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हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में करीब 19 करोड़ रुपये की लागत से राज्य का पहला रिमोट सेंसिंग एवं डेमोग्राफिक इंफॉर्मेशन सिस्टम केंद्र स्थापित किया जाएगा। केंद्र सरकार के सहयोग से बनने वाला यह अत्याधुनिक और हाईटेक केंद्र मौसम, भूमि, फसल और प्राकृतिक संसाधनों से संबंधित डिजिटल डेटा तैयार करेगा। इससे किसानों को समय पर वैज्ञानिक सलाह मिलेगी और कृषि विभाग की कार्यप्रणाली तकनीकी रूप से और भी उन्नत होगी। यह महत्वपूर्ण घोषणा प्रदेश के कृषि एवं पशुपालन मंत्री, प्रो. चंद्र कुमार ने शुक्रवार को धर्मशाला के पुलिस मैदान में जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान ध्वजारोहण के बाद की। इससे पहले उन्होंने शहीद स्मारक पर जाकर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि भी अर्पित की। आधुनिक कृषि और फसल विपणन (मार्केटिंग) को बढ़ावा कृषि मंत्री ने राज्य की अर्थव्यवस्था में कृषि और बागवानी की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ मिट्टी, जल और पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान दे रही है। इसके तहत निम्नलिखित कदम उठाए जा रहे हैं। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए इस योजना की शुरुआत की गई है, जिसके तहत फसलों का विशेष समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है। फल उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए राज्य के सात जिलों में यह महत्वाकांक्षी योजना चल रही है। इसके पहले चरण में निर्धारित 3,000 हेक्टेयर के लक्ष्य में से 2,612 हेक्टेयर क्षेत्र को सफलतापूर्वक विकसित किया जा चुका है। प्रमुख फसलों का निर्धारित समर्थन मूल्य (MSP) ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए पशुपालन पर जोर प्रो. चंद्र कुमार ने बताया कि कांगड़ा के ढगवार में 250 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से एक अत्याधुनिक दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र (Milk Processing Plant) स्थापित किया जा रहा है। इस हाईटेक संयंत्र में पनीर, दही, घी सहित विभिन्न प्रकार के मूल्यवर्धित (value-added) दुग्ध उत्पाद तैयार किए जाएंगे।ग्रामीण परिवारों की आजीविका को सुदृढ़ करने के लिए कृषि के साथ-साथ पशुपालन क्षेत्र को भी मजबूत किया जा रहा है। सरकार ने दूध के खरीद मूल्यों में ऐतिहासिक बढ़ोतरी की है। गाय के दूध का खरीद मूल्य: ₹61 प्रति लीटर भैंस के दूध का खरीद मूल्य: ₹71 प्रति लीटर हिमाचल सरकार की प्राथमिकता अब कृषि को आधुनिक तकनीक, प्रसंस्करण (processing), ब्रांडिंग और सीधे बाजार से जोड़ना है। धर्मशाला में बनने वाला रिमोट सेंसिंग केंद्र इस दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा, जो सटीक सैटेलाइट डेटा के जरिए खेती को मौसम के जोखिमों से बचाएगा।
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धर्मशाला में 19 करोड़ से पहला रिमोट सेंसिंग केंद्र:किसानों को मौसम, भूमि, फसल का डिजिटल डेटा और वैज्ञानिक सलाह मिलेगी
