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शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों के साथ जमीन पर बैठे आयुक्त:बोले- कोर्ट के फैसले तक करें इंतजार; 1 हजार उम्मीदवार नौकरी से वंचित हैं




प्राथमिक शिक्षक भर्ती परीक्षा में आवेदन की अंतिम तिथि तक डिग्री नहीं रखने वाले, लेकिन परीक्षा में उत्तीर्ण उम्मीदवारों से लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह ने मंगलवार रात जमीन पर बैठकर बातचीत की। पिछले 15 दिनों से ये उम्मीदवार कार्यालय दिवस में लोक शिक्षण आयुक्त कार्यालय के बाहर डेरा डालकर नौकरी की मांग कर रहे हैं। मंगलवार रात करीब 8:30 बजे आयुक्त अभिषेक सिंह लोक शिक्षण संचालनालय से घर जा रहे थे। प्रदर्शन कर रहे उम्मीदवारों ने उनसे बात करने की कोशिश की। इस पर आयुक्त कार्यालय के गेट के सामने ही उनके साथ जमीन पर बैठ गए और सभी की बात सुनी। आयुक्त ने उम्मीदवारों को आश्वस्त किया कि वे नियमानुसार ही कार्रवाई कर सकते हैं और फिलहाल कोर्ट के फैसले का इंतजार किया जाए। कुछ अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया को लेकर हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। कोर्ट का फैसला उम्मीदवारों के पक्ष में आने पर उन्हें सेवा में लेने की प्रक्रिया की जा सकती है। प्राथमिक शिक्षक भर्ती परीक्षा का परिणाम घोषित होने के बाद करीब 1,000 उम्मीदवार परीक्षा में उत्तीर्ण होने के बावजूद नौकरी से वंचित हैं। दरअसल, आवेदन की अंतिम तिथि तक उनके पास डीएलएड की डिग्री पूरी नहीं थी। इसी वजह से रूलबुक के आधार पर आयुक्त ने उन्हें सेवा में लेने से इनकार किया है। युवाओं को समझाया- रात में यहां न रुकें, लड़कियों को घर जाने को कहा आयुक्त अभिषेक सिंह ने प्रदर्शनकारियों की बातें सुनने के बाद उन्हें घर जाने की समझाइश दी। उन्होंने कहा कि नियमानुसार कोई अवसर मिला तो उन्हें सेवा में लेने में पीछे नहीं हटेंगे। प्रदर्शन में शामिल लड़कियों से उन्होंने विशेष रूप से कहा कि वे यहां न रुकें और घर चली जाएं। बारिश के मौसम में खुले में रुकना ठीक नहीं है। 55 उम्मीदवार पहुंचे हाई कोर्ट प्रदर्शन कर रहे उम्मीदवारों में से 55 ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। उनका कहना है कि कर्मचारी चयन मंडल की आवेदन प्रक्रिया में यह स्पष्ट नहीं किया गया था कि आवेदन की अंतिम तिथि तक डिग्री पूरी होना अनिवार्य है। इसलिए उन्हें अपात्र करना उचित नहीं है और सेवा में लिया जाना चाहिए। उम्मीदवारों के मुताबिक, वर्ष 2025 में कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से प्राथमिक शिक्षक वर्ग-3 के 13,089 पदों के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी। आवेदन के दौरान रिजल्ट जारी होने तक संपूर्ण शैक्षणिक योग्यता होने की बात कही गई थी। हालांकि, अंतिम परिणाम जारी होने के बाद चयन अधिकारियों ने शैक्षणिक योग्यता की कटऑफ डेट 25 अगस्त 2025 तय कर दी। इस वजह से हजारों उत्तीर्ण उम्मीदवारों को डीएलएड की डिग्री इस तारीख के बाद पूरी होने के कारण अपात्र कर दिया गया। नौकरी से वंचित उम्मीदवारों में परीक्षा में टॉप करने वाली अभ्यर्थी वर्षा भी शामिल हैं।



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