6 घंटे पहले
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बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव की मुश्किलें चेक बाउंस मामले में बढ़ गई हैं। दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को इस केस में राजपाल को 3 महीने जेल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने अभिनेता के आचरण को संदिग्ध बताते हुए 7.35 करोड़ रुपए का जुर्माना भरने और दोबारा जेल भेजने का आदेश दिया।
यह पूरा मामला साल 2010 का है, जब राजपाल यादव ने अपनी एक फिल्म के लिए 5 करोड़ रुपए का कर्ज लिया था। बकाया रकम वापस न करने और चेक बाउंस होने के बाद यह विवाद लंबे समय से अदालत में चल रहा था। न्यूज18 की रिपोर्ट के अनुसार, अगर अभिनेता जुर्माना नहीं चुकाते हैं तो उनकी सजा दोबारा छह महीने की हो जाएगी।

अप्रैल में पिछली सुनवाई के दौरान राजपाल ने कोर्ट के बाहर मीडिया से बात की।
हाई कोर्ट ने रवैये को बताया संदिग्ध दिल्ली हाई कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए राजपाल यादव के आचरण पर गंभीर सवाल उठाए। कोर्ट ने उनके रवैये को संदिग्ध माना और राहत देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि बार-बार आश्वासन देने के बाद भी अभिनेता ने बकाया रकम नहीं चुकाई। इसके बाद हाई कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को आदेश दिया कि राजपाल यादव को वापस जेल भेजा जाए। इस फैसले के बाद अभिनेता की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं।

फिल्म ‘अता पता लापता’ के लिए लिया था लोन इस पूरे विवाद की शुरुआत साल 2010 में हुई थी। राजपाल यादव ने बतौर डायरेक्टर अपनी पहली फिल्म ‘अता पता लापता’ बनाने का फैसला किया था। इस फिल्म के निर्माण के लिए उन्होंने मेसर्स मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से 5 करोड़ रुपए का कर्ज लिया था। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हो गई, जिसके बाद राजपाल यादव कर्ज की रकम समय पर नहीं लौटा पाए। रकम न चुकाने के कारण यह पूरा मामला कानूनी लड़ाई में बदल गया।

साल 2018 में मिली थी छह महीने की सजा अप्रैल 2018 में एक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने चेक बाउंस मामले में राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा को दोषी ठहराया था। अदालत ने राजपाल यादव को छह महीने जेल की सजा सुनाई थी। इसके बाद साल 2019 की शुरुआत में सेशंस कोर्ट ने भी इस फैसले को सही ठहराया था। सेशंस कोर्ट के फैसले के खिलाफ अभिनेता ने राहत के लिए दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

12 दिनों तक तिहाड़ जेल में रहने के बाद 17 फरवरी को रिहा हुए राजपाल।
चेक बाउंस मामले में जेल जा चुके राजपाल जून 2024 में हाई कोर्ट ने राजपाल यादव की सजा पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी थी। कोर्ट ने उन्हें करीब 9 करोड़ रुपए का बकाया चुकाने के लिए गंभीर कदम उठाने को कहा था। हालांकि, वे तय रकम चुकाने में नाकाम रहे। इस साल 2 फरवरी को कोर्ट ने उन्हें सरेंडर करने का आदेश दिया था।
मामले में राजपाल यादव ने 5 फरवरी को दिल्ली की तिहाड़ जेल में सरेंडर किया था। इसके बाद वे 17 फरवरी तक 12 दिनों तक तिहाड़ जेल में रहे। कोर्ट ने अब सख्त टिप्पणी करते हुए कहा था कि अभिनेता रकम लौटाने के अपने वादे को पूरा करने में बार-बार असफल रहे हैं।
राजपाल यादव का करियर
हंगामा, हलचल जैसी फिल्मों से कॉमेडी किंग बने 2003 में फिल्म हंगामा, 2005 में गरम मसाला, 2006 में चुप चुप के और फिर हेरा फेरी और 2007 में भूल भुलैया जैसी फिल्मों से उन्हें कॉमेडी मे पहचान मिली। कॉमिक डायरेक्टर प्रियदर्शन के साथ उन्होंने लगभग 8 से 10 फिल्मों मे काम किया है। बेस्ट वर्सटाइल एक्टर अवॉर्ड जीत चुके हैं राजपाल
राजपाल यादव को यश भारती अवॉर्ड मिला, जो उत्तर प्रदेश का सर्वोच्च सम्मान है। उन्हें यह अवॉर्ड 2003 की फिल्म ‘मैं माधुरी दीक्षित बनना चाहती हूं’ के लिए मिला। यह सम्मान उनके कॉमेडी और गंभीर अभिनय के रोल के लिए दिया गया था। इससे पहले यह अवॉर्ड अमिताभ बच्चन और जया बच्चन जैसे बड़े नामों को मिल चुका है। उन्हें फिल्मफेयर और आईफा जैसे प्लेटफॉर्म पर बेस्ट कॉमिक एक्टर के लिए नॉमिनेट किया गया, लेकिन वे यह अवॉर्ड नहीं जीत पाए।

मुंबई मे पहला सपना सिर्फ जिंदा रहना था’ एनएसडी से पढ़ाई पूरी होने के बाद राजपाल मुंबई आए। शुरुआत में उन्हें कोई सपोर्ट नहीं मिला। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि उनका पहला सपना मुंबई में जिंदा रहना था। कुछ समय के संघर्ष के बाद उन्हें काम मिलना शुरू हो गया। स्ट्रगल के दिनों में राजपाल ने 20-22 स्ट्रगलिंग एक्टर्स को अपने घर पर खाना खिलाया। एक इंटरव्यू मे नवाजुद्दीन सिद्दीकी बताते हैं कि, ‘राजपाल का घर लंगर जैसा था, फ्री का खाना और रहना।’
छोटू और बटला कहते थे स्कूल के दोस्त राजपाल यादव की हाइट लगभग 5 फीट 1 इंच है। स्कूल में छोटी हाइट की वजह से दोस्त उन्हें छोटू और बौना कहकर बुलाते थे। 20 साल की उम्र में गांव की ऑर्डनेंस क्लोदिंग फैक्ट्री में नौकरी मिली।
20 साल की उम्र में शादी राजपाल यादव ने एक इंटरव्यू में बताया था कि जब वे लगभग 20 साल के थे, तब उनके परिवार ने उनकी शादी करा दी थी। उस समय वे गांव में ही रहते थे और नौकरी की शुरुआत कर रहे थे।

बेटी के जन्म के 15 मिनट बाद पत्नी का निधन एक इंटरव्यू में राजपाल यादव ने बताया कि वे 20 साल के थे जब घरवालों के दबाव में उनकी शादी कराई गई। उनकी पहली पत्नी का नाम करुणा था। एक साल बाद बेटी ज्योति का जन्म हुआ, लेकिन डिलीवरी के 15 मिनट बाद ही उनकी पत्नी का निधन हो गया।
वे कहते हैं, ‘मैं अगले दिन उनसे मिलने वाला था, लेकिन उनकी डेड बॉडी को कंधे पर उठाकर ले गया। 20 साल की उम्र में इतना दर्द सहना आसान नहीं होता।’ इसके बाद वे अकेले पिता बन गए और ज्योति की देखभाल उनकी मां और भाभी ने की।
राजपाल ने एक इंटरव्यू में बताया कि दूसरी पत्नी राधा से उनकी मुलाकात कनाडा में हुई थी। उस समय वे सनी देओल और प्रीति जिंटा की फिल्म हीरो: लव स्टोरी ऑफ स्पाई की शूटिंग कर रहे थे। वहीं एक कॉमन फ्रेंड के जरिए मुलाकात हुई और 10 जून 2003 को दोनों ने शादी कर ली।

2016 में अपनी पोलिटिकल पार्टी बनाई 2016 में राजपाल यादव ने सर्व संभाव पार्टी (SSP) नाम से नई राजनीतिक पार्टी लॉन्च की। पार्टी का गठन वृंदावन में हुआ था। वे पार्टी के जनरल सेक्रेटरी और स्टार कैंपेनर थे, लेकिन खुद चुनाव नहीं लड़ने वाले थे।
पार्टी का मोटो, ‘विवाद की नहीं, संवाद की राजनीति’ था। उन्होंने गीता, कुरान, बाइबिल, गुरु ग्रंथ साहिब, रामायण और संविधान पर हाथ रखकर ईमानदारी से काम करने की कसम खाई।
2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में पार्टी ने 403 में से करीब 390-400 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया। पार्टी का मुख्यालय लखनऊ में था। उनके दो भाई श्रीपाल सिंह यादव (बिसलपुर) और राजेश सिंह यादव (तिलहर) पार्टी से चुनाव लड़े, लेकिन पार्टी को कोई बड़ी सफलता नहीं मिली।
3 बार मौत से बचे राजपाल यादव एक इंटरव्यू मे राजपाल यादव बताते हैं कि वो तीन बार जानलेवा हादसों से बचे हैं। एक बार गंगा जी में नहाते समय वे गहरे पानी में चले गए और बेहोश हो गए थे। इसके अलावा एक बार बैलगाड़ी के नीचे आने से और एक बार जंगली कुत्तों के हमले जैसी स्थिति से भी वे बाल-बाल बचे।

