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झज्जर नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल 33वें दिन भी जारी रही। कर्मचारियों को ड्यूटी पर लौटने के लिए नोटिस जारी किए जाने के बाद विवाद और बढ़ गया है। कर्मचारियों का आरोप है कि उनके घरों पर नोटिस पहुंचाए गए, लेकिन उन्होंने नोटिस लेने से इनकार कर दिया और उसकी रिसीविंग भी नहीं दी। नोटिस के विरोध में सफाई कर्मचारियों ने अंबेडकर चौक तक विरोध मार्च निकाला। कर्मचारियों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए स्पष्ट किया कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। CJP की ट्रेनिंग के बाद सोशल मीडिया पर भी तेज हुआ आंदोलन हाल ही में सफाई कर्मचारियों के समर्थन में CJP की टीम झज्जर पहुंची थी। CJP पदाधिकारियों ने कर्मचारियों को सोशल मीडिया के जरिए अपनी मांगों और आंदोलन की आवाज जनता व सरकार तक पहुंचाने की ट्रेनिंग दी थी। इसके बाद कर्मचारियों ने सोशल मीडिया पर भी अपनी मांगों को लेकर सक्रियता बढ़ाई। 13 मई के समझौते को लागू करने की मांग कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में 13 मई 2026 को सरकार और संघ के बीच हुए समझौते को लागू करना, फरीदाबाद अग्निकांड में जान गंवाने वाले कर्मचारियों के परिवारों को आर्थिक सहायता, मृत कर्मचारियों के आश्रितों को नौकरी, वर्ष 2014 में हटाए गए 61 कर्मचारियों को दोबारा ड्यूटी पर लेना, ठेका प्रथा खत्म करना और जोखिम भत्ता समेत अन्य मांगें शामिल हैं। हड़ताल तीन दिन और बढ़ी नोटिस के विरोध और मांगों को लेकर कर्मचारियों ने आंदोलन को तीन दिन और बढ़ाने का फैसला किया है। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों का समाधान नहीं होता, हड़ताल जारी रहेगी। अब देखना होगा कि नोटिस के बाद प्रशासन और सफाई कर्मचारियों के बीच गतिरोध खत्म होता है या आंदोलन आगे और लंबा खिंचता है।
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झज्जर CJP की ट्रेनिंग के बाद सफाई कर्मचारियों को नोटिस:कर्मचारियों ने लेने से किया इनकार, 33 दिन से हड़ताल पर कर्मचारी, नोटिस के विरोध में निकाला मार्च; आंदोलन 3 दिन और बढ़ा
