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आज दिनभर बांधी जा सकेगी भाई को राखी:सूर्योदय से सुबह 9:48 बजे तक शुभमुहूर्त; ग्रहण का प्रभाव, पंचक में गणेश जी को अर्पित करें राखी




इस साल रक्षा बंधन का ऐसा मुहूर्त आया है कि न तो भद्रा का प्रभाव है और न ही कोई अन्य बाधा। आज बहनें निश्चिंत होकर अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। श्री सिद्धपीठ दंडी स्वामी के आचार्य सोहन वेदपाठी के अनुसार आज सुबह सूर्योदय से लेकर 9:48 तक पूर्णिमा रहेगी। पंजाब के अलग-अलग शहरों में सूर्योदय का समय अलग-अलग हो सकता है। उनका कहना है कि पंजाब में लगभग 6 बजे तक सभी शहरों में सूर्योदय हो जाएगा। इसलिए सुबह 6 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का शुभ मुहूर्त है। वहीं ज्यातिषाचार्य रचना शर्मा का कहना है कि आज पूर्णिया उदया तिथि है। सुबह के समय शुभ मुहूर्त है लेकिन पूरे दिन राखी बांधी जा सकती है। उनका कहना कहना है कि इस बार रक्षा बंधन पर भद्रा की छाया नहीं है। 27अगस्त से पंचक शुरू हो गए हैं इसलिए राखी बांधने से पहले घर में पूजा स्थल पर राखी चढ़ाएं। सूर्योदय से पहले समाप्त हो जाएगी भद्रा आचार्य सोहन वेदपाठी के अनुसार, रक्षाबंधन का मुहूर्त तय करने के लिए दो चीजें देखी जाती हैं। एक पूर्णिमा तिथि होनी चाहिए दूसरा भद्रा काल न हो। इस बार भद्रा काल सूर्योदय से पहले ही समाप्त हो रहा है। इसलिए सुबह राखी बांधने के समय भद्रा की बाधा नहीं रहेगी। यही कारण है कि 28 अगस्त की सुबह का समय राखी बांधने के लिए सर्वोत्तम है। ज्योतिषाचार्य रचना शर्मा का कहना है कि बहनें कोशिश करें कि पूर्णिमा तिथि में ही राखी बांधे लेकिन उसके बाद भी राखी बांधने में कोई दोष नहीं है। उनका कहना है कि हम उदया तिथि को ही पूरे दिन की तिथि मानते हैं। ऐसे में पूरे दिन राखी बांधी जा सकती है। पूजा की थाली में रखें राखी, मौली, रोली, चावल और मिठाई राखी बांधने से पहले पूजा की थाली तैयार की जा सकती है। इसमें राखी, मौली, रोली या कुमकुम, अक्षत यानी चावल, दीपक, मिठाई और फूल रखे जाते हैं। कई परिवार अपनी परंपरा के अनुसार नारियल, मौली, फल और पानी का कलश भी रखते हैं। पहले भगवान की पूजा की जाती है। इसके बाद भाई को तिलक लगाया जाता है, चावल लगाए जाते हैं और आरती करने के बाद उसकी कलाई पर पहले मौली और फिर राखी बांधी जाती है। चंद्रग्रहण भी लगेगा लेकिन भारत में नहीं दिखेगा आचार्य सुमित वेदपाठी का कहना है कि 28 अगस्त को चंद्रग्रहण भी लग रहा है, लेकिन यह ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा। भारत में दिखाई न देने के कारण यहां इसका कोई सूतक काल या धार्मिक प्रभाव मान्य नहीं होगा। श्रद्धालु बिना किसी संशय के पूरे उत्साह और विधान के साथ रक्षाबंधन का पर्व मना सकते हैं। अटारी बॉर्डर पर जवानों के साथ रक्षा बंधन मनाएंगी चावला पूर्व मंत्री व भाजपा नेता लक्ष्मी कांता चावला हर साल अटारी बॉर्डर पर जाकर बीएसएफ जवाने के साथ रक्षा बंधन का पर्व मनाती हैं। वो राखियां लेकर जाती हैं और जवानों को राखियां बांधकर उनके कुशल मंगल की कामना करती हैं। अन्य संस्थाओं से जुड़ी महिलाएं भी रक्षा बंधन के पर्व पर अटारी बॉर्डर जाकर जवानों की कलाई में रक्षा सूत्र बांधती हैं। पंजाब की जेलों में बहनें बांधेंगी राखी पंजाब की जेलों में हर साल कैदियों और हवालातियों को उनकी बहनें राखी बांधने जाती हैं। इसी तरह महिला जेलों में बंद बहनों से राखी बंधवाने के लिए उनके भाई भी पहुंचते हैं। जेल प्रशासन की तरफ से इस मौके पर विशेष इंतजाम किए जाते हैं। श्री दंडी स्वामी मंदिर में राखी बांधने आती हैं महिलाएं लुधियाना के दंडी स्वामी मंदिर में बड़ी संख्या में महिलाएं राखी लेकर पहुंचती हैं। महिलाएं श्री दंडी स्वामी जी को राखियां अर्पित करती हैं। इसी तरह लोग अलग अलग मंदिरों में भगवान का राखियां अर्पित करने जाती हैं।



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