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बिहार अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण पदाधिकारी संघ (बिसवा) ने अररिया में प्रशासनिक अधिकारियों को सात सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन बिहार सरकार के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के मंत्री और सचिव के नाम भेजा गया है। ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में संघ के प्रदेश संयुक्त सचिव और भरगामा के प्रखंड कल्याण पदाधिकारी नरेश कुमार शामिल थे। इनके साथ अररिया के प्रवीण कुमार, पलासी के प्रिंस कुमार, सिकटी के मनीष भारद्वाज, रानीगंज के कैसर आलम जैसे प्रखंड कल्याण पदाधिकारी भी थे। कई समस्याओं से जूझ रहे – संघ अररिया के अनुमंडल कल्याण पदाधिकारी रंजीत कुमार वर्मा और फारबिसगंज के बसंत कुमार सिंह भी इस दल में मौजूद थे। यह ज्ञापन अररिया के जिला पदाधिकारी, उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी और जिला कल्याण पदाधिकारी को दिया गया। संघ ने बताया कि बिहार की करीब 20 प्रतिशत अनुसूचित जाति और जनजाति आबादी के विकास का काम करने वाले प्रखंड और अनुमंडल कल्याण अधिकारी कई समस्याओं से जूझ रहे हैं। उनके पास जरूरी संसाधन नहीं हैं और योजनाओं की कमी है, जिससे वे खुद को बेबस महसूस करते हैं। काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन की चेतावनी विभाग से बार-बार अनुरोध करने के बाद भी अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। संघ ने साफ कहा है कि अगर विभाग ने उनकी मांगों पर जल्द कोई फैसला नहीं लिया, तो कल्याण संवर्ग के सभी अधिकारी 11 सितंबर 2026 (शुक्रवार) को काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। वे इस दौरान भी अपना काम करते रहेंगे। अगर इसके बाद भी उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो संघ सामूहिक छुट्टी पर जाने के साथ आंदोलन की घोषणा करेगा।
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कल्याण अधिकारी संघ ने 7 पॉइंट का मेमोरैंडम सौंपा:अररिया में मांगें नहीं मानने पर 11 सितंबर को प्रोटेस्ट की चेतावनी
