धमतरी में महानदी गंगा आरती का चौथा सोमवार:सोमवार को उमड़े हजारों श्रद्धालु, ‘हर हर महादेव’ से गूंजा रुद्रेश्वर घाट काशी जैसा दिखा नजारा




छत्तीसगढ़ के धमतरी में सावन के चौथे सोमवार को महानदी तट पर काशी की तर्ज पर गंगा आरती का भव्य आयोजन किया गया। देर रात तक चले इस धार्मिक आयोजन में हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। रुद्रेश्वर घाट पर जब सात पंडितों ने विधि-विधान से महानदी की आरती की तो पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। इस दौरान ‘हर हर महादेव’ के जयघोष से घाट गूंज उठा। धमतरी में सावन मास के दौरान पहली बार गंगा आरती का आयोजन किया गया। चारों सोमवार को महानदी तट पर स्थित रुद्रेश्वर महादेव मंदिर के प्रांगण में रुद्रेश्वर घाट पर आरती कराई गई। अंतिम सोमवार को श्रद्धालुओं की बड़ी भीड़ उमड़ी और आयोजन के बाद महाप्रसादी का वितरण किया गया। सात पंडितों ने की महानदी की आरती आयोजन के तहत सावन के प्रत्येक सोमवार को सात पंडितों द्वारा गंगा आरती संपन्न कराई गई। चौथे सोमवार को भी शाम से ही रुद्रेश्वर घाट पर श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। आरती से पहले स्कूली विद्यार्थियों ने भक्ति गीतों की प्रस्तुति दी। भजनों के बीच श्रद्धालु भी भक्तिभाव में डूबे नजर आए। इसके बाद सात पंडितों ने विधि-विधान से महानदी की आरती की। आरती शुरू होते ही घाट पर ‘हर हर महादेव’ और धार्मिक जयघोष गूंजने लगे। काशी जैसा नजारा देख श्रद्धालु बोले- अद्भुत अनुभव गंगा आरती में धमतरी के अलावा आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। श्रद्धालुओं ने कहा कि महानदी के तट पर पहली बार इस तरह की गंगा आरती देखना उनके लिए बेहद खास अनुभव रहा। कई श्रद्धालुओं ने कहा कि रुद्रेश्वर घाट पर उन्हें काशी जैसा नजारा देखने को मिला। आरती और भक्ति के माहौल से उन्हें सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव हुआ। श्रद्धालुओं ने आयोजकों से इस आयोजन को हर साल सावन में जारी रखने का आग्रह किया। धर्म की नगरी धमतरी में ऐसी पहल को बताया सराहनीय सावन के दौरान आयोजित गंगा आरती में कई प्रमुख अतिथि भी शामिल हुए। इनमें विधायक अनुज शर्मा, लोक गायिका आरु साहू और भिलाई विधायक देवेंद्र यादव प्रमुख रूप से मौजूद रहे। अतिथियों ने धमतरी को ‘धर्म की नगरी’ बताते हुए ऐसे धार्मिक आयोजनों को लोगों को जोड़ने वाली पहल बताया। उन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक जुड़ाव को भी मजबूत करते हैं। आयोजकों ने बताया- काशी जाने के बजाय धमतरी में ही आरती कराने का विचार आया आयोजकों ने बताया कि कई लोग काशी जाकर गंगा आरती देखने की इच्छा रखते थे, लेकिन इसके लिए यात्रा की योजना बनाना हर किसी के लिए आसान नहीं होता। इसी विचार के बाद आयोजनकर्ताओं ने सोचा कि महानदी के तट पर ही काशी की तर्ज पर गंगा आरती का आयोजन किया जाए। इसके बाद सावन मास के चारों सोमवार को रुद्रेश्वर घाट पर गंगा आरती कराने की योजना बनाई गई। आयोजकों के मुताबिक, इस साल श्रद्धालुओं, जिला प्रशासन और नागरिकों का अच्छा सहयोग मिला। अगले सावन में आयोजन को और भव्य बनाने की तैयारी आयोजकों ने कहा कि इस बार मिले सहयोग और श्रद्धालुओं की प्रतिक्रिया से वे उत्साहित हैं। आने वाले सावन में गंगा आरती को और भव्य रूप देने का प्रयास किया जाएगा। आयोजकों के मुताबिक, श्रद्धालु भी चाहते हैं कि धमतरी में हर साल इसी तरह महानदी तट पर गंगा आरती हो। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले श्रद्धालुओं, जिला प्रशासन और नागरिकों के प्रति आभार जताया।



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