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कोरबा के कटघोरा वन मंडल में करीब 50 हाथियों का दल विचरण कर रहा है। हाथियों की लगातार आवाजाही से आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। पसान रेंज के अड़सरा गांव में हाथियों ने एक मकान को क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने शोर मचाकर हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ा। अड़सरा गांव पहुंचे हाथियों को ग्रामीणों ने एकजुट होकर शोर मचाते हुए जंगल की ओर भगाया। इसी दौरान हाथियों ने एक मकान को नुकसान पहुंचाया। गांव की सीमा पर बम्हनी नदी है, जिसके आगे मरवाही वन मंडल की सीमा शुरू होती है। झुंड में बच्चे भी होने के कारण हाथी ज्यादा अंदर नहीं आए और नदी पार कर जंगल की ओर चले गए। केंदई और जटगा रेंज में भी हाथियों का दल लगातार घूम रहा है। वहीं, कुदमुरा रेंज में पहुंचा एक दंतैल हाथी रविवार रात धरमजयगढ़ वन मंडल लौट गया। इससे स्थानीय ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। करतला रेंज के लबेद जंगल में अभी भी करीब 15 हाथी डटे हुए हैं। धान की फसल को पहुंचा रहे नुकसान हाथियों का दल मुख्य रूप से धान की फसल को नुकसान पहुंचा रहा है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों की लगातार आवाजाही के कारण वे रात में घरों से बाहर निकलने से भी डर रहे हैं। वन विभाग पर निष्क्रियता का आरोप कोटमर्रा बस्ती के ग्रामीणों ने वन विभाग पर निष्क्रियता का आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने हाथियों की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है, ताकि फसल और जान-माल का नुकसान रोका जा सके। मुनादी कर ग्रामीणों को किया जा रहा सतर्क वन विभाग के मुताबिक, मुनादी के जरिए ग्रामीणों को हाथियों से दूरी बनाए रखने और सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। विभाग की टीम हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही है और उन्हें आबादी से दूर जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास कर रही है। गांवों की सुरक्षा बढ़ाने की मांग हाथियों के लगातार गांव और खेतों के आसपास पहुंचने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों की निगरानी बढ़ाने, गांवों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और हाथियों को आबादी से दूर रखने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।
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कटघोरा में 50 हाथियों का डेरा, गांवों में दहशत:अड़सरा गांव में घुसा हाथियों का झुंड, मकान क्षतिग्रस्त; ग्रामीणों ने शोर मचाकर खदेड़ा
