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20 लाख को लोगों को कैसे मिलेंगे ₹25 हजार करोड़?:आदर्श क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी घोटाला; कितने पैसे मिलेंगे और कब…जैसे 16 सवालों के जवाब




राजस्थान के सिरोही के टैक्सी ड्राइवर और कैसेट रिकॉर्डिंग करने वाले 2 भाइयों ने आदर्श क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी बनाकर 20 लाख इन्वेस्टर के 14 हजार 800 करोड़ रुपए हड़प लिए थे। 8 साल से अपनी जमा पूंजी पाने का इंतजार कर रहे 20 लाख लोगों को अब उम्मीद की किरण दिखी है। राजस्थान हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्य न्यायाधीश (CJI) संजीव खन्ना की अध्यक्षता में एक कमेटी बना दी है। ये कमेटी जल्द से जल्द निवेशकों को पैसा दिलाने के लिए काम करेगी। आदर्श क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी की संपत्तियों को बेचने और निवेशकों को पैसा लौटाने की पूरी प्रक्रिया की मॉनिटरिंग करेगी। हाईकोर्ट में 24 अगस्त को सुनवाई है। 20 लाख निवेशकों के मन में सवाल है कि उनके 25,000 करोड़ रुपए (मूलधन+ब्याज) कब और कैसे मिलेंगे? इसके लिए उन्हें क्या करना होगा। दैनिक भास्कर ने हाईकोर्ट के सीनियर एडवोकेट राजेश जोशी से बात कर उन सवालों के जवाब तलाशे, जो पीड़ित जानना चाहते हैं… सवाल : मेरे रुपए कब तक मिल सकते हैं? जवाब : अभी कोर्ट ने कोई स्पेसिफिक टाइमलाइन नहीं दी है, लेकिन कई सालों से जो डेडलाॅक था, वो इस आदेश के बाद खत्म हुआ है। अब इसके लिए प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। क्या लिटिगेशन, कॉम्प्लिकेशन आते हैं? कब तक प्रॉपर्टी लिक्विडेटर को प्राप्त होती है। उसके बाद ऑक्शन की प्रक्रिया होगी। सवाल : पूरा पैसा (मूलधन+ब्याज) मिलेगा या सिर्फ आंशिक? जवाब : संपत्ति बेचकर पैसा आएगा, वह सबके बीच उनके जमा के हिसाब से बराबर अनुपात में बांटा जाएगा। छोटे निवेशकों को प्राथमिकता देंगे। कोई और क्रेडिटर्स, जिनका सोसायटी पर कर्ज है तो उनका भी पहले हक होगा। सवाल : पहले चरण में कितना पैसा मिलेगा ? जवाब : पैसा एक साथ या तय चरणों में नहीं मिलेगा। जैसे-जैसे संपत्तियां बिकेंगी और पैसा आएगा, उसी हिसाब से निवेशकों को दिया जाएगा। सवाल : रुपए बैंक अकाउंट में आएंगे या कोई और तरीके से मिलेंगे? जवाब : उच्च स्तरीय कमेटी बनाई गई है। पैसे देने की प्रक्रिया कमेटी ही डिसाइड करेगी। सामान्य तौर से देखें तो पैसा बैंक अकाउंट में ही मिलेगा। इसके लिए भी जांच होगी। आदर्श क्रेडिट में आपके डिपॉजिट का अकाउंट स्टेटमेंट चेक होगा। पैसा बैंक-टू-बैंक ट्रांजैक्शन के जरिए मिलेगा। सवाल : सहारा कंपनी जैसी प्रक्रिया होगी क्या? वहां कैसे मिला था पैसा? जवाब : सहारा का उदाहरण अभी तक इस मामले पर लागू नहीं होता। इसमें अभी कोर्ट ने कमेटी बनाई है। अब कमेटी ही तय करेगी कि कौन-सा विकल्प बेहतर रहेगा। सवाल : कौन-कौन से दस्तावेज तैयार रखने होंगे? मुझे क्या करना चाहिए ताकि मेरा क्लेम मजबूत रहे? जवाब : ये अभी तय नहीं है। कमेटी जो दस्तावेज मांगेगी, वही आपको जमा करने होंगे। क्लेम मजबूत करने के लिए आदर्श क्रेडिट सोसायटी का अकाउंट स्टेटमेंट, आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक अकाउंट डिटेल्स के दस्तावेज देने होंगे। सवाल : ऑनलाइन पोर्टल कब खुलेगा और उस पर कैसे अप्लाई करेंगे? जवाब : पोर्टल खुलेगा, तब कोर्ट के आदेश से कमेटी उसके सभी निर्देश जारी करेगी। सवाल : आवेदन रिजेक्ट हो जाए तो क्या करना होगा ? जवाब : मेरिट के आधार पर देखा जाएगा कि किस ग्राउंड पर रिजेक्ट होता है। अगर आप क्लेम साबित नहीं कर पाएंगे तो वह रिजेक्ट हो जाएगा। सवाल : 24 अगस्त को हाईकोर्ट में सुनवाई में क्या होने वाला है? जवाब : सबसे पहले कोर्ट एग्जामिन करेगा कि कमेटी ने क्या काम किया है। दूसरा, कोर्ट पहले यह रियलाइज करेगा कि प्रॉपर्टीज के लिए PMLA कोर्ट ने कोई आदेश पारित किया है या नहीं? जब तक PMLA कोर्ट आदेश पारित नहीं करेगा, प्रॉपर्टीज लिक्विडेटर के पास नहीं आएंगी और जब तक प्रॉपर्टीज नहीं आएंगी, आगे की कार्रवाई नहीं होगी। सवाल : पूर्व CJI संजीव खन्ना वाली कमेटी क्या करेगी और उससे मुझे क्या फायदा? जवाब : कमेटी मॉनिटरिंग करेगी। सुझाव देकर सुनिश्चित करेगी कि ऑक्शन से ज्यादा से ज्यादा रकम मिले। पारदर्शिता हो और इसके बाद जो क्लेम दिए गए हैं, उनका भुगतान असली लोगों को मिले। सवाल : प्रॉपर्टी बेचने से कितना पैसा निकलेगा और वो कब बिकेगी? जवाब : कोर्ट में लिक्विडेटर ने जो आंकड़ा दिया है, उसके अनुसार ये प्रॉपर्टीज DLC रेट के हिसाब से करीब 4-5 हजार करोड़ की है, लेकिन नीलामी में इनकी बाजार कीमत ज्यादा आने की उम्मीद है। कमेटी भी यही देखेगी कि ज्यादा से ज्यादा मार्केट वैल्यू के हिसाब से ही रुपए मिलें। सवाल : मुझे स्थानीय वकील की जरूरत पड़ेगी या पोर्टल पर खुद अप्लाई कर सकता हूं? जवाब : वकील की जरूरत नहीं पड़ेगी। सीधा कमेटी से संपर्क करें या फिर कमेटी जो भी प्रक्रिया तय करेगी, उसी अनुसार अप्लाई करना है। किसी दलाल के झांसे में भी न आएं, जो पैसे दिलाने का झांसा देते हैं। सवाल : अगर निवेशक की मौत हो गई हो तो? जवाब : निवेशक ने आदर्श क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी के अकाउंट में नॉमिनी दर्ज करा रखा है तो वही व्यक्ति क्लेम कर सकेगा। अगर नॉमिनी नहीं है तो वारिस को सक्सेशन सर्टिफिकेट (उत्तराधिकार प्रमाण पत्र) बनवाना पड़ेगा। सवाल : राजस्थान के बाहर के निवेशकों के लिए भी यही प्रक्रिया लागू होगी? जवाब : हां। सवाल : छोटी जमा राशि वाले लोगों को प्राथमिकता मिलेगी क्या? जवाब : ऑर्डर से साफ रिफ्लेक्ट हो रहा है कि कोर्ट की चिंता छोटे इन्वेस्टरों के लिए ही ज्यादा थी। कोर्ट का मानना है कि करीब 75 फीसदी जो छोटे इन्वेस्टर हैं, बतौर लिक्विडेटर जिनका 1800 करोड़ रुपए जमा हैं, उनको जल्द ही उनके रुपए दिए जाएं। सवाल : अपडेट कहां से चेक करना चाहिए, ताकि कोई अपडेट छूट न जाए? जवाब : ये कोर्ट के आदेश से कमेटी ही तय करेगी। अपडेट को लेकर भी कोई पोर्टल, पब्लिक नोटिस या और कोई दूसरा तरीका, जो भी उन्हें उचित लगेगा, अपनाएंगे। ASG बोले- कोर्ट के फैसले का इंतजार करना होगा
भास्कर ने मामले में केंद्र सरकार की तरफ से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) भरत व्यास से भी बात की। उन्होंने माना कि यह बहुत बड़े स्तर का घोटाला है। केंद्र सरकार निवेशकों के फायदे के लिए जनहित में भरसक प्रयास कर रही है।



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