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Haryana Bank Scam: CBI Reveals ₹329 Cr Sent to Jeweler, Cash Made



हरियाणा के चर्चित 657 करोड़ रुपये के बैंक घोटाले की जांच में CBI ने कथित मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क का बड़ा खुलासा किया है। जांच एजेंसी का दावा है कि सरकारी विभागों से निकाली गई 329 करोड़ रुपए से अधिक की राशि फर्जी कंपनियों के जरिए चंडीगढ़ के एक ज्वेलर त

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पूर्व बैंक मैनेजर पर साजिश रचने का आरोप जांच एजेंसी के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड IDFC First Bank का पूर्व ब्रांच मैनेजर रिभव ऋषि था। CBI का आरोप है कि AU Small Finance Bank में जाने के बाद भी उसने इसी तरीके से सरकारी फंड की हेराफेरी जारी रखी। एजेंसी के अनुसार, सरकारी धन को स्वास्तिक देश प्रोजेक्ट्स, कैपको फिनटेक सर्विसेज, आरएस ट्रेडर्स, एसआरआर प्लानिंग गुरुस, विस्टामेड सॉल्यूशंस और मां वैभव लक्ष्मी इंटीरियर जैसी कथित फर्जी कंपनियों के खातों में भेजा गया। 329 करोड़ पहुंचे ज्वेलर के खाते में CBI की जांच में सामने आया कि चंडीगढ़ सेक्टर-35 स्थित सावन ज्वैलर्स के मालिक राजन सिंह कटोदिया को नवंबर 2024 से फरवरी 2026 के बीच 329.57 करोड़ रुपए मिले। रकम की डिटेल भी सामने आई है, जिसमें कैपको फिनटेक सर्विसेज से करीब 138 करोड़ रुपए, स्वास्तिक देश प्रोजेक्ट्स से 131 करोड़ रुपए, आरएस ट्रेडर्स से करीब 45 करोड़ रुपए, फर्जी बिल, सोना बाजार में बेचा, फिर कैश पहुंचाया। CBI का आरोप है कि ज्वेलर ने सप्लायरों से सोना खरीदकर फर्जी कंपनियों के नाम पर बिल बनाए ताकि लेन-देन वैध दिखाई दे। लेकिन सोना फर्जी कंपनियों को देने की बजाय खुले बाजार में बेच दिया गया। इससे मिली नकदी कथित तौर पर रिभव ऋषि और उसके सहयोगियों तक पहुंचाई गई।

कर्मचारियों ने खोला कैश कलेक्शन का राज CBI ने रिभव ऋषि के कर्मचारियों राहुल, मनीष और अमृतपाल के बयान दर्ज किए हैं। एजेंसी का दावा है कि ये कर्मचारी नियमित रूप से ज्वेलर के यहां से बड़ी मात्रा में नकदी लेकर जाते थे। ज्वेलर के एक कर्मचारी ने भी कथित तौर पर बताया कि उसने बुलियन कारोबारियों और सप्लायरों से 155 करोड़ रुपये से ज्यादा नकदी जुटाकर ऋषि के लोगों को सौंपी। छापे में मिला बेहिसाब सोना और कैश

CBI की तलाशी के दौरान ये मिला

सीबीआई की तलाशी के दौरान 5,589 ग्राम बेहिसाब सोना बरामद हुआ। 54.20 लाख रुपए नकद मिले। जांच में फर्जी GST इनवॉइस के जरिए लेन-देन को वैध दिखाने के भी आरोप लगाए गए हैं। जांच में चंडीगढ़ के रियल एस्टेट कारोबारी और होटल लैंडमार्क के मालिक विक्रम वधवा का नाम भी सामने आया है।

CBI की जांच में 4.57 करोड़ कैश मिला

4.57 करोड़ रुपए नकद मिले। फर्जी कंपनियों के जरिए 33.25 करोड़ रुपए बैंक ट्रांसफर हुए। इस रकम से चंडीगढ़ और मुल्लांपुर में 55 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्तियां खरीदी गईं या उनके लिए एडवांस भुगतान किया गया। एजेंसी का यह भी आरोप है कि वधवा ने वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों से संपर्क बनाए और सरकारी लेन-देन में IDFC फर्स्ट बैंक को प्राथमिकता दिलाने का प्रयास किया। औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक अन्य संपत्ति की जांच अभी जारी है।



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