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किशनगढ़ में जन्माष्टमी की धूम, कृष्णमय हुई नगरी:मंदिरों में सजे कान्हा के मनमोहक रूप, मटकी फोड़ प्रतियोगिता हुई




भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का पर्व जन्माष्टमी किशनगढ़ और रूपनगढ़ क्षेत्र में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। सुबह से ही मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और भगवान के आकर्षक श्रृंगार का दौर शुरू हो गया। शाम होते-होते मंदिर रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा उठे और रात बढ़ने के साथ श्रद्धालुओं की भीड़ भी बढ़ती गई। जैसे ही घड़ी की सुई ने रात के 12 बजाए, मंदिर परिसर ‘नंद के आनंद भयो, जय कन्हैयालाल की’ के जयकारों से गूंज उठे। यहां देखें भगवान की झांकियों की तस्वीर… शहर में भगवान श्रीकृष्ण की आकर्षक झांकी सजाई किशनगढ़ के पुराने और नए शहर सहित विभिन्न क्षेत्रों के मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण की आकर्षक झांकियां सजाई गईं। सदर बाजार स्थित ठाकुर राधा नागर महाराज मंदिर, बालाजी की बगीची, राधा सर्वेश्वर मंदिर, लक्ष्मीनारायण मंदिर, राधा-कृष्ण मंदिर, श्रीराम मंदिर, अमरनाथ मंदिर, बजरंग कॉलोनी, रामनेर रोड, सांवतसर सहित 30 से अधिक मंदिरों और अखाड़ों में विशेष आयोजन हुए। आजाद नगर में जन्माष्टमी का मेला भी लगा, जहां झांकियों के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। काली डूंगरी स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर में बालक को भगवान श्रीकृष्ण के रूप में सजाया गया, वहीं कई मंदिरों में बच्चों ने कान्हा का रूप धारण कर श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। मंदिरों में फूलों से सजे पालने, बाल कृष्ण की झांकियां और आकर्षक सजावट श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण रही। मदनगंज के राधा सर्वेश्वर मंदिर में मध्यरात्रि तक भजन-कीर्तन और ‘कान्हा बनो’ प्रतियोगिता आयोजित की गई। परिजन नन्हे-मुन्नों को कृष्ण स्वरूप में सजाकर मंदिर पहुंचे। बच्चों के मनमोहक रूप ने पूरे आयोजन को विशेष बना दिया। रात 12 बजे पुजारी नारायण ने ठाकुरजी के बाल स्वरूप का पंचामृत से अभिषेक किया और महाआरती की। जन्म आरती के बाद नंदोत्सव मनाया गया तथा श्रद्धालुओं को खिलौने सहित प्रसाद वितरित किया गया। वर्षा योग समिति के तत्वावधान और आचार्य सुनील सागर महाराज ससंघ के सान्निध्य में आयोजित कार्यक्रम में श्रीजी का अभिषेक और शांतिधारा की गई। आदिनाथ पब्लिक स्कूल और आचार्य धर्मसागर विद्यालय के बालक-बालिकाओं ने श्रीकृष्ण की लीलाओं का भक्ति नृत्य के माध्यम से मंचन किया। फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता में बच्चों ने श्रीकृष्ण, रुक्मणी, वासुदेव, नेमी कुमार, राजूल और पांच पांडवों के रूप धारण कर सभी का मन मोह लिया। विजेता बच्चों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। रूपनगढ़ के सांवला महाराज मंदिर में महोत्सव की धूम रूपनगढ़ के सांवला महाराज मंदिर में भी जन्माष्टमी महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। शाम से ही भजनों का दौर शुरू हो गया। लक्ष्मण लहरी, खेमराज धुंधारिया, रामदयाल नांगल, रूपाराम धुंधारिया और नौरतमल जयपुरिया सहित कलाकारों ने भजनों की प्रस्तुतियां देकर श्रद्धालुओं को देर रात तक भक्ति रस में डुबोए रखा। रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के बाद पुजारी गणेश खंडेलवाल ने आरती की। इसके बाद श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए मंदिर के पट खोले गए और पंजीरी, फल व चरणामृत का प्रसाद वितरित किया गया। माखन चोर मटकी फोड़ प्रतियोगिता में हनुमान अड़ानिया ने मटकी फोड़कर जीत हासिल की। विजेता को 1,100 रुपए की सम्मान राशि दी गई। फूलों से सजाई झांकी ग्राम छोटा नरैना स्थित राधा मोहन मंदिर में भी जन्माष्टमी पर विशेष सजावट की गई। भगवान श्रीकृष्ण के झूले को विभिन्न प्रकार के फूलों से सजाकर मनमोहक झांकी तैयार की गई। महंत श्याम सुंदर शरण के सान्निध्य में हुए आयोजन में पुजारी प्रेमचंद शर्मा ने आरती की। मध्यरात्रि में भगवान के जन्म की खुशियां मनाई गईं और उन्हें फूलों से सजे झूले में झुलाया गया। श्रद्धालुओं को पंचामृत और पंजीरी का प्रसाद वितरित किया गया। इस दौरान पुलिस प्रशासन भी विभिन्न प्रमुख स्थानों पर मुस्तैद रहा।



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