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नगर निगम लुधियाना की फाइनांस एंड कांट्रेक्ट कमेटी (FCC) के दो सदस्यों का चुनाव आज गुरुनानक देव भवन में होगा। दो पदों के लिए कुल चार उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। दो उम्मीदवार सत्तापक्ष यानी आम आदमी पार्टी के हैं जबकि एक उम्मीदवार कांग्रेस और एक भाजपा से है।
चुनाव प्रक्रिया के लिए मेयर इंद्रजीत कौर चुनाव अधिकारी हैं। मतदान सुबह 11 बजे शुरू होगा और बैलेट पेपर के जरिए मतदान होगा। मतदाता सूची में 95 पार्षदों और 7 विधायकों के नाम शामिल किए गए हैं। एक विधायक जेल में हैं इसलिए वो वोट नहीं कर सकेंगे। विपक्षी पार्षद MLA के नाम वोटर लिस्ट में शामिल किए जाने का विरोध कर रहे हैं, वहीं MLA व मेयर इस बात पर अड़े हैं कि वो मतदान करेंगे। उन्होंने विपक्षी पार्षदों को कह दिया कि अगर उनको कोई आपत्ति है तो वो कोर्ट जाएं।
उधर, कांग्रेस उम्मीदवार गौरव भट्टी व भाजपा उम्मीदवार रुचि गुलाटी समेत सभी विपक्षी पार्षदों ने मेयर व कमिश्नर को चेतावनी दी है कि अगर उन्होंने एक्ट से बाहर जाकर विधायकों से वोटिंग करवाई तो वो कोर्ट जाएंगे। क्या है चुनाव जीतने का गणित सिलसिलेवार जानिए…
दो विधायकों की शाक दांव पर विधायक मदनलाल बग्गा व विधायक कुलवंत सिंह सिद्धू ने अपने-अपने बेटों को एफएंडसीसी में मेंबर बनवा दिया था। कांग्रेस पार्षद गौरव भट्टी ने उनकी नियुक्ति को हाईकोर्ट में चुनौती दी। हाईकोर्ट ने स्थानीय निकाय विभाग को नोटिस जारी किया तो विभाग ने दोनों की नियुक्ति को गैरकानूनी बताते हुए रद्द कर दिया। अब चुनाव हो रहे हैं तो दोनों ने अपने-अपने बेटों को फिर से चुनाव मैदान में उतार दिया है। दोनों की शाक अब दांव पर लगी है। ऐसे में दोनों विधायक एक-एक पार्षद की वोट पक्की करने में जुटे हैं। आप के नाराज पार्षदों व शिअद के दो पार्षदों पर दारोमदार हलका वेस्ट से आप के पार्षद नाराज भी चल रहे हैं। ऐसे में नाराज पार्षदों ने अगर क्रॉस वोटिंग की या वो वोट देने नहीं आए तो आम आदमी पार्टी का पूरा गणित बिगड़ सकता है। हालांकि मनीष सिसोदिया व अमन अरोड़ा हलका वेस्ट के पार्षदों से मीटिंग करके उन्हें मना चुके हैं। वहीं दूसरी तरफ अकाली दल के दो पार्षदों ने अगर कांग्रेस के उम्मीदवार को वोट दिया तो फिर भी आप के दूसरे उम्मीदवार का जीतना मुश्किल हो जाएगा। अब सारा दारोमदार नाराज पार्षदों व शिअद पार्षदों पर है। मतपत्रों को लेकर जमकर हुआ हंगामा नगर निगम ने जो मतपत्र जारी किए थे उनके पीछे सीरियल नंबर लिखा था ताकि पता चल सके कि किस पार्षद ने किसे वोट किया है। विपक्षी पार्षदों ने इसका विरोध किया। शुक्रवार देर शाम विपक्षी पार्षदों की मेयर व कमिश्नर के साथ बैठक हुई, जिसके बाद मेयर ने माना कि मतपत्र के पीछे सीरियल नंबर नहीं डाला जाएगा। हालांकि विधायकों केवोट करवाने व खुद के वोट देने पर वो अड़ी रही। पार्षदों को दे रहे लालच पार्षद गौरव भट्टी ने बताया कि वीरवार से अफसर कांग्रेस समेत विपक्षी पार्षदाें को लालच दे रहे हैं कि उन्हें अपने जो काम करवाने हैं वो फाइल लेकर आएं तुरंत काम हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी साम-दाम-दंड-भेद की नीति पर काम करने लग गई है। उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्षद न तो अफसरों से डरते हैं और न ही उन्होंने कोई गैरकानूनी काम करवाने हैं।
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