![]()
संभल में बुधवार दोपहर करीब 2:30 बजे गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से एक मकान का शेष हिस्सा भी ढह गया। मकान की नींव में पानी भरने से मंगलवार सुबह करीब 11 बजे पिछली दीवार गिर गई थी। इसके बाद बुधवार को मकान का बाकी हिस्सा भी भरभराकर गिर गया। हादसे के समय घर में कोई मौजूद नहीं था, जिससे जनहानि टल गई। मकान के मलबे में करीब 10 कुंतल गेहूं और 50 हजार रुपए से अधिक का घरेलू सामान दबकर खराब हो गया। पीड़ित ने दो लाख रुपए से अधिक का नुकसान बताया है। मामला गुन्नौर तहसील क्षेत्र के बझांगी गांव का है। नींव में पानी भरने से कमजोर हुआ मकान गांव बझांगी निवासी प्रमोद कुमार पुत्र शिवनारायण सिंह यादव का मकान पिछले कई दिनों से गंगा के पानी की चपेट में था। ग्रामीणों के अनुसार, पूरे सावन महीने में गांव में पानी भरा रहा। पिछले तीन दिनों से गंगा का पानी लगातार गांव के अंदर पहुंच रहा था। इससे मकान की नींव कमजोर हो गई और पहले पिछली दीवार गिरी। बुधवार दोपहर मकान का बाकी हिस्सा भी ढह गया। गेहूं और घरेलू सामान मलबे में दबा मकान गिरने से घर में रखा करीब 10 कुंतल गेहूं और 50 हजार रुपए से अधिक का घरेलू सामान मलबे में दबकर खराब हो गया। प्रमोद कुमार के परिवार ने बताया कि हादसे में दो लाख रुपए से अधिक का नुकसान हुआ है। मकान गिरने के बाद परिवार के सामने रहने और घरेलू सामान की सुरक्षा की समस्या खड़ी हो गई है। लेखपाल और पंचायत सचिव ने किया निरीक्षण मकान गिरने की सूचना मिलते ही बाढ़ चौकी प्रभारी लेखपाल आकाश कुमार और ग्राम पंचायत सचिव मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर नुकसान की रिपोर्ट तैयार की और उच्चाधिकारियों को भेजी। बीडीओ कमलकांत ने भी एडीओ पंचायत कुलदीप कुमार को मौके पर भेजकर जांच रिपोर्ट मांगी। प्रशासन ने मदद का भरोसा दिया तहसीलदार रवि सोनकर ने बताया कि मकान गिरने की सूचना के बाद लेखपाल को मौके पर भेजा गया था। घटनास्थल की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी। उन्होंने कहा कि नियमानुसार पीड़ित परिवार को हर संभव मदद दिलाने का प्रयास किया जाएगा। गंगा किनारे बसे गांवों में प्रशासन पहले ही अलर्ट जारी कर चुका है।
Source link
गंगा के पानी से मकान ढहा, 2 लाख का नुकसान:10 कुंतल गेहूं और घरेलू सामान मलबे में दबा; घर खाली होने से टला हादसा
