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Fatehabad POCSO Court Verdict | Minor Crime Convict Gets Life Imprisonment



फतेहाबाद की अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अमित गर्ग की कोर्ट ने पॉक्सो (POCSO) एक्ट के एक गंभीर मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी गुलशन को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने दोषी को धारा 4(2) POCSO Act के तहत उसके प्राकृतिक जीवन के शेष भाग (अंतिम सां

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इसके अलावा, कोर्ट ने दोषी को धारा 137(2) BNS के तहत 7 वर्ष का कठोर कारावास व 50 हजार रुपए जुर्माना तथा धारा 351(3) BNS के तहत 5 वर्ष के कठोर कारावास की सजा भी सुनाई। कोर्ट के आदेशानुसार ये सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।

पीड़ित को मिलेगा 1 लाख रुपए का मुआवजा

कोर्ट ने जुर्माने की कुल 1,50,000 रुपए की राशि में से 50,000 रुपए राज्य के राजकोष में मुकदमे के खर्च के रूप में जमा करने और 1 लाख रुपए पीड़ित बच्चे को प्रतिकर (मुआवजे) के रूप में प्रदान करने का आदेश दिया है। यह राशि अपील/रिवीजन की अवधि समाप्त होने या उसके परिणाम के अनुसार दी जाएगी।

बहला-फुसलाकर ले गया था सुनसान जगह

मामला थाना शहर फतेहाबाद से संबंधित है। अभियोग के अनुसार, आरोपी ने एक नाबालिग बच्चे को बहला-फुसलाकर अपनी बाइक पर बैठाया और सुनसान स्थान पर ले जाकर उसके साथ घोर अपराध (कुकर्म) अंजाम दिया। इसके बाद आरोपी ने बच्चे को जान से मारने की धमकी भी दी थी।

पुलिस ने अनुसंधान के दौरान आरोपी को गिरफ्तार किया और वारदात में इस्तेमाल बाइक व मोबाइल फोन को कब्जे में लिया था। जांच के दौरान आरोपी के मोबाइल फोन से आपत्तिजनक वीडियो बरामद होने संबंधी साक्ष्य भी कोर्ट के रिकॉर्ड पर सामने आए।

कोर्ट में इस मामले की प्रभावी पैरवी जिला न्यायवादी देवेन्द्र मित्तल एवं सहायक जिला न्यायवादी अम्प्रीत कौर द्वारा की गई।

कोर्ट ने दोषी को राहत देने से इनकार किया

जिला न्यायवादी देवेन्द्र मित्तल ने बताया कि पुलिस द्वारा निष्पक्ष जांच के बाद ठोस मेडिकल, दस्तावेजी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट में चालान पेश किया गया था। अभियोजन पक्ष ने दलील दी कि दोषी का यह घोर कृत्य पीड़ित बच्चे को जीवनभर के लिए मानसिक डिप्रेशन में धकेल सकता है। अपराध की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने दोषी को किसी भी तरह की राहत का हकदार नहीं माना और यह कठोर सजा सुनाई।



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