते में खुश हैं, लेकिन सब ठीक है, और मुझे उम्मीद है कि तुम अपने रिश्ते में खुश हो, बस शादी मत करना।” हालांकि, इसके बावजूद सैफ ने अपने दिल की सुनी और अमृता से शादी कर ली।
वहीं, लगभग 13 साल तक साथ रहने के बाद सैफ और अमृता का रिश्ता साल 2004 में तलाक के साथ खत्म हो गया। वहीं सैफ अली खान ने साल 2012 में अभिनेत्री करीना कपूर से दूसरी शादी की।
किडनैप होने पर सैफ से सबसे आखिरी में मदद लेंगी प्रीति
26 दिसंबर 2004 को हिंद महासागर में आई विनाशकारी सुनामी ने कई देशों में तबाही मचा दी थी। उस वक्त बॉलीवुड एक्ट्रेस प्रीति जिंटा भी थाईलैंड के फुकेट में मौजूद थीं।
साल 2018 में इंडिया टुडे को इस घटना को लेकर प्रीति ने बताया था कि इस हादसे में प्रीति ने अपने कई करीबी दोस्तों को खो दिया। उन्होंने बाद में कहा था कि उनके ग्रुप में वह अकेली थीं जो जिंदा बचीं।

सैफ और प्रीति ने क्या कहना है (2000), दिल चाहता है (2001), कल हो ना हो (2003) और सलाम नमस्ते (2005) जैसी कई फिल्मों में साथ काम किया है।
वहीं, शो ‘कॉफी विद करण’ (सीजन 2) में जब करण जौहर ने प्रीति से पूछा कि यदि आपका किडनैप हो जाए, तो फिल्म इंडस्ट्री का वह आखिरी इंसान कौन होगा जिसे आप मदद के लिए फोन करेंगी? इसके जवाब में प्रीति जिंटा ने सैफ का नाम लिया था।
वजह बताते हुए प्रीति ने कहा था कि जब वह सुनामी की भयावह स्थिति से गुजर रही थीं, तब सैफ ने उन्हें मैसेज भेजकर पूछा था- हे पीजे, पानी के अंदर हो क्या?
असफलता के डर से नहीं लगाया पटौदी सरनेम पटौदी रियासत से होने के बाद सैफ अली खान ने फिल्मों में आने के बाद अपने नाम के साथ ‘पटौदी’ नाम नहीं लगाया।
जूम को दिए इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि जब वह अपनी पहली फिल्म कर रहे थे, तब उनसे पूछा गया कि वह अपना स्क्रीन नेम क्या रखना चाहते हैं?
तब सैफ ने अपने नाम पर पटौदी नहीं लगाया। उनके दिमाग में एक बात थी कि अगर फिल्मी करियर में वह नाकाम रहे, तो इसका असर उनके परिवार के नाम पर नहीं पड़ना चाहिए।
सैफ ने इसी सोच के साथ अपना नाम सैफ अली खान रखने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि अगर उन्होंने इंडस्ट्री में गड़बड़ कर दी या असफल हो गए, तो वह अपने परिवार के नाम पर कीचड़ नहीं उछालना चाहते थे।

बीच सड़क सैफ ने शख्स का दांत काटा था
सैफ अली खान की जिंदगी से जुड़ा एक किस्सा उनके दोस्त और एक्टर कमल सदाना ने सिद्धार्थ कन्नन को दिए इंटरव्यू में बताया था।
कमल सदाना के मुताबिक, सैफ और अमृता सिंह के साथ वह कहीं से लौट रहे थे। गाड़ी चल रही थी। तभी एक दूसरी कार ने अचानक गलत मोड़ ले लिया। सैफ को गुस्सा आया और उन्होंने ड्राइवर को इशारा कर दिया।

सैफ अली खान, अमृता सिंह, कमल सदाना और नवनीत निशान की पुरानी तस्वीर।
इसके बाद दोनों गाड़ियों से बाहर निकले और सड़क पर भिड़ गए। कमल और अमृता कार के बोनट पर बैठकर ये पूरी घटना देख रहे थे। लड़ाई के दौरान दोनों ने गुस्से में एक-दूसरे को दांतों से काट लिया, लेकिन किस्सा यहीं खत्म नहीं हुआ। कुछ देर बाद दोनों अचानक हंसने लगे और एक-दूसरे को गले लगा लिया। इसके बाद सैफ सीधे अस्पताल पहुंचे और टिटनेस का इंजेक्शन लगवाया।

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90 का दशक। मुंबई में अंडरवर्ल्ड का खौफ ऐसा था कि बड़े-बड़े कारोबारी और फिल्म स्टार भी धमकी भरे फोन से घबरा जाते थे। इसी दौर में एक बॉलीवुड एक्टर को भी लगातार धमकी वाले फोन आ रहे थे। करीब डेढ़ साल तक धमकियों का सिलसिला चलता रहा, लेकिन एक दिन बात हद से आगे बढ़ गई। पूरी खबर यहां पढ़ें…

