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पटना- चार दशक बाद बदलेगा मौर्यालोक का स्वरूप:1209.37 करोड़ से बनेगा हाइटेक बहुमंजिला कॉम्प्लेक्स; बाजार समिति में वेयर हाउस, दुकान-कोल्ड स्टोरेज की होगी सुविधा




पटना के प्रमुख व्यावसायिक केंद्र मौर्यालोक कॉम्प्लेक्स और बाजार समिति की तस्वीर आने वाले सालों में पूरी तरह बदल जाएगी। पटना नगर निगम ने दोनों परिसरों के पुनर्विकास की योजना तैयार की है। मौर्यालोक की पुरानी और जर्जर हो चुकी संरचनाओं को हटाकर आधुनिक बहुमंजिला कॉम्प्लेक्स विकसित किया जाएगा। वहीं, बाजार समिति में आधुनिक वेयर हाउस, कोल्ड स्टोरेज, दुकान और ऑफिस जैसी सुविधाएं विकसित करने की योजना है। दोनों परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के लिए एजेंसी का चयन नगर निगम कर चुका है। अक्टूबर तक डीपीआर तैयार होने की उम्मीद है। इसके बाद परियोजनाओं की वास्तविक लागत, निर्माण का स्वरूप और प्रस्तावित सुविधाओं की डिटेल जानकारी सामने आएगी। 1209 करोड़ से बदलेगा मौर्यालोक का स्वरूप करीब चार दशक पुराने मौर्यालोक कॉम्प्लेक्स के पुनर्विकास पर लगभग 1209.37 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। समय के साथ परिसर की कई इमारतें और टावर पुराने हो चुके हैं। ऐसे में नगर निगम ने पूरे कॉम्प्लेक्स को नए सिरे से विकसित करने की योजना बनाई है। प्रस्ताव के तहत पुरानी संरचनाओं को हटाकर आधुनिक बहुमंजिला भवन तैयार किए जाएंगे। इसमें व्यावसायिक गतिविधियों के साथ नागरिक सुविधाओं का भी विस्तार किया जाएगा। आधुनिक व्यावसायिक केंद्र के रूप में विकसित होगा मौर्यालोक पुनर्विकास का उद्देश्य केवल पुरानी इमारतों की जगह नई इमारत खड़ी करना नहीं है। पूरे परिसर को आधुनिक व्यावसायिक केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। बेहतर दुकानें, ऑफिस और नागरिक सुविधाओं के साथ परिसर में आधुनिक आधारभूत संरचना उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा। हालांकि, मौर्यालोक परियोजना की अंतिम लागत डीपीआर तैयार होने के बाद ही स्पष्ट होगी। 2983 करोड़ से बाजार समिति का होगा कायाकल्प मौर्यालोक के साथ पटना बाजार समिति के पुनर्विकास की भी बड़ी योजना बनाई गई है। इसके लिए करीब 2983.63 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। लगभग 100.28 एकड़ क्षेत्र में आधुनिक वेयर हाउस विकसित करने की योजना है। प्रस्तावित वेयर हाउस करीब चार मंजिला होगा। इसके निचले हिस्से में दुकानें, कोल्ड स्टोरेज और कार्यालय जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे व्यापारियों को सामान के भंडारण के साथ कारोबार से जुड़ी गतिविधियों के लिए बेहतर आधारभूत सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। अर्बन चैलेंज फंड से जुटाई जाएगी राशि दोनों परियोजनाओं को अर्बन चैलेंज फंड के तहत पूरा करने की योजना है। प्रस्ताव के अनुसार कुल परियोजना लागत का 50 प्रतिशत हिस्सा नगर निगम बाजार आधारित वित्तीय संसाधनों से जुटाएगा। वहीं, 25 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार और 25 प्रतिशत राज्य सरकार से सहायता के रूप में मिलने की योजना है। पहले निगम से मंजूरी, फिर विभाग को भेजा जाएगा प्रस्ताव परियोजनाओं को आगे बढ़ाने से पहले इन्हें पटना नगर निगम की सशक्त स्थायी समिति और नगर निगम बोर्ड से मंजूरी दिलाई जाएगी। इसके बाद प्रस्ताव नगर विकास एवं आवास विभाग को भेजा जाएगा। यदि योजना प्रस्तावित समयसीमा के अनुसार आगे बढ़ती है, तो आने वाले वर्षों में पटना के प्रमुख व्यावसायिक केंद्र मौर्यालोक का पूरा स्वरूप बदल सकता है। इससे शहर की कारोबारी गतिविधियों को भी नया आधार मिलने की उम्मीद है।



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