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शिवपुरी जिले में साइबर फ्रॉड में इस्तेमाल हो रही फर्जी सिम के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की है। ऑपरेशन फास्ट 2.0 के तहत भौंती और मायापुर थाना पुलिस ने जांच के बाद तीन लोगों के खिलाफ अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं। राज्य साइबर पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देश पर जिले में संदिग्ध सिम कार्ड और उन्हें जारी करने वाले एजेंटों की जांच की जा रही है। जांच में सामने आया कि कुछ सिम का इस्तेमाल साइबर अपराधों में किया गया। इसी आधार पर पुलिस ने सिम धारकों और सिम जारी करने वाले एजेंट के खिलाफ कार्रवाई की है। पुलिस अधिकारी बनकर 12,520 रुपए की ठगी भौंती थाना पुलिस को साइबर पोर्टल के जरिए ठगी की शिकायत मिली थी। राजस्थान के डीडवाना-कुचामन सिटी निवासी किशनलाल पुत्र मदनलाल ने शिकायत में बताया कि उन्हें दो मोबाइल नंबरों से फोन आया था। कॉल करने वालों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताया और एफआईआर दर्ज होने का डर दिखाया। इसके बाद आरोपियों ने किशनलाल से 12,520 रुपए फीनो पेमेंट्स बैंक के खाते में ट्रांसफर करा लिए। पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मोबाइल नंबरों की जांच की तो ठगी में इस्तेमाल किए गए नंबर 7067915249 और 6267266154 के सिम धारक ग्राम महोबा डामरौन निवासी राहुल जाटव पुत्र तुलाराम जाटव और भानुप्रताप जाटव पुत्र प्रभुदयाल जाटव पाए गए। दो सिम धारकों पर मामला दर्ज भौंती थाना पुलिस ने राहुल जाटव और भानुप्रताप जाटव के खिलाफ धारा 318(4), 319(2) बीएनएस और 66(D) आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस दोनों मामलों की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन सिम का इस्तेमाल साइबर ठगी में किस तरह किया गया। मायापुर में एजेंट ने दूसरे व्यक्ति को दे दी सिम इसी अभियान के तहत मायापुर थाना पुलिस ने फर्जी तरीके से सिम जारी करने के मामले में एयरटेल स्टोर मायापुर के एजेंट पवन कुमार लोधी के खिलाफ भी केस दर्ज किया है। पुलिस को मिली एक एक्सेल शीट की जांच में POS कोड 8085309715 के तहत पवन कुमार लोधी द्वारा जारी की गई एक सिम साइबर फ्रॉड से जुड़ी मिली। जांच में सिम नंबर 7898219481 रेखा पत्नी हल्के आदिवासी, निवासी ग्राम पड़ोरा के नाम पर दर्ज पाया गया। पुलिस ने रेखा से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि उन्होंने यह सिम कभी खरीदी ही नहीं थी और न ही उनके परिवार के किसी सदस्य ने इसका इस्तेमाल किया। दस्तावेज लेकर एक्टिवेट की सिम पुलिस ने सिम जारी करने की प्रक्रिया और संबंधित दस्तावेजों की जांच की। पुलिस के अनुसार प्रथम दृष्टया सामने आया कि पवन कुमार लोधी ने ग्राहक के दस्तावेज लेकर उसके नाम से सिम एक्टिवेट की और उसे किसी दूसरे व्यक्ति को दे दिया। बाद में इसी सिम का इस्तेमाल साइबर अपराध में किया गया। जांच में इस सिम से कुल 13,040 रुपए की धोखाधड़ी सामने आई। मायापुर पुलिस ने पवन कुमार लोधी के खिलाफ धारा 318(4) बीएनएस, 66(C) आईटी एक्ट और दूरसंचार अधिनियम 2023 की धारा 42(3)(E) व 42(6) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
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फर्जी सिम के खिलाफ ऑपरेशन फास्ट 2.0 में कार्रवाई:शिवपुरी के भौंती और मायापुर पुलिस ने 3 लोगों पर की FIR
