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जालौन में जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कर-करेत्तर एवं राजस्व कार्यों की समीक्षा बैठक की। इस दौरान राजस्व वसूली में धीमी प्रगति पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त की और संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए। कलेक्ट्रेट सभागार में हुई इस बैठक में नगर पालिका, सिंचाई, वन, स्टांप और परिवहन विभाग की वसूली संतोषजनक नहीं पाई गई। डीएम ने इन विभागों के अधिकारियों को अगले माह तक प्रभावी सुधार सुनिश्चित करने को कहा। विशेष रूप से, नगर पालिकाओं में स्वतः कर प्रणाली लागू करने में लापरवाही पाए जाने पर सभी अधिशासी अधिकारियों (ईओ) को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए गए। नगर पालिका उरई में ठेका-पट्टा आदि मामलों में स्टांप संबंधी अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए, जिलाधिकारी ने वहां के ईओ को भी फटकार लगाई और उन्हें भी प्रतिकूल प्रविष्टि देने का आदेश दिया। अवैध होर्डिंग, पट्टों और अतिक्रमण से शासन को हो रही राजस्व क्षति पर सख्ती दिखाते हुए, डीएम ने नगर मजिस्ट्रेट, सीओ नगर और लोक निर्माण विभाग को संयुक्त अभियान चलाकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मंडियों में जनवरी से लंबित रिक्त दुकानों के आवंटन में देरी पर भी नाराजगी व्यक्त करते हुए, उन्होंने दो दिन के भीतर यह प्रक्रिया पूरी कराने को कहा। राजस्व मामलों की समीक्षा करते हुए, जिलाधिकारी ने तीन वर्ष से अधिक पुराने वादों का प्राथमिकता से निस्तारण करने के निर्देश दिए। धारा-34 और धारा-116 के लंबित मामलों को भी शीघ्र निपटाने को कहा गया। सरकारी भूमि, तालाब, चारागाह और अन्य सार्वजनिक संपत्तियों से अवैध कब्जे हटाने के लिए लगातार अभियान चलाने तथा शिकायत मिलने पर राजस्व और पुलिस विभाग को संयुक्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने लेखपाल बैठकों और समाधान दिवसों में खतौनी, नक्शा सहित आवश्यक अभिलेख उपलब्ध रखने को कहा, ताकि लोगों की शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण हो सके। बैठक में एडीएम वित्त एवं राजस्व राजीव राज, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रिन्कू राही, सभी एसडीएम, तहसीलदार और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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राजस्व वसूली में लापरवाही पर डीएम सख्त:नगर पालिका अधिकारियों को निगेटिव कमेंट देने के निर्देश दिए
