Headlines

मेदिनीनगर में युवक को लगी गोली:ऑफिस से घर लौटते समय की घटना, एक घंटे बाद अस्पताल पहुंचा, पुलिस ने संदिग्ध माना




पलामू जिला मुख्यालय मेदिनीनगर में मंगलवार रात एक युवक को गोली लगने से सनसनी फैल गई। घटना जेलहाता ओवरब्रिज से सटे डॉ. अरुण शुक्ला अस्पताल रोड पर हुई। गोली युवक के पेट में लगी। घायल युवक करीब एक घंटे बाद इलाज के लिए मेदिनी राय मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एमएमसीएच) पहुंचा। घायल की पहचान लेस्लीगंज थाना क्षेत्र के सोनवर्षा गांव निवासी जितेंद्र पासवान (28) के रूप में हुई है। जितेंद्र बैरिया स्थित बाजार समिति के सामने एक आर्किटेक्ट के कार्यालय में काम करता है। मंगलवार रात काम खत्म करने के बाद वह मोटरसाइकिल से अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान जेलहाता ओवरब्रिज से सटे डॉ. अरुण शुक्ला अस्पताल रोड पर पहुंचने के बाद वह गोली लगने से घायल हो गया। सेंट्रल जेल के दूसरे गेट के पास सुनी गोली चलने की आवाज जितेंद्र के अनुसार, वह जेलहाता ओवरब्रिज से आगे डॉ. अरुण शुक्ला अस्पताल रोड की ओर मुड़ा था। इसी दौरान सेंट्रल जेल के दूसरे गेट के पास अचानक गोली चलने की आवाज सुनाई दी। रात में अंधेरा होने के कारण वह यह स्पष्ट नहीं कर सका कि गोली किस दिशा से चली और किसने चलायी। इसके बाद वह मोटरसाइकिल से साहित्य समाज चौक की ओर पहुंचा। वहां उसे अपने पेट से खून निकलता दिखाई दिया। तब उसे पता चला कि गोली उसे लगी है। घायल अवस्था में जितेंद्र पहले अपने घर पहुंचा और परिजनों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिजन उसे इलाज के लिए अस्पताल ले गये। घटना के करीब एक घंटे बाद वह एमएमसीएच पहुंचा, जहां उसका इलाज शुरू किया गया। किसी और को निशाना बनाकर चलाई गई होगी गोली बुधवार सुबह अस्पताल में इलाज के दौरान जितेंद्र ने पुलिस और अन्य लोगों को घटना के संबंध में जानकारी दी। उसने बताया कि घटना के समय उसकी मोटरसाइकिल के आगे कुछ लोग स्कूटी से जा रहे थे। जितेंद्र ने आशंका जतायी कि संभव है कि गोली चलाने वालों ने स्कूटी सवार उन्हीं लोगों को निशाना बनाकर फायरिंग की हो और गोली गलती से उसे लग गयी। हालांकि, गोली किसने चलायी, किसे निशाना बनाया गया था और घटना के पीछे क्या कारण है, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। घटनास्थल के आसपास की परिस्थितियों और युवक के बयान को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गोलीबारी वास्तव में किस परिस्थिति में हुई और इसमें कौन लोग शामिल थे। अस्पताल पहुंचने में देरी से पुलिस को मामला संदिग्ध पुलिस इस घटना को फिलहाल संदिग्ध मानकर जांच कर रही है। खासकर गोली लगने के बाद घायल युवक के करीब एक घंटे बाद अस्पताल पहुंचने को लेकर पुलिस के मन में सवाल हैं। एसडीपीओ राजेश यादव ने बताया कि घटनास्थल के पास ही अस्पताल है। युवक का घर भी अस्पताल से अधिक दूर नहीं है। ऐसे में गोली लगने के बावजूद करीब एक घंटे बाद एमएमसीएच पहुंचना मामले को संदिग्ध बना रहा है। पुलिस गोली लगने के वास्तविक कारणों की जांच कर रही है। युवक के बयान, घटनास्थल की परिस्थितियों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *