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बरेली में खाद्य सुरक्षा विभाग ने फरीदपुर स्थित एक पैकेज्ड वाटर इकाई अनुप्रिया बेवरेजेज पर छापा मारा। जांच के दौरान बोतलों पर कथित तौर पर फर्जी लाइसेंस नंबर और अधूरा पता दर्ज होने का मामला सामने आया। विभाग ने मौके से बिक्री के लिए तैयार 3915 बोतलें सीज कर दीं, जिनकी अनुमानित कीमत 48,060 रुपये है। यह कार्रवाई शनिवार को सहायक आयुक्त (द्वितीय) राहुल सिंह के नेतृत्व में की गई। टीम में मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अक्षय गोयल और खाद्य सुरक्षा अधिकारी कमलेश कुमार शुक्ला व इंद्रजीत सिंह शामिल थे। टीम ने फरीदपुर के मोहल्ला सुखदेवपुरम, ससैय्या रोड, लाइनपार स्थित अनुप्रिया बेवरेजेज का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान, बुधौली निवासी नितिन तोमर इकाई में 1000 एमएल और 500 एमएल की पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर की बोतलें तैयार करते हुए पाए गए। टीम ने उत्पादन और पैकेजिंग से संबंधित दस्तावेजों की भी जांच की। जांच में बोतलों पर अंकित लाइसेंस नंबर संदिग्ध पाया गया। विभाग का आरोप है कि इकाई द्वारा फर्जी लाइसेंस नंबर का उपयोग किया जा रहा था। इसके अतिरिक्त, बोतलों पर निर्माता का पूरा पता भी दर्ज नहीं था; लेबल पर केवल ‘अनुप्रिया बेवरेजेज उत्तर प्रदेश बरेली’ लिखा था। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर का एक नमूना भी लिया है। इसे फूड एनालिस्ट के पास गुणवत्ता और मानकों की जांच के लिए भेजा गया है। छापेमारी के दौरान, बिक्री के लिए तैयार कुल 3915 बोतलें सीज की गईं, जिनकी अनुमानित कीमत 48,060 रुपये है। साथ ही, पानी भरने वाली मशीन का नोजल भी सील कर दिया गया है, जिससे अगले आदेश तक उत्पादन बंद रहेगा। सहायक आयुक्त (द्वितीय) राहुल सिंह ने बताया कि नमूने की जांच रिपोर्ट और लाइसेंस से संबंधित तथ्यों की पुष्टि के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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पैकेज्ड वाटर यूनिट पर छापा, फर्जी लाइसेंस का आरोप:बरेली में 3915 बोतलें सीज, निर्माता का पता भी अधूरा
