धर्मशाला के शीला चौक पर सोमवार को हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में घायल स्कूटी सवार युवक की मौत के बाद परिजनों और स्थानीय निवासियों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों और परिजनों ने न्याय की मांग को लेकर युवक के शव को मुख्य सड़क पर रखकर चक्का जाम कर दिया
.
महिला डॉक्टर पर गलत दिशा से गाड़ी चलाने का आरोप
परिजनों ने आरोप लगाया है कि यह हादसा उस समय हुआ जब टांडा मेडिकल कॉलेज की एक महिला डॉक्टर गलत दिशा (Wrong Side) से कार चला रही थीं। लापरवाही से आ रही इसी कार ने स्कूटी सवार युवक को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के तुरंत बाद गंभीर रूप से घायल युवक को धर्मशाला जोनल अस्पताल ले जाया गया था, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी नाजुक हालत को देखते हुए उसे टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया था।

इलाज में लापरवाही के भी लगे गंभीर आरोप
परिजनों ने टांडा मेडिकल कॉलेज के प्रबंधन और डॉक्टरों पर उपचार में घोर लापरवाही बरतने के सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। परिजनों का दावा है कि युवक की स्थिति बेहद गंभीर थी और उसे कम से कम 48 घंटे तक ICU में डॉक्टरों की सख्त निगरानी में रखने की जरूरत थी। लेकिन अस्पताल प्रशासन ने उसे समय से पहले ही वेंटिलेटर से हटाकर सामान्य वार्ड में शिफ्ट कर दिया। समय पर सही इलाज न मिलने के कारण उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई और आखिरकार उसने दम तोड़ दिया।”

परिवार का एकमात्र सहारा था मृतक, पत्नी ने लगाई गुहार
इस असमय मौत से पीड़ित परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मृतक अपने पीछे पत्नी और तीन छोटे बच्चे (दो बेटियां और एक बेटा) छोड़ गया है। वह पूरे परिवार में एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। रोती-बिलखती पत्नी ने प्रशासन से बच्चों के सुरक्षित भविष्य और परिवार के भरण-पोषण के लिए उचित आर्थिक सहायता की गुहार लगाई है। वहीं, परिजनों ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक दोषी महिला डॉक्टर के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं होती, वे शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।

अधिकारियों के आश्वासन के बाद खुला जाम
घटना और चक्का जाम की सूचना मिलते ही एसडीएम धर्मशाला मोहित रत्न और एएसपी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया। प्रशासन के कड़े हस्तक्षेप और लिखित आश्वासन के बाद परिजनों ने सड़क से शव हटाया, जिसके बाद ही मार्ग पर यातायात सुचारू रूप से बहाल हो सका।
एसडीएम मोहित रत्न ने मीडिया को बताया कि प्रशासन इस दुख की घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ पूरी संवेदनशीलता से खड़ा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हादसे में शामिल आरोपी महिला डॉक्टर को पुलिस ने पूछताछ और आगामी कानूनी प्रक्रिया के लिए थाने तलब किया है। इसके अलावा, यदि इलाज के दौरान किसी भी प्रकार की चिकित्सीय लापरवाही (Medical Negligence) की बात सामने आती है, तो उस पहलू की भी नियमानुसार उच्च स्तरीय जांच करवाई जाएगी।
