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पंजाब सरकार के ‘कर्मचारी विरोधी रवैये’ और वादों से मुकरने की नीतियों के खिलाफ राज्य के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। ‘पंजाब कर्मचारी एवं पेंशनर्स संयुक्त मोर्चा’ और ‘पंजाब कर्मचारी फोरम’ के राज्य स्तरीय आह्वान पर आज भवानीगढ़ में सैकड़ों कर्मचारियों और पेंशनर्स ने पंजाब सरकार के खिलाफ एक विशाल रोष मार्च निकाला। शहर के मुख्य बाजारों से होते हुए यह प्रदर्शनकारी शहीद भगत सिंह चौक पहुंचे, जहां सरकार की अर्थी निकालकर उसका ताबूत फूंका गया और जमकर नारेबाजी की गई।प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे विभिन्न कर्मचारी यूनियनों के दिग्गज नेताओं ने राज्य सरकार पर पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के आदेशों की अवहेलना करने का आरोप लगाया। हाई कोर्ट के आदेश के बाद भी DA के बकाए पर कुंडली मार कर बैठी सरकार क्या है हाई कोर्ट का फैसला? नेताओं ने बताया कि महंगाई भत्ते (DA) और उसके पिछले बकाए (Arrears) को लेकर हाई कोर्ट के सिंगल बेंच और डबल बेंच, दोनों ने ही कर्मचारियों के पक्ष में फैसला सुनाया है। कोर्ट ने पंजाब सरकार को स्पष्ट आदेश दिया था कि 15 दिनों के भीतर सभी कर्मचारियों और पेंशनर्स का बकाया जारी किया जाए। नेताओं का आरोप: सरकार माननीय कोर्ट के आदेश को लागू करने की बजाय जानबूझकर इससे बचने के बहाने ढूंढ रही है। वित्त मंत्री हरपाल चीमा के बयान पर भड़के नेता नेताओं ने पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री ने 7 अगस्त को ‘चंडीगढ़ महा रैली’ में अपनी जायज मांगों के लिए जुटे संगठनों को ‘राज्य विरोधी’ कहना शुरू कर दिया है, जो बेहद निंदनीय है। लोकतांत्रिक तरीके से हक मांगने वालों पर ऐसे आरोप लगाना सरकार के अहंकार को दर्शाता है। कर्मचारियों और पेंशनर्स की मुख्य मांगें: इन दिग्गज नेताओं ने संभाली कमान इस बड़े प्रदर्शन को सफल बनाने में डीटीएफ के राज्य उपाध्यक्ष रघवीर सिंह भवानीगढ़, सरकारी पेंशनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सतनाम सिंह सिद्धू, महासचिव केवल सिंह सिद्धू, पुलिस यूनियन के जिला अध्यक्ष प्रितपाल सिंह और सेहत विभाग से बलदेव सिंह ने मुख्य भूमिका निभाई। इनके अलावा वेटरनरी इंस्पेक्टर एसोसिएशन के हरिंदर पाल, सफाई कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष जगमेल सिंह, रामसरूप, बाबा जीवन सिंह कमेटी के अध्यक्ष गुरनाम सिंह, हरि सिंह, डा. बीआर अंबेडकर चेतना मंच के अध्यक्ष बलकार सिंह, सीनियर सिटीजन अध्यक्ष चरण सिंह चोपड़ा, एससीबीसी टीचर्स यूनियन के नेता कंवलजीत सिंह और सरकारी टीचर्स यूनियन के नेता गुरलाभ सिंह सहित भारी संख्या में कर्मचारी व पेंशनर्स मौजूद रहे। कर्मचारी नेताओं ने साफ किया कि यदि सरकार ने अब भी अपना नकारात्मक रवैया नहीं बदला और मांगों को तुरंत पूरा नहीं किया, तो आने वाले दिनों में इस आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी पूरी तरह पंजाब सरकार की होगी।
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पंजाब में कर्मचारियों और पेंशनर्स का विरोध मार्च:संगरूर में सरकार के ताबूत फूंका, DA पर हाईकोर्ट का फैसला लागू न करने से रोष
