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ओवरलोडिंग से लोगों की जा रही है जान:कोर्ट की सख्ती, सिर्फ बिलौआ में मॉनिटरिंग शहर से हाइवे तक ओवरलोडिंग-अवैध मंडी




अवैध खनन और इसके परिवहन पर हाईकोर्ट की सख्ती से मॉनिटरिंग सिर्फ बिलौआ तक ही सिमट कर रह गई है। शहर और शहर सटे हाइवे पर न सिर्फ ओवरलोडिंग धड़ल्ले से हो रही है। बल्कि अवैध तरीके से यहां रेत, गिट्टी की अवैध मंडियां (फड़) भी सजी हुई हैं। बिना अनुमति से चल रही यह मंडिया और फड़ से रोजाना लाखों रुपए का अवैध कारोबार हो रहा है। कई बार हादसे भी हुए हैं। खनिज एवं पुलिस विभाग की मिलीभगत के कारण इन माफिया के हौंसले बुलंद हैं। इसलिए यह बेखौफ अवैध कारोबार कर रहे हैं। देखिए… शहर से हाइवे तक का यह है हाल, कई मौतों के बाद भी नहीं जागा जमीर बड़ागांव: यहां अवैध रेत व गिट्टी सप्लाई का बड़ा सेंटर है। क्योंकि, ये झांसी बायपास के नजदीक है इसलिए यहां मटेरियल पहुंचना आसान है। यहां से दूसरे स्थानों पर भेजना भी आसान है। यहां मेन रोड पर अपनी क्षमता से 3-4 गुना अधिक रेत व गिट्टी से भरी ट्रॉली और डंपर की लाइन हर वक्त लगी रहती है।
नेशनल हाइवे: झांसी बायपास (रायरू-झांसी) पर कई जगह अवैध रेत व गिट्टी की मंडी लगती हैं। जिनमें ओवरलोड ट्रॉली व डंपर में मटेरियल खुलेआम बेचा जा रहा हैं। जबकि इस हाइवे के सिकरौदा तिराहे पर बीते वर्ष एक कार का ट्रॉली से एक्सीडेंट में 5 युवकों की मौत हुई। हादसे के बाद ट्राॅलियों पर रोक नहीं लगी। गांधी रोड: ओवरलोडिंग को सख्ती से रोकने के लिए संभागीय आयुक्त, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक लगातार टीम बनाने और दूसरी सख्ती के दावे करते हैं। लेकिन इस सख्ती की पोल रोजाना इनके आवास वाली गांधी रोड पर खुल जाती है। रात में इस रोड पर बेधड़क ओवरलोड डंपर व ट्रॉली निकलती हैं। फड़: शहर के पिंटो पार्क, विनय नगर मोहिते गार्डन के बाहर, आनंद नगर में रेत व गिट्टी के साथ ईटों के अवैध फड़ हैं। इनके पास इस कारोबार को करने की खनिज विभाग या प्रशासन से कोई अनुमति नहीं है। वहीं इन फड़ से सारा काम नगद और कच्ची पर्ची पर होता है। जिसमें टैक्स की सीधी चोरी भी होती है। अवैध गतिविधियों पर होगी कार्रवाई मैंने कुछ दिन पहले ही चार्ज लिया है। टीम बनाकर अन्य विभागों के साथ मिलकर इस मामले में जल्दी अभियान चलाकर कार्रवाई करेंगे। – पंकज मिश्रा, खनिज अधिकारी



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