![]()
संभल में साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर चंदौसी के 70 वर्षीय सेवानिवृत्त दरोगा से करीब 16 लाख रुपए ठग लिए। साइबर क्राइम पुलिस ने रकम की ट्रांजेक्शन हिस्ट्री खंगाली तो 6 लाख रुपए ग्वालियर के एक युवक के खाते में पहुंचने की जानकारी मिली। पुलिस ने युवक से पूछताछ के बाद आरटीजीएस के जरिए पूरी रकम पीड़ित के खाते में वापस करा दी। व्हाट्सऐप पर पत्र भेजकर डराया एसपी विकास चंद्र त्रिपाठी ने बुधवार दोपहर 2:30 बजे जिला मुख्यालय बहजोई स्थित कार्यालय में मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि मोहल्ला धोबियान, चंदौसी निवासी सेवानिवृत्त दरोगा नरेंद्र कुमार पुत्र प्रकाश चंद्र को 13/14 अगस्त की रात व्हाट्सऐप पर एक पत्र भेजा गया था। इसके बाद फोन कॉल के जरिए उन्हें डिजिटल अरेस्ट किए जाने का डर दिखाया गया। ठगों ने शारीरिक नुकसान पहुंचाने और हाउस अरेस्ट करने की धमकी देकर अलग-अलग खातों में करीब 16 लाख रुपए ट्रांसफर करा लिए। ट्रांजेक्शन हिस्ट्री से ग्वालियर तक पहुंची पुलिस शिकायत मिलने के बाद साइबर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने खातों की ट्रांजेक्शन हिस्ट्री खंगाली तो ठगी की रकम में से 6 लाख रुपए ग्वालियर निवासी प्रिंस कुमार के खाते में पहुंचने की जानकारी मिली। इसके बाद संभल पुलिस टीम ग्वालियर पहुंची और प्रिंस से पूछताछ की। लोन की रकम समझकर इस्तेमाल कर लिए थे रुपए पूछताछ में प्रिंस ने पुलिस को बताया कि उसने ‘नेक्स्ट जेन फाइनेंस’ नाम की वेबसाइट पर लोन के लिए आवेदन किया था। उसके खाते में आए 6 लाख रुपए को उसने लोन की रकम समझ लिया और उसका इस्तेमाल कर लिया था। पुलिस की कार्रवाई के बाद प्रिंस ने आरटीजीएस के माध्यम से पूरी 6 लाख रुपए की रकम नरेंद्र कुमार के खाते में वापस कर दी। बाकी रकम और आरोपियों की तलाश जारी एसपी ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है। ठगी की बाकी रकम और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। रकम वापस कराने में साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक पुष्पेंद्र सिंह, उपनिरीक्षक महेश कुमार, सुधीर कुमार भाटी, आरक्षी आकाश पवार और रितेश कुमार की भूमिका रही।
Source link
संभल में रिटायर्ड दरोगा से 16 लाख की साइबर ठगी:डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर पेंशन की रकम खातों में ट्रांसफर कराया
