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अटैचमेंट के बाद भिंड CMO के समर्थन में उतरे पार्षद:जिन्होंने कार्यशैली पर उठाए थे सवाल, वही अब तबादला निरस्त कराने पहुंचे कलेक्टर कार्यालय




भिंड नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) यशवंत वर्मा का जेडी कार्यालय ग्वालियर अटैचमेंट होते ही शहर की राजनीति गर्मा गई है। जो पार्षद पिछले ढाई वर्षों से वार्डों में विकास कार्य न होने, साफ-सफाई, जलभराव और पक्षपातपूर्ण कार्यशैली को लेकर सीएमओ पर सवाल उठाते रहे, वही अब उनके समर्थन में उतर आए हैं। गुरुवार को 10 से 12 पार्षदों और उनके प्रतिनिधियों ने कलेक्टर किरोड़ी लाल मीणा को ज्ञापन सौंपकर स्थानांतरण निरस्त कराने की मांग की। इस घटनाक्रम ने नगर पालिका की राजनीति को नए मोड़ पर ला दिया है। सांसद ने दिशा समिति ने उठाया था मुद्दा
जानकारी के अनुसार, सांसद संध्या राय ने हाल ही में दिशा समिति की बैठक में सीएमओ के खिलाफ लगातार मिल रही शिकायतों का मुद्दा उठाया था। इसके बाद कलेक्टर के माध्यम से नगरीय प्रशासन आयुक्त को प्रतिवेदन भेजा गया और भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों के आधार पर बुधवार शाम सीएमओ यशवंत वर्मा को जेडी कार्यालय ग्वालियर अटैच किए जाने के आदेश जारी हुए। आदेश के कुछ घंटों बाद ही शहर में उन्हें वापस लाने की कवायद शुरू हो गई। नेता के घर हुई बैठक, फिर बदल गए समीकरण
सूत्रों के अनुसार गुरुवार को शहर के एक वरिष्ठ नेता के निवास पर कुछ पार्षदों की बैठक हुई। बैठक में वार्डों के लंबित विकास कार्यों को लेकर सहमति बनने की चर्चा रही। इसके बाद पार्षदों का एक समूह नगर पालिका अध्यक्ष वर्षा वाल्मीकि के कथित प्रतिनिधि सुनील वाल्मीकि के साथ कलेक्टर कार्यालय पहुंचा और सीएमओ को पुनः भिंड में पदस्थ करने की मांग वाला ज्ञापन सौंप दिया। राजनीतिक गलियारों में इसे ट्रांसफर के बाद बदले समीकरण के रूप में देखा जा रहा है।
जो जलभराव पर नाराज थे, अब समर्थन में
पहली बारिश में वार्डों व कई इलाकों में नालों की सफाई न होने से जलभराव की स्थिति बनी थी। उस दौरान संबंधित पार्षद स्वयं नालों की सफाई कराते और लोगों के घरों से पानी निकलवाते नजर आए थे। उन्होंने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर नाराजगी भी जताई थी। अब वही पार्षद सीएमओ के समर्थन में सामने आने से राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। सूत्रों के मुताबिक 8 से 10 पार्षद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रस्तावित भिंड दौरे के दौरान उनसे मुलाकात कर सीएमओ का स्थानांतरण निरस्त करने की मांग वाला ज्ञापन सौंपने की तैयारी में हैं। इसे लेकर रणनीति बनाई जा रही है। उपाध्यक्ष बोले- अधिकांश पार्षद पहले से थे नाराज
नगर पालिका उपाध्यक्ष भानु प्रताप भदौरिया ने कहा कि वह निजी कार्य से शहर से बाहर हैं, लेकिन उन्हें जानकारी मिली है कि एक वरिष्ठ नेता के घर बैठक कर कुछ पार्षदों को सीएमओ के समर्थन में खड़ा किया गया। उनका कहना है कि अधिकांश पार्षद नगर पालिका की कार्यशैली से नाराज रहे हैं। सांसद संध्या राय ने जो मुद्दे उठाए, वे उचित थे। शहर की सड़कें बदहाल हैं, नालों की सफाई अधूरी है और विकास कार्यों की स्थिति किसी से छिपी नहीं है। ज्ञापन में क्या कहा गया
कलेक्टर को दिए गए ज्ञापन में पार्षदों ने दावा किया कि सीएमओ यशवंत वर्मा के कार्यकाल में स्वच्छता, पेयजल, जल निकासी, प्रकाश व्यवस्था और विकास कार्यों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उनका कहना है कि बारिश के दौरान कई महत्वपूर्ण कार्य चल रहे हैं, ऐसे समय पर सीएमओ का हटना नगरहित में नहीं है। इसलिए शासन स्तर पर सकारात्मक अनुशंसा कर उन्हें पुनः नगर पालिका परिषद भिंड में पदस्थ किए जाने की मांग की गई।



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