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गोंडा में बिसुही नदी पर बने दो पुल हुए जर्जर:जान जोखिम में डालकर आने-जाने को मजबूर ग्रामीण, सड़कों पर पानी और जलभराव




गोंडा जिले के रूपईडीहा विकासखंड में बिसुही नदी पर बने दो पुल जर्जर हालत में हैं इन पुलों से होकर मंगलनगर, वीरपुर भोज, गेंधरिया और गणेशपुर सहित दर्जनों गांवों के ग्रामीण और स्कूली बच्चे जान जोखिम में डालकर आवागमन कर रहे हैं। सड़कों पर भारी जलभराव है, जिससे पानी बह रहा है। कुछ ऐसी ही तस्वीर आज शुक्रवार दोपहर 1:00 बजे देखने को मिली है जहां जान जोखिम में डाल करके लोग रक्षाबंधन त्यौहार मनाने के लिए जा रहे हैं। पहला जर्जर पुल मंगलनगर के पास स्थित है, जिसकी चारदीवारी पुरानी होकर गिर चुकी है और पुल का काफी हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है। दूसरा पुल इससे लगभग एक किलोमीटर दूर सिसईमाफी से गणेशपुर जाने वाली सड़क पर है, और वह भी जर्जर स्थिति में है। इन दोनों पुलों के आसपास पूरी तरह से जलभराव की स्थिति बनी हुई है। रात के समय इस रास्ते से गुजरना बेहद खतरनाक हो जाता है। अनजान व्यक्ति रोशनी के सहारे भी सावधानी से न चले तो हादसे का शिकार हो सकता है। स्थानीय प्रशासन ने अभी तक इन जर्जर पुलों की मरम्मत नहीं की है और न ही ग्रामीणों को जलभराव की समस्या से निजात मिली है। पिछले वर्ष, रक्षाबंधन के दिन मंगलनगर में इसी जलभराव के कारण एक व्यक्ति की डूबने से मौत हो गई थी, जो बाजार से राखी खरीदकर लौट रहा था। इस घटना को लगभग एक साल पूरा हो चुका है, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। आज शुक्रवार दोपहर 1 बजे भी ऐसी ही स्थिति देखने को मिली, जहां पुल पूरी तरह जर्जर था और जलभराव बरकरार था। आज भी ग्रामीण रक्षाबंधन का त्योहार मनाने के लिए जान जोखिम में डालकर पानी से होकर गुजर रहे हैं। वहीं गोंडा लोक निर्माण विभाग के जब अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने बताया कि दिखवाया जा रहा है कि पुल कब से जर्जर है और किस विभाग का पुल बना हुआ है। अगर हमारे विभाग से बना होगा तो एस्टीमेट भेज करके मरम्मत करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी अगर किसी अन्य विभाग से बना होगा तो उन्हें भी पत्र भेजा जाएगा।



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