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सोशल मीडिया के इस दौर में भी किताबों का कोई विकल्प नहीं हो सकता, क्योंकि पन्ने पलटकर पढ़ने का अहसास ही अलग होता है। प्रतिकूल परिस्थितियों में हिम्मत और हौसले से आगे बढ़ने का संदेश देती हैं। यह बात श्रम-सेवायोजन व प्राविधिक शिक्षा के प्रमुख सचिव एम. के. एस. शमुगम सुंदरम ने लेखक राजेश चन्द्र मिश्र की पुस्तक आसमान छूने की जिद के विमोचन के दौरान शनिवार को गोमती नगर स्थित यूनिवर्सल बुक सेलर में कही। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि सिर्फ यू.पी.एस.सी या स्टेट पीएससी क्लियर करना ही सफलता का पैमाना नहीं है, बल्कि किसी भी फील्ड में कड़ी मेहनत और लगन से सफलता पाई जा सकती है। यह किताब यूनिवर्सल लिटरेरी एजेंसी की ओर से प्रकाशित हैं। नायक किताबों के सहारे अपनी मंजिल पाता है कार्यक्रम के दौरान लेखक राजेश चन्द्र मिश्र ने कहा कि यह किताब प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को हिम्मत देने का काम करेगी। इसका नायक किताबों के सहारे ही अपनी मंजिल प्राप्त करता है।इस मौके पर मुख्य अतिथि और वरिष्ठ आई. पी. एस अधिकारी ई.ओ.डब्ल्यू के महानिदेशक जय नारायण सिंह ने कहा कि दौर कोई भी आए, किताबों की अहमियत कभी कम नहीं होगी और पढ़ने का कोई दूसरा विकल्प नहीं है। युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए पुस्तकें बेहद जरूरी वहीं पूर्व आई.ए.एस और वर्तमान में उत्तर प्रदेश स्टेट पब्लिक सर्विस टिब्यूनल के वाइस चेयरमैन रवीन्द्र नायक ने किताबों को इतिहास का दस्तावेज बताते हुए कहा कि युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए ऐसी पुस्तकें बेहद जरूरी हैं। प्रकाशक मानव प्रकाश और गौरव प्रकाश ने बताया कि यह पुस्तक सभी प्रमुख ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध होगी। इस अवसर पर गन्ना आयुक्त मिनिस्ती एस, पी. डब्लू. डी के सचिव दिव्य प्रकाश गिरि, आई. आर. एस अरविंद चौहान, ए. सी. पी अभिषेक प्रकाश, वैज्ञानिक सुमित कुमार श्रीवास्तव, डॉ. लुबना कमाल सहित कई प्रशासनिक अधिकारी और साहित्यकार शामिल हुए ।
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लखनऊ में पुस्तक आसमान छूने की जिद का विमोचन:ईओडब्ल्यू के महानिदेशक बोले- किताबों की अहमियत कभी कम नहीं होगी
