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Hisar Municipal Corporation Strike | Police Face Trash Protest Controversy


हिसार के सातरोड़ में पुलिसकर्मचारियों पर कचरा फेंकते नगर निगम कर्मचारी।

हिसार में हड़ताल पर बैठे सफाई कर्मी गुरुवार को पुलिस से भिड़ गए। सफाईकर्मी सड़क पर कचरा डालकर प्रदर्शन कर रहे थे, जिसे हटाने निगम की एक टीम पुलिस बल के साथ पहुंची।

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जैसे ही प्रदर्शनकारियों ने टीम को कचरा उठाते देखा उन्होंने जोरदार हंगामा और नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिसकर्मी सभी को समझाने लगे और उन्हें साइड होकर प्रदर्शन करने को कहने लगे।

प्रदर्शनकारी पुलिस की बात नहीं माने और कचरा उठाने से रोकने लगे। इस पर पुलिस उन्हें हिरासत में लेने लगी। जिसपर कुछ सफाईकर्मियों ने पुलिसकर्मियों पर ही कचरा फेंकना शुरू कर दिया। महिला कर्मी भी कूड़े से भरे थैले सिर पर मारती दिखीं।

वहीं, बिगड़ते हालात को देखते हुए आज हिसार मेयर प्रवीण पोपली और निगम कमिश्नर ने संस्थाओं, पार्षद, पार्षद प्रतिनिधि, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA), व्यापारी संगठन के साथ इमरजेंसी मीटिंग बुलाकर सहयोग की अपील की।

सफाई कर्मचारियों के विरोध की दो तस्वीरें…

कचरा उठाने पहुंची निगम टीम का सफाईकर्मियों ने किया विरोध

नगर निगम की टीम पुलिस सुरक्षा के बीच सातरोड़ में कचरा उठाने पहुंची तो हड़ताल पर बैठे सफाई कर्मचारियों ने विरोध शुरू कर दिया। महिला पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारी महिलाओं को रोकने और हिरासत में लेकर पुलिस बस में बैठाने का प्रयास किया।

पुलिस और सफाईकर्मियों में धक्का-मुक्की

विरोध के दौरान महिला सफाईकर्मियों ने सड़क पर पड़ा कचरा और थैलियां पुलिसकर्मियों की ओर फेंकना शुरू कर दिया। इसके बाद दोनों पक्षों में खींचतान और धक्का-मुक्की हुई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को पीछे हटाने और कुछ को हिरासत में लेने की कोशिश की, जिससे मौके पर काफी देर तक अफरा-तफरी रही।

सफाई व्यवस्था को लेकर निगम की बैठक, मेयर ने मांगा सहयोग

शहर की सफाई व्यवस्था को सुचारू करने के लिए मेयर प्रवीण पोपली अध्यक्षता में बैठक हुई।मेयर ने शहरवासियों और विभिन्न संगठनों से सफाई व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते शहर में बड़ी मात्रा में कचरा जमा हो गया है। निगम प्रशासन लगातार कचरा कलेक्शन और उठान करा रहा है, लेकिन कुछ जगहों पर विरोध के कारण दिक्कतें आ रही हैं।

अब पढ़िए सफाईकर्मी क्या मांग कर रहे…

क्यों नहीं मान रहे सफाईकर्मी…

  • 13 मई के समझौते के बाद भी आदेश जारी नहींः कैथल के नगरपालिका कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों शिवचरण और विक्की टांक ने कहा कि 8 फरवरी 2026 को सरकार ने आंदोलन के दबाव में पे-रोल कर्मचारियों को पक्का करने का पत्र जारी किया था। लंबी हड़ताल के बाद 13 मई को हरियाणा भवन में मंत्री विपुल गोयल, CM के प्रधान सचिव आरके खुल्लर और अधिकारियों की संघ के साथ करीब 6 घंटे बैठक हुई थी। इसमें मांगें मानकर 20 जून तक परिपत्र जारी करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक मुख्य मांगों के आदेश जारी नहीं हुए।
  • 13 हजार कर्मी पक्का करने का वादा नहीं निभायाः पदाधिकारियों के मुताबिक, 13 मई के समझौते में राज्य के करीब 13 हजार कच्चे सफाई, सीवर और फायर कर्मचारियों को पक्का करने का आश्वासन दिया गया था। उनका आरोप है कि सरकार वादे से पीछे हट रही है और लंबे समय से किसी सफाई, सीवर या फायर कर्मचारी को नियमित नहीं किया गया।
  • अब भी पक्का करने के मामले पर ही पेंचः 22 अगस्त को कुरुक्षेत्र के जिमखाना क्लब में करीब 2 घंटे में दो दौर की बातचीत हुई। सरकार की ओर से सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण गुप्ता, ULB आयुक्त अशोक मीणा आए। कर्मचारी यूनियन के 10 सदस्यीय कमेटी से बात हुई। 14 में से 13 मांगों पर सहमति बनी, लेकिन कर्मिंयों को पक्का करने की मांग पर कानूनी राय मांगने पर मामला फंस गया।

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