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रोहतक के दयानंद मठ में पाखंड खंडन महासम्मेलन के माध्यम से अंधविश्वास को दूर करने का प्रयास 30 अगस्त को किया जाएगा। हांसी के बाद अब रोहतक में आर्य समाज से जुड़े दिग्गज इस महासम्मेलन में शामिल होंगे और रामपाल की पोल खोलने का काम किया जाएगा। दयानंद मठ के उपप्रधान उमेद सिंह ने बताया कि पाखंड खंडन महासम्मेलन की अध्यक्षता प्रधान धर्मवीर आर्य करेंगे। इस सम्मेलन के माध्यम से समाज में फैले पाखंड और भ्रामक विचारधाराओं के खिलाफ एक निर्णायक वैचारिक युद्ध का शंखनाद किया जाएगा, जिसमें संतों के सुझाव भी शामिल होंगे। समाज को गुमराह करने वालों का होगा विरोध
उमेद सिंह ने कहा कि सम्मेलनक का मुख्य उद्देश्य समाज को गुमराह करने वाले तत्त्वों के खिलाफ एक सीधा प्रहार है। आज के समय में भोले-भाले लोगों को अंधविश्वास के जाल में फंसाकर उनका मानसिक और आर्थिक शोषण किया जा रहा है। उन्हें इस अंधश्रद्धा से बाहर निकालना है। पाखंडियों की खोली जाएगी पोल
उमेद सिंह ने कहा कि वैदिक सत्य और प्रमाणों पर जोर देते हुए पाखंडियों की पोल खोली जाएगी। वेदों और पवित्र शास्त्रों की मनगढंत व्याख्या करके जो झूठा मायाजाल बुना गया है, आगामी 30 अगस्त को उस झूठ के महल को तथ्यों और तर्कों की कसौटी पर सरेआम ध्वस्त किया जाएगा। सनातन की आड़ में फैला रहे ढोंग
उमेद सिंह ने कहा कि सत्य का मार्ग ज्ञान का मार्ग है। हम समाज, हर वर्ग के लोगों को इस वैचारिक क्रांति में शामिल होना चाहिए, ताकि कोई भी ढोंगी सनातन धर्म की आड़ में आम जनमानस को न ठग सके। ऐसे लोगों का सामाजिक बहिष्कार करना चाहिए।
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हांसी के बाद अब रोहतक में पाखंड खंडन महासम्मेलन:30 अगस्त को आर्य समाज से जुड़े दिग्गज, अंधविश्वास को खत्म करने का आह्वान
