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दुबई में पूर्णिया के अमौर के रहने वाले 7 लड़के फंस गए हैं। लड़कों ने वीडियो जारी कर स्थानीय विधायक और बिहार सरकार से मदद मांगी है। वीडियो में लड़कों ने कहा कि जिस काम को बताकर हमें यहां लाया गया था, वो काम नहीं मिला। हम लोगों के पासपोर्ट भी जब्त कर लिए गए हैं। लड़के वीडियो में कह रहा है, ‘1 अगस्त को दुबई के लिए घर से निकले थे और 5 अगस्त को दुबई पहुंचे। यहां सिर्फ एक दिन खाना उपलब्ध कराया गया। पिछले 8 दिनों से सड़क किनारे रात गुजार रहे है। नौकरी का सिर्फ आश्वासन दिया जा रहा है। युवकों का आरोप है कि एजेंट ने मोजा फैक्टरी में नौकरी दिलाने का भरोसा देकर डेढ़-डेढ़ लाख रुपए लिए थे। दैनिक भास्कर रिपोर्टर ने पीड़ित युवकों से वीडियो कॉल पर बातचीत की। लड़कों ने बताया कि एजेंट गनी की ओर से हम लोगों को धमकियां दी जा रही हैं। देख लेने और सबक सिखाने को बोल रहा है। लड़कों की ओर से जारी वीडियो में क्या है? रिपोर्टर से बातचीत में लड़कों ने क्या कहानी बताई? लड़कों का दुबई में बिना जॉब, बिना पासपोर्ट कैसे गुजारा हो रहा है? पढ़िए पूरी रिपोर्ट। पहले तीन लड़कों का वीडियो सामने आया दुबई में फंसे 7 लड़कों में से 3 का वीडियो सामने आया है। वीडियो में लड़कों ने बताया कि वे एक होटल में खाना खा रहे थे। इसी दौरान यहां एक शख्स खाना खाने पहुंचा। वह किसी से फोन पर बात कर रहा था। उसकी बातचीत से लगा कि वह भारत का रहने वाला है। हमलोगों ने उससे बातचीत की तो पता चला कि वह भी अमौर का रहने वाला है। इसके बाद उसे अपनी आपबीती बताई और मदद की अपील की। इसी दौरान उस शख्स ने लड़कों का वीडियो बनाना शुरू किया। लड़कों ने बताया कि वीडियो में उन्होंने किशनगंज के कोचाधामन के पूर्व विधायक मास्टर मुजाहिद आलम से मदद की अपील की है। उन्होंने पूर्व विधायक से पासपोर्ट दिलाने की मांग की है। लड़कों का कहना है कि दुबई आने के बाद से ही उनके पासपोर्ट जब्त कर लिए गए। वीडियो सामने आने के बाद विधायक ने लड़कों से वीडियो कॉल पर बात की विदेश में फंसे अमौर के लड़कों का वीडियो देख पूर्व विधायक मुजाहिद ने उनके बारे में पता किया। फिर उन लड़कों का नंबर लिया। इसके बाद पूर्व विधायक ने उन लड़कों को वीडियो कॉल कर बातचीत की। इस दौरान दुबई में फंसे एक लड़के ने बताया कि हम लोग 17 दिनों से दुबई में फंसे हैं। अब हमारे पास खाने-पीने और रहने के भी पैसे नहीं बचे हैं। पूर्व विधायक ने जब पूछा कि आप लोग खाने-पीने की व्यवस्था कैसे कर रहे हैं, तो लड़कों ने बताया कि घर से जो पैसे लेकर आए थे, उसी से अब तक गुजारा कर रहे थे, लेकिन अब सारे पैसे खत्म हो चुके हैं। पिछले 2 दिनों से भूखे रहने को मजबूर हैं। कंपनी वालों ने पासपोर्ट जब्त किया है लड़कों ने आरोप लगाया कि एजेंट ने उन्हें एक कंपनी में नौकरी दिलाने का भरोसा देकर दुबई भेजा था। हालांकि, वहां पहुंचने के बाद कंपनी ने उनके पासपोर्ट अपने पास रख लिया। पासपोर्ट वापस मांगने पर उन्हें देने से इनकार कर रहा है। इस दौरान दुर्व्यवहार और मारपीट भी की गई। बातचीत के दौरान पूर्व विधायक ने पूछा कि क्या उन्हें टूरिस्ट वीजा पर दुबई भेजा गया है। इस पर युवक ने बताया कि उन्हें टूरिस्ट वीजा पर ही दुबई भेजा गया था। इसके लिए प्रत्येक युवक से डेढ़ लाख रुपए लिए गए थे। यह राशि एजेंट नाहिद गनी ने ली थी। पूर्व विधायक ने भुगतान के तरीके के बारे में पूछा तो युवक ने बताया कि रकम नकद दी थी। हालांकि, उनके पास पैसे लेने का वीडियो है। इस पर मुजाहिद आलम ने युवक से कहा कि अगर उनके मोबाइल में पासपोर्ट की फोटो, वीजा की कॉपी और पैसे लेने का वीडियो मौजूद है तो वे सभी दस्तावेज और वीडियो हमें भेज दें। भूखे रहने से तबीयत बिगड़ रही है तीनों लड़कों की पहचान दिलफरोज आलम, नासिर आलम और रब्बान खान के रूप में हुई है। पूर्व विधायक ने बताया कि जाकिर नाम के एक युवक ने भी हमसे संपर्क कर घटना की जानकारी दी थी। युवकों ने बताया कि लगातार भूखे रहने के कारण तबीयत भी बिगड़ रही है। इस पर पूर्व विधायक ने कहा कि मामले को संबंधित अधिकारियों के समक्ष रखेंगे, ताकि आपलोग जल्दी घर लौट सके। अमौर में एजेंट ने लड़कों को रोते हुए देखा था, फिर मजबूरी का उठाया फायद पीड़ित लड़कों ने बताया कि पिछले महीने अमौर में हमलोग होटल में खाना खाने गए थे। आपस में अपनी-अपनी आर्थिक परेशानी एक-दूसरे से साझा कर रहे थे। कोई बहन की शादी की चिंता में था, तो किसी की मां बीमार थी। हमलोग भावुक होकर रोने लगे थे। तभी वहां मौजूद एजेंट ने हमसे बातचीत शुरू की और मजबूरी का फायदा उठाया। एजेंट ने कहा कि यदि डेढ़ लाख रुपए का इंतजाम कर लोगे, तो दुबई का वीजा दिलवा देंगे। उसने दावा किया कि दुबई पहुंचने के बाद हर महीने 2 से 3 लाख रुपए तक की कमाई होगी। एजेंट की बातों पर भरोसा कर पैसों का इंतजाम किया। 30 जुलाई को एजेंट से दोबारा मुलाकात हुई। इसके बाद एजेंट ने हमें 1 अगस्त को दुबई भेज दिया। दुबई में फंसे लड़कों की पहचान दिलफरोज आलम (25), नासिर आलम (21), रब्बान खान (23), दानिश (24), नाजिश (24), शमशाद (28) और एक अन्य के रूप में हुई है। लड़कों ने अपनी ओर से जो वीडियो जारी किया है, उसमें वे हाथ जोड़कर मदद मांगते और रोते दिख रहे हैं। जानिए लड़कों ने वीडियो कॉल पर भास्कर रिपोर्टर को क्या-क्या बताया? लड़कों ने बताया कि हम लोग एक दूसरे से परिचित हैं। हम लोगों की घर की स्थिति ठीक नहीं है। इसलिए अक्सर मिलकर बात करते थे कि किसी तरह विदेश कमाने चले जाए, ताकि अच्छी सैलरी मिले और हमारा घर परिवार भी खुश रह सके। विदेश जाने के लिए पहले हमारा मेडिकल कराया गया, बताया गया कि हम लोगों को दुबई में सॉक्स (मोजा) की फैक्ट्री में काम करना होगा। दुबई पहुंचने के बाद नाहिद गनी ने बताया कि मोजे की फैक्ट्री बंद हो गई है, इसलिए आप लोगों को वहां काम नहीं मिलेगा। हम लोगों को प्रतिदिन 30 दिरहम यानी करीब 800 रुपए खाने में खर्च हो जाता है। नाहिद गनी का यहां भी एक एजेंसी है, जिसने हम लोगों से 2200 दिरहम यानी 57,369 रुपए तत्काल मांगे और पासपोर्ट जमा करने को कहा गया। पैसे देने पर ही मिलेगा काम लड़कों ने बताया कि एजेंसी की ओर से कहा गया कि जब तक वे 2,200 दिरहम नहीं देंगे, तब तक उन्हें काम नहीं मिलेगा। इसके बाद उन्होंने एजेंसी को पैसे दिए और अपने पासपोर्ट भी जमा कर दिए। पासपोर्ट वापस मांगने पर एजेंसी की ओर से कहा गया कि पहले उन्हें अपने माता-पिता का वीडियो बनाकर भेजना होगा। इसके बाद ही पासपोर्ट वापस दिए जाएंगे। दुबई में फंसे लड़कों ने बताया कि जब उन्होंने पूरे मामले की शिकायत करते हुए वीडियो बनाया तो इसकी जानकारी एजेंट को हो गई। इसके बाद एजेंट ने उनसे वीडियो बनाकर माफी मांगने को कहा। हालांकि, लड़कों ने वीडियो बनाकर माफी मांगने से इनकार कर दिया। एजेंट धमकी दे रहा है शमशाद नाम के एक युवक ने आरोप लगाया कि गनी की ओर से फोन कर उन्हें धमकी दी जा रही है। शमशाद के मुताबिक, गनी ने कहा कि तुमलोगों को नहीं छोड़ेंगे। उसने यह भी कहा कि हम कोई छोटा-मोटा आदमी नहीं है और तुमलोग हमारे सामने कीड़े-मकौड़े हो। लड़कों ने बताया कि फिलहाल वे अजमान बस स्टैंड के पास अपने खर्चे पर रह रहे हैं। इससे पहले दो दिनों तक सड़कों पर घूम रहे थे। लड़कों की मांग है कि या तो उन्हें सुरक्षित घर भेजा जाए, या फिर अच्छी कंपनी में नौकरी दिलाई जाए, जैसा कि उन्हें नौकरी दिलाने का भरोसा देकर दुबई लाया गया था। इसके अलावा, उन्होंने एजेंट से अपने पैसे वापस दिलाने की भी मांग की है।
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दुबई में फंसे पूर्णिया के 7 लड़के; VIDEO:वीडियो कॉल पर बताया-एजेंट ने जॉब के नाम पर लिए डेढ़ लाख, जॉब नहीं मिली, पासपोर्ट किया जब्त
