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सोनीपत के कुंडली में 23 अगस्त को स्कूटी को लेकर हुए विवाद के बाद युवक नरेंद्र की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उमेश और अंकुश के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी मूल रूप से दूसरे राज्यों के रहने वाले हैं, लेकिन पिछले लंबे समय से कुंडली क्षेत्र की पेपर मिल कॉलोनी में रह रहे थे। जांच में सामने आया है कि हत्याकांड का मुख्य आरोपी अमन यादव धीरे-धीरे अपना गैंग तैयार कर रहा था और उसके संपर्क में करीब 20 से 25 युवक थे। पुलिस का दावा है कि नरेंद्र की हत्या अचानक हुए विवाद का नतीजा नहीं थी, बल्कि अमन यादव के इशारे पर युवकों को एकजुट कर वारदात को अंजाम देने की पूरी तैयारी की गई थी। घटना से पहले आरोपी कुंडली की एक डीजे की दुकान पर एकत्रित हुए थे और वहां शराब पीने की भी बात सामने आई है। पुलिस ने मामले में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान शुरू कर दी है। वहीं मुख्य आरोपी अमन यादव अभी फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। पुलिस ने अमन यादव की सूचना देने वाले व्यक्ति के लिए एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया है। स्कूटी क्रॉस होने से शुरू हुआ विवाद सोनीपत राई एसीपी मलकीत सिंह के मुताबिक, जांच में सामने आया है कि अमन यादव और नरेंद्र के वर्करों के बीच पहले स्कूटी क्रॉस होने को लेकर कहासुनी हुई थी। इसके बाद नरेंद्र मामले को समझाने के लिए आरोपियों के पास पहुंचा था। इसी दौरान विवाद बढ़ गया और अमन यादव ने नरेंद्र को गोली मार दी। गोली लगने के बाद नरेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई। हत्या से पहले डीजे की दुकान पर जुटे थे आरोपी पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि वारदात से पहले करीब 15 से 20 युवक एक जगह एकत्रित हुए थे। पुलिस के अनुसार, ये सभी अमन यादव के संपर्क में थे और घटना से पहले डीजे की दुकान पर बैठे थे। यहां आरोपियों के शराब पीने की जानकारी भी पुलिस को मिली है। पुलिस को एक ऐसी फुटेज भी मिली है, जिसमें गैंग से जुड़े युवकों के एकत्रित होने की बात सामने आई है। अमन यादव गैंग बनाने में जुटा था पुलिस के अनुसार, अमन यादव पिछले कुछ समय से कुंडली क्षेत्र में युवकों को अपने साथ जोड़कर अपना गैंग मजबूत करने में जुटा था। उसके साथ करीब 20 से 25 युवकों के जुड़े होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस का कहना है कि आरोपी युवकों को धीरे-धीरे अपने नेटवर्क में शामिल कर रहा था और खुद गैंग के लीडर के तौर पर काम कर रहा था। नरेंद्र हत्याकांड में भी इन्हीं युवकों को फोन करके कुंडली की डीजे की दुकान पर बुलाया गया था। दो आरोपी गिरफ्तार, उमेश से चाकू बरामद होगा पुलिस ने मामले में उमेश और अंकुश को गिरफ्तार किया है। एसीपी मलकीत सिंह के अनुसार, उमेश वारदात के समय मौके पर मौजूद था और उसके हाथ में चाकू था। पुलिस अब उससे चाकू बरामद करने की कार्रवाई करेगी। जांच के मुताबिक, आरोपी पहले से इस स्थिति में तैयार होकर आए थे कि यदि विवाद बढ़ता है तो वारदात को अंजाम दिया जा सके। उमेश को अमन यादव का सक्रिय साथी भी बताया गया है। उमेश को पांच दिन के रिमांड पर लिया पुलिस ने आरोपी उमेश को अदालत में पेश किया, जहां से उसे पांच दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान पुलिस उससे वारदात की पूरी साजिश, अन्य आरोपियों की भूमिका, हथियार और अमन यादव के बारे में पूछताछ करेगी। वहीं उमेश से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने दूसरे आरोपी अंकुश को भी गिरफ्तार किया है। अंकुश से भी पूछताछ की जा रही है और इसके बाद उसे अदालत में पेश किया जाएगा।
शुरुआती एफआईआर में तीन आरोपी नामजद नरेंद्र की हत्या के बाद उसके भाई के बयान पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया था। शुरुआती एफआईआर में तीन आरोपियों को नामजद किया गया था, जबकि जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को 15 से 20 अन्य लोगों के भी वारदात में शामिल होने के इनपुट मिले। पुलिस ने इनमें से कुछ आरोपियों की पहचान कर ली है और उनकी भूमिका की जांच की जा रही है। अमन यादव पर सात मुकदमे दर्ज पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी अमन यादव के खिलाफ लूट, हत्या के प्रयास और अन्य धाराओं के तहत कुल सात मुकदमे दर्ज हैं। इनमें से तीन मामले सोनीपत जिले में दर्ज हैं। पुलिस अब उसके पूरे आपराधिक रिकॉर्ड के साथ-साथ उसके संपर्क में रहने वाले युवकों का भी रिकॉर्ड खंगाल रही है। आरोपी दूसरे राज्यों के, कुंडली में रह रहे थे पुलिस जांच में सामने आया है कि अमन यादव मूल रूप से बिहार का रहने वाला है, जबकि उसका परिवार लंबे समय से कुंडली में रह रहा है। आरोपी उमेश बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश का रहने वाला है और अंकुश बागपत का निवासी बताया गया है। दोनों आरोपी कुंडली की पेपर मिल कॉलोनी में रह रहे थे। पुलिस के अनुसार, इनका संपर्क अमन यादव के साथ था और वे उसके नेटवर्क को मजबूत करने में सहयोग कर रहे थे। अमन यादव दिल्ली में गाड़ी चलाने का काम कर रहा था जांच के दौरान पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि अमन यादव कुछ समय पहले कुंडली क्षेत्र छोड़कर दिल्ली में गाड़ी चलाने का काम कर रहा था। हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद वह मौके से फरार हो गया। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि नरेंद्र को गोली मारने के बाद अमन यादव कहां गया और किन लोगों ने उसे फरार होने में मदद की। आरोपियों की संपत्ति पर बुलडोजर कार्रवाई की तैयारी एसीपी मलकीत सिंह ने बताया कि आरोपियों की संपत्ति को लेकर भी पुलिस स्तर पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच के लिए संबंधित विभागों से पत्राचार किया जा रहा है। दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद नियमों के अनुसार बुलडोजर कार्रवाई की जा सकती है। मुख्य आरोपी अमन यादव पर एक लाख का इनाम नरेंद्र हत्याकांड का मुख्य आरोपी अमन यादव अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें अलग-अलग स्थानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस ने अमन यादव के बारे में सूचना देने वाले व्यक्ति के लिए एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया है। एसीपी मलकीत सिंह का कहना है कि पुलिस के पास अमन यादव के संबंध में मजबूत इनपुट हैं और उसे जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। इसके साथ ही उसके गैंग से जुड़े अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी की जाएगी।
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सोनीपत स्कूटी विवाद नरेंद्र हत्याकांड: 2 आरोपी गिरफ्तार:मुख्य आरोपी अमन यादव तैयार कर रहा था गैंग; एक कॉल पर 25 युवकों को बुलाया था
