केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने हरियाणा के पानीपत स्थित संयुक्त विदेश व्यापार महानिदेशक (DGFT) कार्यालय में तैनात एक सहायक निदेशक को रिश्वतखोरी के आरोप में रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी अधिकारी पर एक व्यवसायी की फाइल आगे बढ़ाने और उसमें पाई गई कमि
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गिरफ्तार महिला अधिकारी की पहचान सहायक DGFT हेमलता के रूप में हुई है। सीबीआई ने इस संबंध में मामला दर्ज कर आरोपी को हिरासत में ले लिया है। टीम मामले की जांच कर रही है।
सीबीआई द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, आरोपी अधिकारी के खिलाफ आज 19 अगस्त को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता ने सीबीआई से संपर्क कर आरोप लगाया था कि पानीपत स्थित डीजीएफटी कार्यालय में तैनात सहायक निदेशक उनके ग्राहक की ‘निर्यात संवर्धन पूंजीगत वस्तु योजना से जुड़ी अनुपालन फाइल की समीक्षा कर रहे थे।
अधिकारी ने फाइल में पाई गई त्रुटियों को दूर करने तथा फाइल को आगे की प्रक्रिया के लिए स्वीकृत करने के बदले 30,000 रुपए की रिश्वत की मांग की थी।

CBI कार्रवाई के बाद DGFT कार्यालय में पसरा सन्नाटा।
सीबीआई ने बनाया प्लान, रंगे हाथों दबोचा
शिकायत मिलने के बाद सीबीआई की टीम ने मामले का सत्यापन किया, जिसमें रिश्वत मांगने के आरोपों की पुष्टि हुई। इसके बाद सीबीआई की एक विशेष टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। जैसे ही शिकायतकर्ता रिश्वत की राशि लेकर आरोपी अधिकारी के पास पहुंचा, सीबीआई की टीम ने उसे रंगे हाथों रिश्वत लेते दबोच लिया।
ठिकानों पर छापेमारी और जांच जारी
गिरफ्तारी के बाद सीबीआई की टीम ने आरोपी अधिकारी के पानीपत स्थित कार्यालय परिसर और उनके अन्य संबंधित ठिकानों पर गहन तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान सीबीआई ने मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और फाइलें जब्त की हैं।
सीबीआई अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को सक्षम अदालत में पेश कर रिमांड की मांग की जाएगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इस रिश्वतखोरी के खेल में कार्यालय के अन्य कर्मचारी या बिचौलिए भी शामिल थे।
