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CJP प्रोटेस्ट में आंख गंवाने वाले हरियाणवी साहिल की कहानी:घर चलाने के लिए टैक्सी ड्राइव की, दिल्ली पुलिस में जाने का सपना देखा




जंतर-मंतर पर CJP प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन के छर्रे लगने से आंख की रोशनी गंवाने वाले साहिल लोहचब झज्जर के भूपनियां गांव के रहने वाले हैं। करीब 10 साल पहले उनका परिवार दिल्ली के नजफगढ़ में किराए के मकान में जाकर रहने लगा। साहिल के पिता दीपक पोलियों की वजह से दिव्यांग हो गए थे। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं रही तो साहिल बचपन से ही पढ़ाई के साथ काम करने लगे थे। काम के लिए ही उन्होंने DU (स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग) में ग्रेजुएशन में एडमिशन लिया। साहिल ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया… पढ़ाई के साथ टैक्सी चलाकर घर खर्च चलाता था। दिल्ली पुलिस में जाने का सपना देखा था। अब आंख की रोशनी जाने के बाद सब कुछ खत्म होने जैसा लग रहा है। साहिल ने दावा किया, 2025 में दिल्ली पुलिस भर्ती में धांधली हुई थी। इसीलिए जंतर मंतर पर CJP के प्रोटेस्ट में शामिल हुआ था। पढ़िए दैनिक भास्कर से साहिल की पूरी बातचीत…। पिता को पोलियो, टैक्सी से घर खर्च चल रहा साहिल ने बताया कि पिता दीपक बचपन से ही दिव्यांग है। वे कभी-कभी प्राइवेट टैक्सी भी चला लेते थे। फैमिली की इनकम का एकमात्र सहारा टैक्सी ड्राइविंग ही है। इसी वजह से उन्होंने भी प्राइवेट टैक्सी चलाने का फैसला किया। थोड़ी उम्र बढ़ी तो 10-12 साल की उम्र में ही ड्राइविंग सीख ली। साहिल ने बताया, छोटे भाई छठी और नौवीं क्लास में पढ़ते हैं। जो पैसे टैक्सी चलाने से मिलते थे, वो पढ़ाई और घर खर्च में हो जाते थे। इसके साथ ही दिल्ली पुलिस के एग्जाम की तैयारी शुरू की। पैलेट गन के छर्रे से आंख की रोशनी चली गई साहिल का कहना है, CJP के प्रोटेस्ट के दौरान पैरामिलिट्री फोर्स ने पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया। इसी दौरान उनकी एक आंख और फेस पर छर्रे लग गए। आंख की रोशनी चली गई, वहीं फेस पर भी छर्रों ने निशान छोड़ दिए। इलाज के दौरान राहुल गांधी की टीम से संपर्क साहिल के मुताबिक, घटना के बाद उनका इलाज दिल्ली AIIMS में चल रहा था। इसी दौरान राहुल गांधी की टीम से संपर्क हुआ। टीम ने इलाज कराया और फैमिली की मदद की। राहुल गांधी भी 2 बार मिल चुके हैं। पहली मुलाकात प्रेस कॉन्फ्रेंस में हुई, जबकि दूसरी बार शुक्रवार को FIR दर्ज कराने के दौरान थाने में मिलना हुआ। थाने से पुलिसवालों ने 2 बार वापस लौटाया साहिल ने दावा किया कि इलाज के बाद मामले में कार्रवाई के लिए कनॉट प्लेस और संसद मार्ग थाने में कई बार संपर्क किया। लेकिन, थाने से वापस लौटा दिया गया। पुलिसकर्मियों ने FIR दर्ज नहीं की। शुक्रवार को जब राहुल गांधी संसद मार्ग थाने पहुंचे, छह घंटे बाद पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया। 2 पॉइंट में जानिए, साहिल ने छर्रे लगने पर क्या बताया ————- यह खबर भी पढ़ें… पैलेट-गन से आंख की रोशनी गंवाने वाला साहिल हरियाणा का: झज्जर में जन्म, अब फैमिली दिल्ली में; FIR को राहुल संग 6 घंटे धरने पर बैठे जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) प्रोटेस्ट में पैलेट-गन के इस्तेमाल की वजह से एक आंख की रोशनी गंवाने वाले साहिल लोहचब मूल रूप से हरियाणा में झज्जर जिले के रहने वाले हैं। साहिल तीन भाई-बहनों में सबसे बड़े हैं। (पूरी खबर पढ़ें)



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