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धौलपुर में आगामी नगरपालिका और पंचायती राज चुनावों के बहिष्कार का निर्णय लिया गया है। यह फैसला धौलपुर-करौली टाइगर रिजर्व को रद्द करने की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच सर्व समाज की बैठक में लिया गया। आंदोलनकारियों का कहना है कि समस्याओं का समाधान न होने पर चुनाव बहिष्कार के जरिए विरोध दर्ज कराया जाएगा। आंदोलनकारियों का आरोप है कि वन विभाग की पाबंदियों के कारण नगरपालिका क्षेत्र में मकान, दुकान और प्लॉट के पट्टे जारी नहीं हो पा रहे हैं। उन्हें टाइगर रिजर्व परियोजना के नाम पर जमीनों के अधिग्रहण की भी आशंका है। लोगों का कहना है कि यह आंदोलन केवल जमीन बचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि मकान, दुकान, जमीन और क्षेत्र की सभ्यता-संस्कृति को बचाने की लड़ाई है। बसंतपुरा मोड़ पर चल रहे धरना-प्रदर्शन को मजबूती देने के लिए चुनाव बहिष्कार का आह्वान किया गया है। इसी बीच, धौलपुर नगर परिषद के वार्ड संख्या 8 में भी कॉलोनीवासियों ने मतदान बहिष्कार का ऐलान किया है। वे गली की बदहाल स्थिति से नाराज हैं। स्थानीय लोगों ने विरोध दर्ज कराने के लिए गली के दोनों छोरों पर बड़े-बड़े बैनर लगाए हैं। कॉलोनीवासियों के अनुसार, गली में निकलने का रास्ता नहीं बचा है। कीचड़ और गंदगी के कारण आवागमन में भारी परेशानी हो रही है। बारिश में स्थिति और बिगड़ जाती है। लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया है। इस प्रकार, एक ओर टाइगर रिजर्व के मुद्दे पर क्षेत्र के लोगों ने चुनाव बहिष्कार का निर्णय लिया है, वहीं दूसरी ओर वार्ड 8 के निवासियों ने स्थानीय विकास कार्यों में अनदेखी से नाराज होकर मतदान से दूरी बनाने की चेतावनी दी है। दोनों ही मामलों में लोगों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार नहीं किया जाता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
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धौलपुर में दो स्थानों पर चुनाव बहिष्कार की घोषणा:टाइगर रिजर्व रद्द करने और गली की बदहाली पर नाराजगी
