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मुंगेर में गंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि से बाढ़ की चिंता बढ़ गई है। सोमवार दोपहर 2 बजे आपदा विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, मुंगेर में गंगा का जलस्तर 38.82 मीटर दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान 39.33 मीटर से मात्र 51 सेंटीमीटर नीचे है। शहरी क्षेत्रों में गंगा का पानी वार्निंग लेवल 38.33 मीटर से 49 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा है। आपदा विभाग ने बताया कि दोपहर तक जलस्तर में वृद्धि जारी थी। जलस्तर बढ़ने के कारण जिले के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी फैलना शुरू हो गया है। अब तक लगभग आधा दर्जन गांव पानी से घिर चुके हैं, जिससे करीब 200 लोग प्रभावित हुए हैं। देखें, मौके से आई तस्वीरें… सिलसिलेवार पढ़ें, पूरा मामला… ग्रामीणों ने ऊंचे स्थानों और सड़कों पर शरण ली बरियारपुर प्रखंड के मुरला मुशहरी और लालजी टोला में पानी प्रवेश कर गया है। स्थिति पर नजर रखते हुए प्रशासन ने नाव परिचालन की तैयारियां शुरू कर दी हैं। हवेली खड़गपुर प्रखंड के कृष्णानगर गांव की स्थिति भी गंभीर है, जहां गांव चारों तरफ से बाढ़ के पानी से घिर गया है। ग्रामीणों ने ऊंचे स्थानों और सड़कों पर शरण लेना शुरू कर दिया है। प्रभावित लोगों का कहना है कि पिछले दो दिनों से अचानक पानी बढ़ने के कारण उनके घरों में भी पानी घुस गया है। प्रशासन से पॉलीथिन शीट उपलब्ध कराने की मांग कई परिवार फिलहाल छत और सड़क पर रहने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से पॉलीथिन शीट उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि सड़क किनारे अस्थायी आश्रय बनाए जा सकें। सदर प्रखंड, धरहरा, जमालपुर, बरियारपुर और हवेली खड़गपुर के दर्जनों पंचायत हर साल बाढ़ की विभीषिका का सामना करते हैं। हालांकि इस बार अभी कुछ ही इलाकों में पानी फैला है, लेकिन गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। हरिणमार-झौवाबहियार में एसडीआरएफ की तैयारी
बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने हरिणमार और झौवाबहियार में विशेष तैयारी करने का निर्देश दिया है। एसडीआरएफ टीम के ठहरने के लिए स्थल चिह्नित करने को कहा गया है। प्रभावित क्षेत्रों के नजदीक पशुचारा रखने, जलस्तर और कटाव की लगातार निगरानी करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं। सभी संबंधित पदाधिकारियों को 24 घंटे मोबाइल चालू रखने और बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ने को कहा गया है।
सिविल सर्जन को चिन्हित राहत शिविरों में मेडिकल टीम, कैंप और पर्याप्त दवाओं की व्यवस्था रखने का निर्देश दिया गया है। सभी सीओ को अपने-अपने क्षेत्र में लगातार भ्रमण कर स्थिति की निगरानी करने को कहा गया है।
कुतलुपुर में कटाव रोकने का निर्देश
कुतलुपुर दियारा क्षेत्र में कटाव की शिकायत मिलने के बाद बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, बेगूसराय को तत्काल कटावरोधी कार्य कराने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
लल्लूपोखर और बंगाली टोला में घुसा पानी
नगर निगम क्षेत्र में भी गंगा का पानी निचले इलाकों में पहुंचने लगा है। सोमवार को वार्ड संख्या 31 के लल्लूपोखर सीढ़ी घाट, बेलन बाजार और बंगाली टोला के मोहल्लों में पानी प्रवेश कर गया। वहीं, सोझी घाट स्थित डॉल्फिन पार्क में भी गंगा का पानी पहुंचने के बाद सुरक्षा के मद्देनजर पार्क को तत्काल बंद कर दिया गया है।
बाढ़ के चलते अधिकारियों की छुट्टी रद्द संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने सभी अधिकारियों की छुट्टी तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी है। डीएम ने सभी एसडीओ, बीडीओ, सीओ और थानाध्यक्षों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने और नियमित रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया है। एसडीआरएफ और एनडीआरएफ तैनात प्रशासन ने नावों का निबंधन, स्वास्थ्य सेवाओं, पशुचारा, कम्युनिटी किचेन और बाढ़ की स्थिति में विस्थापित लोगों के लिए आश्रय स्थल की तैयारी पूरी करने को कहा है। पर्याप्त मात्रा में पॉलीथिन शीट मंगाई गई है। संवेदनशील स्थानों पर कटावरोधी कार्य भी कराया जा रहा है।
बाढ़ से निपटने के लिए एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों के साथ स्थानीय गोताखोरों की भी प्रतिनियुक्ति की गई है। प्रशासन का पूरा फोकस फिलहाल जलस्तर, कटाव और निचले इलाकों में पानी के फैलाव पर है।
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