भोपाल, उज्जैन, अकोदिया समेत कई जगह सोमवार को बारिश हुई।
आधे मध्य प्रदेश में मंगलवार को तेज बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम केंद्र (IMD) भोपाल के अनुसार, टीकमगढ़, दमोह, नरसिंहपुर, बैतूल और राजगढ़ में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है।
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वहीं, गुना, आगर-मालवा, शाजापुर, सीहोर, हरदा, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, जबलपुर, कटनी, शहडोल, छतरपुर, पन्ना, सीधी और सिंगरौली में भारी बारिश होगी। इन सभी 25 जिलों में ढाई इंच से ज्यादा पानी गिर सकता है।
यहां भी चलेगा बारिश का दौर भोपाल, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, देवास, रतलाम, ग्वालियर, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, डिंडौरी, रीवा, सतना, मऊगंज, मैहर, उमरिया, अनूपपुर और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश जारी रहेगी।

शहडोल में सोमवार रात को बाणसागर डैम के 3 गेटों को आधा-आधा मीटर खोला गया।
भोपाल में तेज बारिश, विदिशा के बाजार में भरा पानी इससे पहले सोमवार को भोपाल, विदिशा, रायसेन, शाजापुर समेत कई जिलों में तेज बारिश हुई। विदिशा के बाजार में पानी भरने से दुकानदार परेशान होते दिखे। भोपाल में कई जगहों पर यातायात बाधित होता रहा।
इससे पहले बीते 24 घंटे के अंदर नर्मदापुरम में औसत 3.7 इंच बारिश हुई। शहर या कस्बे के हिसाब से देखें तो शिवपुरी के करेरा में 5.4 इंच, निवाड़ी के ओरछा में 3.3 इंच, सागर के रहली में 3 इंच, भोपाल के कोलार में 3.2 इंच, नवीबाग में 3.1 इंच जबकि भोपाल शहर में 3 इंच बारिश हो गई।
देखिए, सोमवार को हुई बारिश की तस्वीरें…

भोपाल में सुबह से बादल छाए रहे। दोपहर बाद बारिश शुरू हो गई। रात तक बारिश का दौर जारी रहा।

भोपाल रेलवे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर शेड से पानी झरने की तरह गिरता दिखा, जबकि प्लेटफॉर्म 4, 5 और 6 के ट्रैक पानी से भर गए।

विदिशा में दोपहर के बाद तेज पानी गिरा।

शाजापुर में तेज बारिश हुई।
इसलिए ऐसा मौसम सीनियर मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि प्रदेश में लो प्रेशर एरिया (निम्न दाब क्षेत्र) और ट्रफ की एक्टिविटी देखने को मिल रही है। इस वजह से लगातार तेज बारिश हो रही है। अगले तीन दिन तक कई जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है।

40 जिलों में 6% से 51% तक कम बारिश प्रदेश के पूर्वी हिस्से- जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में 19% तक कम बारिश हुई है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी, टीकमगढ़, डिंडौरी, निवाड़ी में 6% से 51% तक कम बारिश हुई है।
वहीं, पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी,रायसेन, रतलाम, खंडवा, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में औसत से 1% से 49% कम पानी गिरा है।
15 जिलों में ज्यादा बारिश IMD की माने तो अनूपपुर, डिंडौरी, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, गुना, ग्वालियर, खरगोन और राजगढ़ में ही औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई।
मैप से समझें, 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम




जून के बाद जुलाई-अगस्त में अच्छी बारिश मौसम विभाग के अनुसार, जून में 14% कम बारिश हुई थी। जुलाई की शुरुआती दिनों में तेज बारिश होने से यह बढ़ गया। इसके बाद मानसून दो बार ब्रेक हुआ और कई दिन तक बारिश नहीं हुई। आखिरी सप्ताह में फिर से स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हो गया। बावजूद इसके 13 प्रतिशत कम बारिश हुई है। हालांकि, जुलाई का कोटा तो फुल हो गया, लेकिन जून की भरपाई नहीं हो पाई।
प्रदेश की सामान्य बारिश 37.3 इंच प्रदेश की सामान्य बारिश 37.3 इंच है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जिले की सामान्य बारिश 38 से 39 इंच तक है।
अब जानिए, एमपी के 5 बड़े शहरों में बारिश का रिकॉर्ड…
भोपाल में 2006 में अगस्त में 35 इंच बारिश का रिकॉर्ड भोपाल में अगस्त में मानसून जमकर बरसता है। इस महीने राजधानी में औसत साढ़े 35 इंच तक बारिश हो चुकी है, जो साल 2006 में हुई थी। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश करीब 12 इंच 14 अगस्त 2006 को हुई थी। पिछले सालों की बात करें तो 2015 और 2022 में 30 इंच से ज्यादा पानी गिर चुका है।
भोपाल में इस महीने औसत 14 दिन बारिश होती है। इस दौरान 13 दिन तक पानी गिर जाता है। जुलाई जैसे ही सिस्टम एक्टिव होते हैं।

इंदौर में 1944 में गिरा था 28 इंच पानी इंदौर में अगस्त महीने में औसत 28 इंच बारिश का रिकॉर्ड है, जो साल 1944 में दर्ज किया गया था। 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश का रिकॉर्ड 22 अगस्त 2020 को बनाया था। इस दिन साढ़े 10 इंच पानी गिरा था। पिछले 10 साल में दो बार 17 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है।
इंदौर में अगस्त महीने की औसत बारिश 10 से 11 इंच है। महीने में 12 से 13 दिन तक बारिश होती है।

ग्वालियर में 24 घंटे में साढ़े 8 इंच बारिश का रिकॉर्ड ग्वालियर में 24 घंटे में साढ़े 8 इंच बारिश होने का रिकॉर्ड है, जो 10 अगस्त 1927 को बना था। सर्वाधिक मासिक बारिश वर्ष 1916 में 28 इंच हुई थी। इस महीने की औसत बारिश साढ़े 9 इंच है। एवरेज 12 दिन बारिश होती है।

जबलपुर में 102 साल पहले गिरा था 44 इंच पानी जबलपुर में एक महीने में 44 इंच बारिश का रिकॉर्ड है। 102 साल पहले यानी, वर्ष 1923 में अगस्त महीने में बारिश ने रिकॉर्ड तोड़ दिया था। इसी साल 20 अगस्त को 24 घंटे में ही 13 इंच बारिश हुई थी। यहां बादल फटने जैसी स्थिति बनी थी।
जबलपुर में इस महीने की औसत बारिश 18 इंच है। करीब 16 दिन तक पानी गिरता है। पिछले 10 साल की बात करें तो साल 2019 में यहां 30.61 इंच बारिश हुई थी।

उज्जैन में अगस्त में जमकर होती है बारिश उज्जैन में साल 2006 में सर्वाधिक बारिश का रिकॉर्ड बना था। इस साल अगस्त महीने में करीब 35 इंच बारिश हुई थी। इसी साल 24 घंटे में सर्वाधिक 12 इंच बारिश का रिकॉर्ड 10 अगस्त को बना था। उज्जैन में अगस्त की औसत बारिश 10 इंच है। 10 से 11 दिन यहां बारिश होती है।

