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अभिनेत्री स्वरा भास्कर की ओर से फिल्म पद्मावत के जौहर दृश्य पर की गई टिप्पणी के बाद विवाद शुरू हो गया है। अब उत्तर प्रदेश के पूर्व एमएलसी बृजेश सिंह भी सामने आए हैं। उन्होंने स्वरा भास्कर के विचारों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि मध्यकालीन इतिहास की घटनाओं को आज के सामाजिक और नैतिक मानकों के आधार पर खारिज करना उचित नहीं है। बृजेश सिंह ने कहा कि राजपूत इतिहास में जौहर को केवल महिलाओं की यौन अस्मिता से जोड़कर देखना उस दौर की पूरी परिस्थितियों को नजरअंदाज करना होगा। उनके मुताबिक जौहर को समझने के लिए उस समय की युद्ध व्यवस्था, किलों की घेराबंदी, राजनीतिक सत्ता के पतन और पराजित पक्ष के सामने मौजूद परिस्थितियों को समझना जरूरी है। बृजेश सिंह बोले- इतिहास को आज के चश्मे से देखना उचित नहीं पूर्व एमएलसी बृजेश सिंह ने कहा कि जौहर को 2026 के नैतिक और कानूनी नजरिए से देखकर यह निष्कर्ष निकालना कि महिलाओं को हर परिस्थिति में आत्मसमर्पण कर देना चाहिए था, इतिहास की जटिल परिस्थितियों को सरल बना देना है। उन्होंने कहा कि मध्यकालीन युद्धों के दौरान किसी किले के पतन का अर्थ केवल राजनीतिक हार नहीं होता था। पराजित पक्ष के लोगों के सामने कैद, गुलामी, अपहरण, विस्थापन और हिंसा जैसी आशंकाएं भी मौजूद रहती थीं। ऐसे वातावरण में कुछ महिलाओं ने मृत्यु को कैद और संभावित अत्याचार से बेहतर विकल्प माना। उन्होंने कहा कि राजपूत समाज अपने गौरवशाली इतिहास और वीरांगनाओं के सम्मान से कोई समझौता नहीं करेगा। दिल्ली के इवेंट में दिए बयान पर शुरू हुआ विवाद यह पूरा विवाद 31 अगस्त को दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित ‘वुमन, लाइफ, फ्रीडम’ टॉक के दौरान शुरू हुआ था। इवेंट में स्वरा ने फिल्म के जौहर सीन का जिक्र करते हुए कहा की इससे रेप सर्वाइवर्स तक गलत संदेश जा सकता है। उन्होंने आगे कहा ‘क्या हम सर्वाइवर्स को यही बताना चाहते हैं कि वे जीने के लायक नहीं हैं, कि अगर आप सच में इज्जतदार और बहादुर महिला होतीं, तो आपने खुद को मार लिया होता? क्या हम यह कह रहे हैं कि रेप किसी महिला की जिंदगी का अंत है?’ एक सीन में गर्भवती महिला का पेट दिखाया गया है जो जौहर करने जा रही है। स्वरा ने कहा था, “यह देखकर मुझे बहुत गुस्सा आया था और मैंने थियेटर में ही ‘छी’ कह दिया था। 5 दिन विचार करने के बाद मैंने डायरेक्टर संजय लीला भंसाली को ओपन लेटर लिखा था।” उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने उन पर ऐतिहासिक बलिदान का अपमान करने का आरोप लगाया था। क्या है पद्मावत का जौहर सीन फिल्म में जौहर का सीन क्लाइमैक्स के पास आता है। अलाउद्दीन खिलजी की सेना राजपूतों को हरा देती है और चित्तौड़ के किले में घुस जाती है। दीपिका पादुकोण का किरदार ‘रानी पद्मावती’ किले की महिलाओं के साथ जौहर करती हैं। फिल्म में इसे पकड़े जाने से बचने के लिए खुद को आग के हवाले करने की घटना के तौर पर दिखाया गया है।
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पूर्व MLC बृजेश सिंह बोले- वीरांगनाओं का अपमान बर्दाश्त नहीं:इतिहास को 2026 के नजरिए से नहीं देखा जा सकता, जौहर पर स्वरा भास्कर ने दिया था बयान
