![]()
वृंदावन के प्रसिद्ध श्री रंगनाथ मंदिर में श्री कृष्ण जन्मोत्सव पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। इसके बाद शनिवार देर शाम को नंदोत्सव के अंतर्गत लट्ठे के मेले में पहलवानों ने जमकर अपने जौहर दिखाए। पचास फीट ऊंचे लट्ठे पर चढ़ने के लिए कड़ी मशक्कत कर रहे पहलवानों का श्रद्धालुओ ने भी खूब उत्साहवर्धन किया। उत्तर भारत के ख्यातिलब्ध श्री रंगनाथ मंदिर में शुक्रवार को रोहिणी नक्षत्र अनुसार श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव मनाया गया। श्री गोपाल जी के विग्रह का पंचामृत अभिषेक करने के बाद ठाकुर जी का श्रंगार कर झूले में विराजित किया। ठाकुर जी को झूला झुलाने के लिए भक्तो में उत्साह देखा गया। पहलवानों ने दिखाया दमखम शनिवार देर शाम को नंदोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। करीब पौने दो सौ वर्षो से चली आ रही परंपरानुसार ऐतिहासिक लट्ठे के मेले में अंतर्यामी अखाड़े के पहलवानों द्वारा ठाकुर रंगनाथ भगवान के आशीर्वाद से पचास फीट ऊंचे चिकने लट्ठे पर चढ़ने का जौहर दिखाया जाता है। शनिवार की सांय मुहूर्तानुसार मुरली धारण किए ठाकुर रंगनाथ भगवान कदंब के वृक्ष पर विराजित होकर रथ में सवार होकर मंदिर के पश्चिमी द्वार पर पहुंचे। करीब दर्जन भर से अधिक पहलवानों ने ठाकुर जी का आशीर्वाद लेकर विविध प्रकार के मिश्रण से चिकने किए गए खंबे पर चढ़ने की प्रकिया शुरू की। इधर जैसे ही पहलवान एक दूसरे के कंधे पर सवार होकर ऊपर चढ़ते, मंच पर बैठे मंदिर के सेवक तेल मिश्रित पानी की बौछार कर उसे ऊपर चढ़ने से रोकते। लगभग चालीस मिनट से अधिक समय तक यही क्रम चलता रहा। जिसका हजारों श्रद्धालुओं ने जमकर लुत्फ उठाया। इसके बाद पहलवानों ने एक बार फिर ठाकुर रंगनाथ भगवान की जय कार करते हुए चढ़ाई शुरू कर दी। और मचान पर चढ़ने में सफल हो गए। पहलवानों को किया सम्मानित मंदिर प्रबंधन की तरफ से पहलवानों को ठाकुर जी के प्रसाद स्वरूप नारियल,विजय पताका व उत्तरीय ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मंदिर के स्वामी रघुनाथ,स्वामी पुरुषोत्तम,चौबे स्वामी, रंगा स्वामी,चंद्रपानी मिश्रा, अनघा श्रीनिवासन, आर कृष्णन तिरुपति राव,शरद शर्मा,लखन लाल पाठक आदि के अलावा पहलवान राधाकृष्ण,सुरेश सिंह,हरिमोहन सिंह,पवन सिंह,गिरधारी,जगदीश,चंद्रपाल,योगेश,अरुण,सुखदेव,सोनू,सुरेश,रतन,अरुण,हरेंद्र,अनुराग आदि मौजूद रहे।
Source link
मथुरा में रंगनाथ मंदिर में नंदोत्सव का आयोजन:50 फीट ऊंचे लट्ठे पर चढ़े पहलवान, भगवान के जयकारों से गूंजा परिसर
