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सुरक्षित भविष्य के लिए निवेश में ‘थ्री-बकेट स्ट्रैटजी ’ अपनाएं:रिटायरमेंट पोर्टफोलियो; बचत को 3 हिस्सों में बांटें, मासिक आय होगी, ग्रोथ मिलेगी




1. अगले 2 साल का पैसा सुरक्षित रखें, जो जरूरत पर तत्काल मिल सके, कितना रखें? 20-25% तक पहले बकेट में रखा जाने वाला पैसा अचानक इलाज, घर की मरम्मत या रोजमर्रा के खर्च के लिए होना चाहिए। इस हिस्से का कुछ पैसा ऐसे रखें कि जरूरत पर उसे तुरंत इस्तेमाल किया जा सके। दरअसल रिटायरमेंट के बाद निवेश का पहला लक्ष्य ज्यादा कमाई नहीं, बल्कि जरूरत के समय पैसा उपलब्ध रहना होता है। इस बकेट में रखा पैसा तत्काल जरूरत पूरी करेगा। पैसा कहां रखें बैंक बचत खाता, साल-दो साल वाली एफडी जैसे सुरक्षित विकल्पों में। यहां यह बात याद रखें कि डीआईसीजीसी बीमा के तहत किसी भी बैंक के आर्थिक संकट की स्थिति में अधिकतम ₹5 लाख तक की राशि ही सुरक्षित होती है। यदि इस बकेट में ₹5 लाख से ज्यादा राशि रखना है तो दो या तीन अलग-अलग बैंकों में इसे बांट दें। उदाहरण से समझें पुणे के 67 वर्षीय रमेशजी के पास रिटायरमेंट के बाद ₹20 लाख की बचत थी। उन्होंने ₹1 लाख रुपए बैंक के बचत खाते में डाल दिए। डेढ़-डेढ़ लाख रुपए 1 और 2 साल की एफडी में रख दिए, ताकि किसी आपात स्थिति में उन्हें तुरंत पैसा मिल सके। वहीं 50 हजार रुपए तीसरे बैंक खाते, जिससे यूपीआई चलाते हैं उसमें डाल दिए, जो नियमित खर्च में लेते हैं। 2. महंगाई से मुकाबला, कितना रखें 10-30% यह हिस्सा तभी बढ़ाएं जब अगले कई वर्षों का खर्च सुरक्षित हो चुका हो। इसमें बाजार का जोखिम होता है और रिटर्न तय नहीं होता। कहां रखें – इंडेक्स फंड, म्यूचुअल फंड व रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (REITs) जैसे विकल्पों में। वित्तीय सलाहकारों के अनुसार एसेट एलोकेशन नियमों के तहत 60-70 वर्ष के निवेशक 10-30% राशि यहां रख सकते हैं, ताकि महंगाई से लड़ सकें। रमेशजी ने ढाई से 3 लाख रु. यहां लगाए हैं। समय-समय पर आय के साथ फंड भी बढ़ता रहेगा। 3. आगामी 3 से 7 साल की जरूरत के साथ नियमित आय बनी रहे, कितना रखें? 45-55% तक जिन बुजुर्गों की पेंशन कम है, वे यहां पर ज्यादा राशि रख सकते हैं। यह बकेट मासिक या तिमाही आय का मुख्य स्रोत होता है। पैसा कहां रखें वरिष्ठ नागरिक बचत, डाकघर मासिक आय योजना, एलआईसी स्कीम और बैंक की 5 से 7 साल की एफडी में। यहां पैसा सुरक्षित होने के साथ 6 से 8.2% ब्याज दर से मासिक-त्रिमासिक आय भी होती रहेगी। उदाहरण से समझें
रमेशजी ने ₹9 लाख रुपए एससीएसएस में तो डेढ़ लाख रु. पीओएमआईएस में, 1 लाख रुपए एलआईसी में रखे हैं। वहीं 2 लाख रुपए की 7 वर्ष की एफडी ले रखी है। एक्सपर्ट पैनल – प्रीती अग्रवाल, पोस्टमास्टर जनरल, डाक विभाग ∙ डॉ. चंद्रप्रकाश हेड़ा, एलआईसी, म्यूचुअल फंड व पोर्टफोलियो एक्सपर्ट ∙ राम सहाय मीणा, रिटायर्ड डीजीएम, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया



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