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अयोध्या में किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए चलाए जा रहे एचपीवी टीकाकरण अभियान के आंकड़ों में बड़ा विरोधाभास सामने आया है। 27 अगस्त को जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में लक्ष्य के सापेक्ष महज 14 प्रतिशत टीकाकरण की प्रगति बताई गई थी( जबकि इसके ठीक दो दिन बाद 29 अगस्त को स्वास्थ्य विभाग की ओर से करीब 70 प्रतिशत किशोरियों को एचपीवी का टीका लगाए जाने का दावा किया गया। दो रिपोर्टों के बीच 56 प्रतिशत का अंतर सामने आने से अभियान की वास्तविक प्रगति और विभागीय निगरानी पर सवाल उठने लगे हैं। जिले में कुल 29,804 किशोरियों को एचपीवी का टीका लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। 27 अगस्त को जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में प्रस्तुत प्रगति रिपोर्ट के अनुसार अप्रैल से पांच महीने में लक्ष्य के सापेक्ष केवल 14 प्रतिशत किशोरियों का टीकाकरण हुआ था। वहीं, 29 अगस्त को स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी जानकारी में टीकाकरण की उपलब्धि करीब 70 प्रतिशत बताई गई। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि यदि 27 अगस्त तक उपलब्धि वास्तव में 14 प्रतिशत थी तो महज दो दिन में 56 प्रतिशत की अतिरिक्त उपलब्धि कैसे दर्ज हो गई। इस अंतर ने विभाग की रिपोर्टिंग व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। मंगलवार, 1 सितंबर को मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी अयोध्या डॉ. देवेंद्र कुमार भिटौरिया ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में एचपीवी टीकाकरण की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते समय आंकड़ों में गलती से 14 प्रतिशत दर्ज हो गया था। उन्होंने कहा कि जिले में वास्तविक टीकाकरण की उपलब्धि करीब 70 प्रतिशत है। सीएमओ ने बताया कि किशोरियों को एचपीवी संक्रमण से बचाव के लिए टीकाकरण अभियान लगातार जारी है। विभाग की ओर से अधिक से अधिक पात्र किशोरियों को टीके का लाभ दिलाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है।
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29804 किशोरियों के टीकाकरण लक्ष्य में आंकड़ों का खेल:जिला स्वास्थ्य समिति की रिपोर्ट में 14%, सीएमओ का दावा 70% टीकाकरण
