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लुधियाना FCC में विधायक-पुत्रों की नियुक्ति को हाईकोर्ट में चैलेंज:कांग्रेस पार्षद ने की याचिका दायर, आज होगी सुनवाई; नियमों की अनदेखी का लगाया आरोप




लुधियाना नगर निगम की फाइनांस एंड कांट्रेक्ट कमेटी (FCC) में विधायक पुत्रों की नियुक्ति को कांग्रेस पार्षद गौरव भट्‌टी ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चैलेंज किया है। गौरव भट्‌टी की याचिका पर आज हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। गौरव भट्‌टी का कहना है कि नगर निगम की मेयर ने नियमों को ताक पर रखकर अपनी मर्जी से विधायक मदन लाल बग्गा के बेटे अमन बग्गा व विधायक कुलवंत सिद्धू के बेटे युवराज सिद्धू को एफएंडसीसी का मैंबर बना दिया है। गौरव भट्‌टी का दावा है कि एफएंडसीसी के सदस्य चुनने का अधिकार मेयर के पास है ही नहीं। उनका कहना है कि पंजाब म्युनिसिपल एक्ट में मेयर के पास ऐसी कोई पावर नहीं है और न ही नगर निगम हाउस ने कभी यह प्रस्ताव पास किया है। मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर खुद ही मेंबर पार्षद गौरव भट्‌टी का कहना है कि पंजाब म्युनिसिपल एक्ट में स्पष्ट है कि मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर खुद ही एफएंडसीसी के मेंबर बन जाते हैं। इसके अलावा नगर निगम कमिश्नर को भी एफएंडसीसी का मेंबर बनाने का प्रावधान एक्ट में है। जबकि दो अन्य सदस्यों को निगम हाउस में चुनाव के जरिए चुना जाता है। लेकिन लुधियाना की मेयर ने बिना हाउस की मंजूरी के दो विधायकों के बेटों को मेंबर बना दिया। जो कि नियमों के खिलाफ है। पूरे शहर को समान रूप में नहीं मिला प्रतिनिधित्व गौरव भट्‌टी का कहना है कि एफएंडसीसी में पूरे शहर को समान रूप से प्रतिनिधित्व नहीं मिला है। एफएंडसीसी में आत्म नगर व उत्तरी हलके से दो-दो सदस्य हैं जबकि पूर्वी हलके से मेयर खुद हैं। वहीं लुधियाना सेंट्रल, लुधियाना दक्षिणी व लुधियाना पश्चिमी तीन हलकों को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया गया है। उनका कहना है कि इससे शहर का एक समान विकास होना संभव नहीं है। क्योंकि हर सदस्य अपने क्षेत्र के कार्यों को प्राथमिकता देगा जबकि एफएंडसीसी में पूरे शहर के विकास कार्यों के प्रस्ताव आते हैं। फाइनांस एंड कांट्रेक्ट कमेटी के काम और अधिकार जानिए..



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