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लुधियाना-जीजा के नाम पर बनवाया पासपोर्ट, दुबई से डिपोर्ट:चोरी पकड़ने पर बोला-तुमने ही 10 लाख में बेचा; सिंगर मानक संग कर चुका काम




लुधियाना में बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। यहां एक साले ने अपने ही जीजा की पहचान और दस्तावेजों को चुराकर अपना फर्जी पासपोर्ट बनवा लिया। आरोपी साला 1996 में दुबई से डिपोर्ट हुआ था और वापस विदेश जाने की चाह में उसने इस पूरी साजिश को अंजाम दिया। हैरानी की बात यह है कि जब जीजा को इस धोखे का पता चला, तो आरोपी साले ने अपनी गलती मानने के बजाय उल्टा जीजा पर ही आरोप लगा दिया कि उसने 10 लाख रुपए में उसे यह पासपोर्ट बेचा है। करीब 12 साल तक इंसाफ के लिए दर-दर की ठोकरें खाने के बाद अब पुलिस ने इस मामले में सराभा नगर थाने में FIR दर्ज की है। सिंगर कुलदीप मानक के साथ कर चुका काम जानकारी के मुताबिक आरोपी मक्खन सिंह निवासी फिल्लौर और उसका जीजा बलविंदर सिंह निवासी गांव सुनेत्, लुधियाना में 1999 के आसपास एक साथ पेंट के ठेकेदार के रूप में काम करते थे। साजिश के तहत बलविंदर सिंह के जरूरी दस्तावेज चुराए दोनों ने मशहूर पंजाबी गायक कुलदीप मानक के घर पर भी एक साथ काम किया था। इसी दौरान आरोपी मक्खन सिंह ने साजिश के तहत बलविंदर सिंह के जरूरी दस्तावेज चुरा लिए। इससे पहले 1996 में मक्खन सिंह दुबई से डिपोर्ट होकर भारत लौटा था। दोबारा दुबई जाने के लिए उसने 1998 में जीजा के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर 10 साल की वैलिडिटी (1998-2008) वाला फर्जी पासपोर्ट बनवा लिया। राज खुला तो गढ़ी 10 लाख रुपए की झूठी कहानी जब पीड़ित बलविंदर सिंह को इस बात की भनक लगी तो आरोपी साली ने जायदाद को लेकर विवाद शुरू कर दिया। बात यहीं तक नहीं रुकी उसने पुलिस में शिकायत करने की धमकी देते हुए बलविंदर पर ही आरोप लगा दिया कि उसने यह पासपोर्ट उसे 10 लाख रुपए में बेचा है। इस आरोप ने पीड़ित को मानसिक और कानूनी रूप से बुरी तरह उलझा देगी । पुलिस और पासपोर्ट ऑफिस के धक्के, 12 साल बाद मिला इंसाफ इस फर्जीवाड़े के खिलाफ बलविंदर सिंह ने पहली बार दिसंबर 2014 में शिकायत दर्ज कराई थी। लेकिन पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाय उल्टा पीड़ित को ही तंग करना और समझौता कर केस वापस लेने की सलाह देनी शुरू कर दी। पीड़ित को न्याय के लिए 7 बार चंडीगढ़ रीजनल पासपोर्ट ऑफिस के चक्कर काटने पड़े। घटना की टाइमलाइन
दिसंबर 2014: पहली बार पुलिस को शिकायत दी गई।
2015: जांच शुरू हुई और बयान दर्ज किए गए।
मार्च 2018: पुलिस इंक्वायरी के लिए दोबारा दरखास्त (SR.NO 950-Z-3) लगाई गई। 2019: जांच के लिए पीड़ित को फिर से तलब किया गया।
2 सितंबर 2026: लंबी जांच के बाद साबित हुआ कि आरोपी माखन सिंह ने दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल कर फर्जी पासपोर्ट रिन्यू/तैयार करवाया था। अब आगे क्या? सराभा नगर पुलिस ने जांच अधिकारी ASI उमेश कुमार की रिपोर्ट और पीड़ित की शिकायत के आधार पर आरोपी माखन सिंह के खिलाफ IPC की धारा 177, 419, 420, 465, 468, 471 और पासपोर्ट एक्ट 1967 की धारा 12(1)(b) के तहत FIR (नंबर 241) दर्ज कर ली है। पुलिस अब दुबई में बैठे आरोपी के खिलाफ अगली कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।



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