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अमृतसर में पंजाब में नशे की समस्या के खिलाफ अब केवल पुलिस कार्रवाई ही नहीं, बल्कि धार्मिक और सामाजिक स्तर पर भी व्यापक प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में गुरुद्वारा साहिबों में युवाओं को नशे से दूर रखने और पंजाब को नशामुक्त बनाने के लिए विशेष अरदास की जा रही है। साथ ही संगत को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक कर परिवारों से अपने बच्चों पर विशेष ध्यान देने और उन्हें सही दिशा प्रदान करने की अपील की जा रही है। इस मुहिम से जुड़े लोगों का कहना है कि नशे के खिलाफ लड़ाई तभी सफल हो सकती है, जब पुलिस और प्रशासन के साथ-साथ समाज, धार्मिक संस्थाएं और परिवार भी अपनी जिम्मेदारी निभाएं। गुरुद्वारों के माध्यम से युवाओं तक पहुंचाए जा रहे हैं संदेश उनका मानना है कि युवाओं को नशे से बचाने के लिए उन्हें खेल, शिक्षा, रोजगार और अन्य सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना बेहद जरूरी है। गांवों में गुरुद्वारों के माध्यम से युवाओं तक सीधे संदेश पहुंचाए जा रहे हैं। हाल ही में अमृतसर देहाती पुलिस ने विभिन्न गांवों के गुरुद्वारों में घोषणाएं करवाकर युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील की थी। पुलिस ने लोगों से नशा बेचने या उसकी आपूर्ति करने वालों की सूचना देने का आग्रह भी किया और भरोसा दिलाया कि ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। धार्मिक स्थलों से चलाए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य केवल युवाओं को जागरूक करना नहीं, बल्कि पूरे समाज को इस मुहिम से जोड़ना है। साथ ही यह संदेश भी दिया जा रहा है कि नशे की चपेट में आए युवाओं को उपचार, सहयोग और उचित मार्गदर्शन देकर मुख्यधारा में वापस लाने के प्रयास किए जाएं।
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अमृतसर में नशामुक्त पंजाब के लिए गुरुद्वारों में अरदास:युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश, परिवारों से जिम्मेदारी निभाने की अपील
