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प्रदेशभर में नगर निकायों के अनुबंधित व नियमित सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से शहरों की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। आंदोलन तेज करते हुए यूनियनों ने हड़ताल को 18 अगस्त तक बढ़ा दिया है। सबसे बदतर हालात भिवानी, पानीपत, जींद, सिरसा और रोहतक में हैं, जहां हजारों टन कचरा सड़कों पर सड़ रहा है। प्रशासन द्वारा निजी एजेंसियों से कूड़ा उठवाने की कोशिशों का हड़ताली कर्मचारी विरोध कर रहे हैं। रोहतक और यमुनानगर में प्रदर्शनकारियों ने निजी गाड़ियों को रोककर कचरा सड़कों व हाईवे किनारे ही डंप करवा दिया। जींद में जेसीबी व ट्रैक्टर-ट्रॉली से कूड़ा उठाने पहुंची प्रशासनिक टीम का विरोध करते हुए वाहनों की हवा निकाल दी गई। करनाल में 300 टन तो दादरी में 150 टन से अधिक कचरा सड़कों पर पड़ा है। अधिकांश जिलों में डोर-टू-डोर कलेक्शन तो किसी तरह चालू है, लेकिन झाड़ू न लगने और सड़कों से कूड़ा न उठने के कारण बदबू व बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। उधर, एसोसिएशनों के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री व सुभाष लांबा ने कहा कि कर्मचारियों के साथ किए समझौते को लागू करना चाहिए। भिवानी में 1750 टन कचरा पड़ा ऐलान: कल विश्वासघात दिवस मनाएंगे
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निकाय कर्मियों की हड़ताल 18 तक बढ़ी, आज ज्ञापन देंगे
