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अमृतसर के खालसा कॉलेज में मिलिट्री लिटरेचर फेस्टिवल का आयोजन किया गया। फेस्टिवल का मुख्य उद्देश्य युवाओं और बच्चों तक सेना से जुड़े इतिहास, अनुभवों और देशभक्ति का संदेश पहुंचाना रहा। इस दौरान सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल टीएस शेरगिल, पीवीएसएम, पीएचडी ने मीडिया से बातचीत की और युवाओं में राष्ट्रवाद की भावना मजबूत करने पर जोर दिया। सेना की एकता से युवाओं को सीख लेने की जरूरत लेफ्टिनेंट जनरल टीएस शेरगिल ने कहा कि भारतीय सेना पूरे देश में एकता और राष्ट्रवाद की सबसे बड़ी मिसाल है। सेना में जवानों की जाति, धर्म या क्षेत्र नहीं देखा जाता, बल्कि सभी एकजुट होकर देश की रक्षा के लिए काम करते हैं। उन्होंने कहा कि यही एकता और देश के प्रति जिम्मेदारी का संदेश आज की युवा पीढ़ी तक पहुंचाना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि मिलिट्री लिटरेचर फेस्टिवल के जरिए युवाओं को सेना की सकारात्मक परंपराओं और मूल्यों से परिचित करवाने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम में कई अनुभवी और विशेषज्ञ लोग शामिल हुए, जिन्होंने युवाओं को सैन्य इतिहास, देशभक्ति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों की जानकारी दी। सोशल मीडिया और यूट्यूब के जरिए जानकारी मिलने के बावजूद विशेषज्ञों से सीधे बातचीत कर इन विषयों को समझने का अवसर युवाओं के लिए खास रहा। ड्रोन का बढ़ता खतरा बना सुरक्षा चुनौती वहीं, ड्रोन के बढ़ते खतरे पर लेफ्टिनेंट जनरल शेरगिल ने कहा कि तकनीक के विकास के साथ ड्रोन की क्षमता भी लगातार बढ़ रही है। छोटे ड्रोन भी सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती बन सकते हैं। ऐसे में आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक तकनीक और प्रभावी एंटी-ड्रोन सिस्टम को मजबूत करना जरूरी है। सीमावर्ती जिलों में एंटी-ड्रोन सिस्टम मजबूत करने की अपील उन्होंने पंजाब के सीमावर्ती जिलों पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, फिरोजपुर और फाजिल्का में विशेष ध्यान देने की जरूरत बताई। उन्होंने केंद्र और पंजाब सरकार से सीमावर्ती क्षेत्रों में आधुनिक सुरक्षा तकनीक और एंटी-ड्रोन सिस्टम को और मजबूत करने की अपील की। उन्होंने कहा कि बदलती सुरक्षा चुनौतियों के दौर में तकनीक का प्रभावी इस्तेमाल ही सीमाओं की सुरक्षा को और मजबूत कर सकता है।
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अमृतसर में मिलिट्री लिटरेचर फेस्टिवल:लेफ्टिनेंट जनरल शेरगिल बोले- युवाओं को सेना की एकता और राष्ट्रवाद से सीखने की जरूरत
