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झारखंड में लो प्रेशर का असर दिखना शुरू:गुमला, खूंटी, सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां में भारी बारिश




बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र का असर अब झारखंड में दिखने लगा है। राजधानी रांची सहित कई जिलों में बादल छाए हुए हैं। हल्की बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने आज गुमला, खूंटी, सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां में भारी बारिश की चेतावनी देते हुए यलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार लो प्रेशर के प्रभाव से 28 अगस्त तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। पूरे सप्ताह अधिकांश जिलों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। राजधानी रांची में भी छिटपुट बारिश का दौर जारी रहेगा। 27 अगस्त को रांची में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, 30 अगस्त तक राजधानी में बादल छाए रहने और कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक आने वाले दिनों में मानसूनी गतिविधियां और सक्रिय हो सकती हैं। रांची में बारिश से 3.4 डिग्री गिरा पारा लो प्रेशर के प्रभाव का असर सोमवार को रांची समेत राज्य के कई जिलों में देखने को मिला। राजधानी में दोपहर करीब तीन बजे डंगराटोली, लालपुर समेत कई इलाकों में बारिश शुरू हुई। रुक-रुककर करीब एक घंटे तक बारिश होती रही। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार सोमवार को रांची में 14 मिमी बारिश दर्ज की गई। सिमडेगा में सबसे अधिक 30 मिमी बारिश हुई। इसके अलावा मेदिनीनगर में 15 मिमी, खूंटी में आठ मिमी, सरायकेला में 18 मिमी, लोहरदगा में छह मिमी, बोकारो में तीन मिमी और चाईबासा में नौ मिमी बारिश दर्ज की गई। बारिश के कारण रांची समेत लगभग सभी जिलों के तापमान में गिरावट आई। राजधानी रांची के तापमान में 3.4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। राज्य में अब भी 11% बारिश की कमी राज्य में अच्छी बारिश के बावजूद मानसून की कुल स्थिति अब भी सामान्य से कमजोर है। एक जून से 24 अगस्त तक झारखंड में सामान्य बारिश 744.5 मिमी होनी चाहिए थी, जबकि अब तक 661.1 मिमी बारिश दर्ज की गई है। इस तरह राज्य में सामान्य से 11 प्रतिशत कम बारिश हुई है। हालांकि, कई जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से बेहतर है। पश्चिमी सिंहभूम में सामान्य से 46 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है। रांची में चार प्रतिशत, सिमडेगा में सात प्रतिशत, सरायकेला-खरसावां में आठ प्रतिशत और खूंटी में पांच प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग को उम्मीद है कि बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के कारण अगले कुछ दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। इससे राज्य में बारिश की कमी कुछ हद तक कम हो सकती है। वहीं, भारी बारिश की चेतावनी वाले जिलों में लोगों को मौसम के बदलाव को देखते हुए सतर्क रहने की जरूरत है।



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