Headlines

चंबा-भरमौर NH पर अनियंत्रित ब्लास्टिंग का VIDEO:चिरचिंड हाइड्रो प्रोजेक्ट को नुकसान; विस्फोटक से पहाड़ कटाई रोकने को लिखा पत्र




चंबा-भरमौर नेशनल हाइवे 154ए पर अनियंत्रित ब्लास्टिंग का डरावना वीडियो सामने आया है। चिरचिंड हाइड्रो पावर कंपनी ने विस्फोटक से पहाड़ की कटाई पर आपत्ति जताई है और सड़क निर्माण कर रही कंपनी को पत्र लिखकर इस संवेदनशील क्षेत्र में ब्लास्टिंग तुरंत रोकने की मांग की है। जिस जगह ब्लॉस्टिंग की जा रही है, वहां पर चिरचिंड 5 मेगावाट हाइड्रो प्रोजेक्ट का पावरहाउस है। यह हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट भरमौर के लूणा गांव में स्थित है और साल 2011 से संचालित हो रहा है। चिरचिंड कंपनी का आरोप है कि सड़क निर्माण और विस्तार कार्य के दौरान भूमिगत पावर हाउस कैवर्न से केवल 12 से 15 मीटर की दूरी पर ब्लास्टिंग की जा रही है। चिरचिंड हाइड्रो पावर के प्रोजेक्ट मैनेजर अंबरीश सिंह ने बताया कि उन्होंने सड़क की कंस्ट्रक्शन में जुटी कंपनी के साइट सुपरवाइजर और साइट इंजीनियर से कई बार ब्लास्टिंग रोकने का आग्रह किया। उन्होंने सुझाव दिया कि संवेदनशील क्षेत्र में सामान्य ब्लास्टिंग के बजाय डिमोलिशन हैमर या नियंत्रित यांत्रिक तरीकों का उपयोग किया जाए, ताकि सड़क निर्माण भी जारी रहे और पावर प्रोजेक्ट की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सके। टॉयलैट-बाथरूम टूटने का दावा कंपनी ने अपने पत्र में दावा किया है कि ब्लास्टिंग के कारण पावर हाउस का स्टाफ शौचालय-बाथरूम ब्लॉक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे लगभग 4 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। इसके अतिरिक्त, ब्लास्टिंग और संबंधित गतिविधियों के कारण ट्रांसमिशन लाइन टूट गई, जिससे लगभग एक दिन तक बिजली उत्पादन बाधित रहा। इससे करीब 4 लाख रुपए के उत्पादन नुकसान का अनुमान है। ब्लास्टिंग नहीं रुकी तो 20 करोड़ का नुकसान होगा कंपनी ने कहा कि यदि अनियंत्रित ब्लास्टिंग जारी रहती है और पावर हाउस, स्विचयार्ड, ट्रांसमिशन लाइन या अन्य विद्युत उपकरणों को गंभीर क्षति पहुंचती है, तो उत्पादन हानि सहित कुल नुकसान 20 करोड़ रुपए से अधिक हो सकता है। चिरचिंड हाइड्रो पावर प्राइवेट लिमिटेड ने ब्लास्टिंग तत्काल रोकने, नियंत्रित तकनीक अपनाने, मलबे को परियोजना की संपत्तियों की ओर न गिराने और आगे के कार्य से पहले संयुक्त साइट निरीक्षण कराने की मांग की है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *