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बिजली बिल की शिकायतों को लेकर प्रशासन एक्शन मोड में:चंडीगढ़ में जल्दी करेंगे मीटिंग, कमेटी की मंजूरी के बिना नहीं बढ़ेंगी बिजली की दरें




चंडीगढ़ में बिजली बिल की शिकायतों को लेकर प्रशासक गुलाब चंद कटारिया खुद एक्शन मोड में आ गए हैं। वह जल्दी ही इस मामले में मीटिंग करने जा रहे हैं। यह बात उन्होंने एक सार्वजनिक प्रोग्राम में मीडिया से कही है। वहीं, उन्होंने कहा कि बिजली बिल की दरें बढ़ाने के लिए बाकायदा एक कमेटी बनी हुई है। कमेटी तय करेगी, तभी बिल की दरें बढ़ाई जा सकती हैं।
खुद महसूस किया बिजली बिल की शिकायतें आईं प्रशासक ने बताया कि कंपनी के साथ बिजली वितरण को लेकर एमओयू हुआ है। ट्रांसफर भी बदले हैं। लेकिन मैंने महसूस किया है कि बिजली बिल को लेकर शिकायतें आ रही हैं। हम इनके साथ बैठकर चर्चा करेंगे। जल्दी ही इस मामले में मीटिंग करेंगे और इन शिकायतों का निपटारा भी करेंगे। बिजली की दरों पर सबसे ज्यादा बिजली पर निर्भरता होती है। आज चाहे अस्पताल हो या पढ़ाई, हर चीज के लिए बिजली जरूरी है। आजकल व्यक्ति किसी और चीज के रुकने से रुक सकता है, लेकिन अगर बिजली की सप्लाई रुक जाती है तो काफी दिक्कत होती है। उम्मीद है कि बिजली व्यवस्था में और सुधार होगा। प्रोजेक्ट को लेकर डर हमारे मन में भी था चंडीगढ़ देश का पहला शहर है, जहां बिजली वितरण का काम प्राइवेट सेक्टर को दिया गया था। जब हमने यह काम उन्हें सौंपा था तो हमारे मन में भी डर था। जनता के मन में भी अविश्वास था। मुलाजिम तो नाराज थे। उन्हें समझाया गया कि आपको किसी तरह की हानि नहीं होगी। इसके बाद फरवरी 2025 में हमने प्रोजेक्ट शुरू किया। अब तक बिजली वितरण को लेकर कोई बड़ी शिकायत नहीं आई। कभी-कभी कुछ शिकायतें जरूर आई हैं। देश के प्रधानमंत्री ने यह प्रोजेक्ट हमें दिया था। हमने इन्हें (कंपनी को) कहा था कि अगर आप असफल हो जाएंगे तो पावर जेनरेशन भी असफल हो जाएगा। हिंदुस्तान में यह पहला प्रयोग हम ही कर रहे हैं। पीयू जैसे हादसे अब नहीं होंगे जब ऊपर तार चलते हैं तो कई तरह के फॉल्ट आ सकते हैं। बिजली जाने और उसे रिस्टोर करने में समय लगता है। लेकिन अब लाइन को अंडरग्राउंड किया जा रहा है। चार लाइनों से अपने सेंटर को जोड़ दिया गया है। मान लीजिए किसी एक लाइन में फॉल्ट आ जाए तो कम से कम असर पड़ेगा। वहीं, तारें बाहर रहने की वजह से नुकसान भी होते हैं। कुछ समय पहले पंजाब यूनिवर्सिटी की एक बच्ची की करंट लगने से मौत हो गई थी। कंपनी ने 18 किलोमीटर की लाइन को 12 करोड़ रुपये खर्च कर बदलना है। उम्मीद है कि इससे बिजली व्यवस्था में और सुधार होगा।



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