किसानों की आय में वृद्धि और जिले में बांस की खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कृषि,पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के उद्यान प्रभाग की ओर से वित्तीय वर्ष 2026-27 में राष्ट्रीय बम्बू मिशन के तहत योजना शुरू की गई है। इसके लिए जिला उद्यान कार्यालय सिमडेगा द्वारा किसानों, कृषक समूहों, महिला समूहों, महिला स्वयं सहायता समूहों, एफपीओ तथा अन्य पात्र किसानों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। योजना के तहत किसानों की निजी भूमि पर बांस पौधरोपण के लिए 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। वहीं सरकारी भूमि पर पौधरोपण के लिए 100 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान है। जिले में निजी भूमि पर कुल 24 हेक्टेयर तथा सरकारी भूमि पर 8 हेक्टेयर पौधरोपण का भौतिक लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मान्यता प्राप्त नर्सरी से पौध सामग्री जरूरी : जिला उद्यान कार्यालय के अनुसार योजना के तहत पौधरोपण में केवल मान्यता प्राप्त अथवा अनुमोदित नर्सरी से प्राप्त पौध सामग्री का ही उपयोग किया जाएगा। योजना का उद्देश्य जिले में बांस उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ किसानों को अतिरिक्त एवं स्थायी आय का साधन उपलब्ध कराना है। इसके अलावा किसानों, कारीगरों, उद्यमियों, क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं, एनबीएम कर्मचारियों एवं अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण और अनुभव यात्रा का भी प्रावधान किया गया है। इसके लिए जिले में 16 प्रशिक्षण/अनुभव यात्रा का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इन किसानों को मिलेगी प्राथमिकता : योजना में एससी, एसटी, अल्पसंख्यक, महिला, दिव्यांग, लघु एवं सीमांत किसान तथा टाना भगत किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही एफपीओ से जुड़े किसानों को भी प्राथमिकता देने का प्रावधान है। जिले के एफआरए पट्टाधारकों को भी योजना से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज : इच्छुक पात्र किसान जिला उद्यान कार्यालय सिमडेगा से आवेदन प्रपत्र प्राप्त कर सकते हैं। आवेदन में आवश्यक विवरण भरने के बाद पंचायत प्रतिनिधि तथा संबंधित प्रखंड कृषि पदाधिकारी, जनसेवक, एटीएम, बीटीएम, उद्यान मित्र, कृषि वैज्ञानिक से अनुशंसा कराना होगा।
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बांस की खेती को मिलेगा बढ़ावा, 24 हेक्टेयर निजी भूमि पर 50% अनुदान
