![]()
मंडी में आशा वर्करों ने लंबित मांगों को लेकर केंद्र और प्रदेश सरकार को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने जिला प्रशासन के माध्यम से यह ज्ञापन भेजा और स्वास्थ्य मंत्री को भी मांगपत्र प्रेषित किया। उनकी प्रमुख मांगों में मानदेय में बढ़ोतरी, सरकारी कर्मचारी का दर्जा और सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं शामिल हैं। आशा यूनियन की प्रधान सुनीता कश्यप ने बताया कि जब तक आशा वर्करों के लिए कोई स्थायी नीति नहीं बनती, तब तक उन्हें प्रतिमाह 3,600 रुपए का मानदेय दिया जाए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने सरकारी कर्मचारी का दर्जा, पेंशन, ईपीएफ, बीमा और अन्य सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। कश्यप ने कहा कि आशा वर्करों की नियुक्ति मातृ एवं शिशु मृत्यु दर कम करने और ग्रामीण क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के उद्देश्य से की गई थी। वे दिन-रात स्वास्थ्य सेवाओं में अपनी जिम्मेदारियां निभा रही हैं, लेकिन केंद्र सरकार द्वारा लंबे समय से उनके मानदेय में कोई वृद्धि नहीं की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि आशा वर्करों को आयुष्मान कार्ड तो दिए गए हैं, लेकिन उनका भी समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है। आंदोलन की दी चेतावनी सुनीता कश्यप ने चेतावनी दी कि यदि केंद्र और प्रदेश सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आशा वर्कर बड़े स्तर पर आंदोलन करने और सरकार का घेराव करने को मजबूर होंगी। उन्होंने सरकार से आशा वर्करों के महत्वपूर्ण योगदान को देखते हुए उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।
Source link
मंडी में आशा वर्करों का हल्ला बोल:3600 रुपए मानदेय की मांग को लेकर प्रदर्शन; स्वास्थ्य मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा
